GIS से पहले CS ने कसा शिकंजा, अब प्रस्ताव नहीं जमीन पर उतरेगा निवेश

Ramanand Tiwari | Aug 16, 2026, 21:57 IST
Share
GIS से पहले CS ने कसा शिकंजा
Photograph: (THESOOTR)

BHOPAL. मध्यप्रदेश में अगली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों का फोकस अब सिर्फ नए निवेश प्रस्ताव जुटाने पर नहीं है। मुख्य सचिव स्तर पर विभागों की रणनीति, पुरानी परियोजनाओं की प्रगति और निवेश की राह में अड़चनों की समीक्षा होगी।

ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...

  • GIS की तैयारी अब CS स्तर पर होगी।
  • हर विभाग अपनी निवेश रणनीति पेश करेगा।
  • पुराने निवेश प्रस्तावों की प्रगति जांची जाएगी।
  • बड़ी परियोजनाओं की अड़चनें खोजी जाएंगी।
  • नए निवेश से पहले भरोसा मजबूत करने पर जोर।
मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने की अगली कवायद अब सीधे मुख्य सचिव स्तर पर पहुंचती दिख रही है। भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले सभी प्रमुख विभागों को अपने-अपने सेक्टर की निवेश रणनीति तैयार करने के निर्देश मिले हैं।

जल्द ही वरिष्ठ अधिकारी मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के सामने पूरा खाका रखेंगे। इस बार फोकस सिर्फ नए MoU जुटाने पर नहीं, बल्कि पुराने निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने और उनकी अड़चनें दूर करने पर है।

इस बार GIS का असली टेस्ट MoU नहीं

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में बड़े निवेश प्रस्तावों की घोषणा होना नई बात नहीं है। असली चुनौती हमेशा यह रही है कि घोषणा के बाद परियोजना जमीन पर कब उतरती है।

इसी बिंदु को सरकार इस बार अपनी निवेश रणनीति का केंद्र बनाती दिख रही है। मुख्य सचिव स्तर पर होने वाली समीक्षा में विभागों से सिर्फ संभावनाएं नहीं, बल्कि यह भी पूछा जाएगा कि निवेश को वास्तविक परियोजना में बदलने के लिए क्या करना होगा।

CS के सामने विभागों का होगा पूरा रोडमैप

एसएस कार्यालय से मिले निर्देशों के बाद संबंधित विभाग अपने-अपने सेक्टर की तैयारी में जुटे हैं। उद्योग से लेकर पर्यटन, ऊर्जा, खनन, शिक्षा, शहरी विकास, रियल एस्टेट और MSME जैसे क्षेत्रों पर अलग-अलग रणनीति तैयार की जा रही है।

प्रस्तुतीकरण में निवेश की संभावनाओं के साथ जमीन, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतिगत जरूरतों और संभावित अड़चनों का भी आकलन किया जाएगा।

पुराने MoU अब नई परीक्षा में

सरकार पिछली इन्वेस्टर्स समिट से जुड़े निवेश प्रस्तावों और बड़ी परियोजनाओं की स्थिति भी देख रही है। किस परियोजना ने रफ्तार पकड़ी, कौन सी अटकी है और कहां विभागीय या नीतिगत बाधा है इन सवालों पर फोकस रहेगा।

यही बदलाव इस पूरी कवायद को सामान्य GIS तैयारी से अलग बनाता है। सरकार के सामने चुनौती सिर्फ नया निवेश लाना नहीं, बल्कि पुराने वादों को भी परिणाम में बदलना है।

पर्यटन में निवेश का नया दांव

पर्यटन विभाग होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे, इको-टूरिज्म और वाइल्डलाइफ पर्यटन जैसी संभावनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। वॉटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों को भी निजी निवेश से जोड़ने की संभावनाएं तलाशने पर जोर रहेगा। लक्ष्य सिर्फ पर्यटक बढ़ाना नहीं, बल्कि पर्यटन स्थलों के आसपास निवेश और रोजगार का नेटवर्क तैयार करना है।

ग्रीन एनर्जी और खनन पर भी बड़ा फोकस

सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को निवेश के बड़े क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है। खनन क्षेत्र में उपलब्ध खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग और खनिज आधारित उद्योगों के विस्तार पर भी रणनीति तैयार की जा रही है।

शहरों से बाहर निवेश का दायरा बढ़ाने की कोशिश

शहरी विकास के मोर्चे पर भोपाल और इंदौर के अलावा नए शहरी क्षेत्रों में निजी निवेश की संभावनाएं तलाशने पर जोर है। आवास, सड़क, कनेक्टिविटी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं में निजी पूंजी लाने की योजना पर विभाग अपना खाका तैयार कर रहे हैं।

असल सवाल: निवेश आएगा या सिर्फ आंकड़ा बढ़ेगा?

