एमपी के सरकारी अस्पतालों में शिशु वार्डों में गड़बड़ी, सप्लायर ने वॉर्मर उपकरणों के साथ यूपीएस की जगह थमाए इन्वर्टर
Sanjay Sharma | Jan 22, 2026, 12:07 IST
mp government hospital armer ups inverter scam
7 करोड़ के वॉर्मर टेंडर में यूपीएस की जगह इन्वर्टर सप्लाई होने से एनएचएम विवादों में है। हमीदिया अस्पताल की आपत्ति के बाद प्रदेश भर से शिकायतें आ रही हैं। टेंडर उल्लंघन के बावजूद एनएचएम ने अब तक फर्म पर कोई कार्रवाई नहीं की है और जांच भी अधूरी है।
News in Short
- NHM यानी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जरिए सरकारी अस्पताल के शिशु वार्ड के लिए वॉमर्र उपकरणों की खरीदी की गई है।
- वॉर्मर चलाने के लिए यूपीएस की जरूरत होती है। इन्वर्टर की बैटरी की गैस और स्पार्किंग से खतरा हो सकता है।
- टेंडर की शर्तों में भी यूपीएस का प्रावधान किया गया था। दिसम्बर में सप्लाई के बाद भी एनएचएम चुप्पी साधे रहा।
- वॉर्मर उपकरणों के साथ इन्वर्टर सप्लाई पर हमीदिया अस्पताल प्रबंधन ने आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद मामला सामने आया है।
- टेंडर की शर्तो की अनदेखी के बावजूद एनएचएम की चुप्पी पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके बाद जांच के आदेश दिए गए हैं।
News in Detail
एनएचएम ने वॉर्मर उपकरणों की खरीदी के लिए टेंडर जारी किए थे। इसके तहत 900 वॉर्मर और उन्हें चलाने वाले यूपीएस सप्लाई किए जाने थे। ये उपकरण प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के शिशु वार्ड में लगाए जाने हें।
एनएचएम के लिए टेंडर प्रक्रिया से लेकर सप्लाई की प्रक्रिया मध्य प्रदेश हेल्थ सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पूरी की थी। हमीदिया अस्पताल के शिशु विभाग ने इन्वर्टर सप्लाई के बाद वॉर्मर उपकरणों की खरीदी पर सवाल खड़े करते हुए एनएचएम को पत्र भेजा है।
इसमें 10 से ज्यादा वॉर्मर उपकरण क्षतिग्रस्त होने का भी उल्लेख किया गया है। इसके बाद एनएचएम और एमपीएचएससीएल के अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
टेंडर की शर्तों का उल्लंघन कर हुई सप्लाई
वॉर्मर के साथ यूपीएस की डिमांड इसलिए की गई थी क्योंकि यूपीएस का वजन कम होता है। उसमें बैटरी से गैस या स्पार्किंग का खतरा भी नहीं होता। वहीं इन्वर्टर सस्ता लेकिन भारी होने के साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से भी शिशु वार्ड के लिए उपयोगी नहीं माना जाता।
इन्वर्टर सप्लाई से फर्म को लाखों रुपए की बचत हुई जबकि सरकार को नुकसान हुआ था। इसके बावजूद सप्लाई को अनदेखा किया गया था। पत्र के जरिए मामला सामने आने पर एनएचएम डायरेक्टर सलोनी सिडाना ने जांच के आदेश दिए हैं।
कफ सिरप मामले में भी घिरा था कॉर्पोरेशन
कफ सिरप की वजह से कई बच्चों की जान चली गई थी। वह मामला अब तक थमा नहीं है। अब अस्पतालों के शिशु वार्ड को वॉर्मर उपकरण सप्लाई में गड़बड़ी ने फिर कॉर्पोरेशन को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
अब आगे क्या
टेंडर प्रक्रिया, फर्म के चयन और सप्लाई की निगरानी का दायित्व कॉर्पोरेशन का था। मिशन को सप्लाई में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। जांच कराई जा रही है। इसमें जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई तय करेंगे।
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