मुख्य सचिव स्तर की यह कवायद इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि निवेश सम्मेलन की सफलता का पैमाना केवल घोषित राशि नहीं हो सकता। अगर पुरानी परियोजनाओं की अड़चनें दूर होती हैं, नए निवेशकों को जमीन और मंजूरी मिलती है और विभाग समयबद्ध तरीके से काम करते हैं, तभी निवेश का असर दिखेगा।

इस बार सरकार की असली परीक्षा GIS के मंच पर नहीं, बल्कि उसके बाद शुरू होगी- कितने प्रस्ताव कागज से निकलकर जमीन पर परियोजना बनते हैं, यही निवेश मॉडल की सबसे बड़ी कसौटी होगी।

ये खबरें भी पढ़ें...

मालिनी गौड़ बोलीं- लखन दादा की अयोध्या, महापौर बोले- कैलाशजी भी यहां विधायक रह चुके

जमीन विवाद में धमकी के बाद ASI ने की फायरिंग, एक की मौत, 3 भाई घायल

लैब असिस्टेंट मोबाइल पर दिखाता था अश्लील फोटो, दीवार फांद स्कूल से भागी छात्राएं

MP में कम्प्यूटर ऑपरेटरों के लिए नया आदेश, 30 दिन में देनी होगी CPCT परीक्षा



Tags:
  • मध्यप्रदेश में निवेश
  • ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
  • मुख्य सचिव
  • पर्यटन विभाग
  • MSME
  • अशोक बर्णवाल
पूर्व MLA अतर सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी मुकेश फौजी गिरफ्तार, दो साल से लीज के खिलाफ दे रहा था धरना

By Saurabh Mishra

पूर्व MLA अतर सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी मुकेश फौजी गिरफ्तार, दो साल से लीज के खिलाफ दे रहा था धरना
डॉन अबू सलेम, आतंकवादी कसाब, एक्टर संजय दत्त के केस पर पूर्व शासकीय वकील निकम ने खोले राज

By Sanjay Gupta

डॉन अबू सलेम, आतंकवादी कसाब, एक्टर संजय दत्त के केस पर पूर्व शासकीय वकील निकम ने खोले राज
सीकर में ASI ने पंचायती राज चुनाव लड़ने के लिए छोड़ी पुलिस की नौकरी, 13 साल सर्विस थी बाकी

By Ashish Bhardwaj

सीकर में ASI ने पंचायती राज चुनाव लड़ने के लिए छोड़ी पुलिस की नौकरी, 13 साल सर्विस थी बाकी
छत्तीसगढ़ में CAT की स्थायी बेंच बनाने की मांग, हाईकोर्ट ने केंद्र से 3 सप्ताह में मांगा जवाब

By Harrison Masih

छत्तीसगढ़ में CAT की स्थायी बेंच बनाने की मांग, हाईकोर्ट ने केंद्र से 3 सप्ताह में मांगा जवाब
पहले मंत्री विजयवर्गीय की बैठक में नहीं गईं विधायक मालिनी गौड़, फिर उनकी ही विधानसभा में उठाया पानी की किल्लत का मुद्दा

By Sanjay Gupta

पहले मंत्री विजयवर्गीय की बैठक में नहीं गईं विधायक मालिनी गौड़, फिर उनकी ही विधानसभा में उठाया पानी की किल्लत का मुद्दा
Rajasthan School Exam: अब 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक होंगी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं, CBA भी इसी अवधि में

By Jageshwar prasad

Rajasthan School Exam: अब 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक होंगी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं, CBA भी इसी अवधि में
नर्सिंग ऑफिसर की हत्या कर मगरमच्छों वाली नदी में फेंका शव, लिव-इन पार्टनर ने रची साजिश, फिर दर्ज कराई गुमशुदगी

By Manya Jain

नर्सिंग ऑफिसर की हत्या कर मगरमच्छों वाली नदी में फेंका शव, लिव-इन पार्टनर ने रची साजिश, फिर दर्ज कराई गुमशुदगी