एमपी की सड़कों पर नहीं दिखेंगी 15 साल पुरानी बसें, हाईकोर्ट ने ऑपरेटरों की उम्मीदों पर फेरा पानी
Aman Vaishnav | Apr 10, 2026, 11:42 IST
mp high court bans 15 year old buses news
हाईकोर्ट ने यात्रियों और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब जो भी बस 15 साल पुरानी होगी वो सड़कों पर दौड़ती नजर नहीं आएंगी। बड़ी बात ये है कि प्रदेश में 800 से ज्यादा बसें 15 साल पुरानी पाई गई हैं।
मध्यप्रदेश की सड़कों पर दौड़ रही पुरानी और खटारा बसों का सफर अब खत्म होने वाला है। हाईकोर्ट के एक बड़े फैसले ने बस ऑपरेटरों को तगड़ा झटका दिया है। अब यात्रियों को सुरक्षित और आधुनिक बसों में सफर करने का मौका मिलेगा। सरकार ने प्रदूषण और हादसों को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया है।
मध्यप्रदेश में अब 15 साल पुरानी बसों को सड़कों पर चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी। प्रदेश में ऐसी 899 बस हैं जिनका अब सड़क से बाहर होना तय हो गया है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार 09 अप्रैल को राज्य सरकार के 14 नवंबर 2025 के आदेश को पूरी तरह सही ठहराया है। इस आदेश के तहत 15 साल से पुरानी कमर्शियल बसों पर रोक लगा दी गई थी।
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जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने बस ऑपरेटरों की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि राज्य सरकार को परिवहन नीति बनाने और जनता के भले के लिए फैसले लेने का पूरा अधिकार है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि जब नियमों में बदलाव पहले ही वैध ठहराया जा चुका है, तो उस पर आधारित प्रशासनिक आदेश को अवैध नहीं कहा जा सकता।
यात्रियों की सुरक्षा और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए सरकार को स्टेज कैरिज परमिट से जुड़े नीतियां बनाने का अधिकार है। कोर्ट ने इस मामले में फैसला 27 फरवरी को सुरक्षित किया था और गुरुवार को उसे सुनाया।
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वहीं बस ऑपरेटरों का कहना था कि उनकी बसें पूरी तरह से फिट हैं। उनके पास परमिट भी मौजूद है। इसके बाद परिवहन विभाग ने राज्यभर में 15 साल पुरानी 899 बसों की एक लिस्ट बनाई। साथ ही इनकी परमिट रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके बाद बस ऑपरेटरों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कई बस ऑपरेटरों ने इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थी।
साथ ही बस ऑपरेटर्सने ये भी कहा कि उनके पास सभी जरूरी दस्तावेज हैं। जैसे वैध फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट। उन्होंने यह भी बताया कि सभी याचिकाकर्ताओं के पास वैध स्टेज कैरिज परमिट हैं।
समय पर इनका नवीनीकरण भी कराया गया है। इसके अलावा फिटनेस सर्टिफिकेट और टैक्स भी नियमित तौर पर जमा किए गए हैं। उनका तर्क था कि 15 साल की सीमा नए परमिट पर लागू होनी चाहिए, पुराने परमिट पर नहीं।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपमहाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली मौजूद थे। उन्होंने कोर्ट को बताया कि 27 दिसंबर 2022 के संशोधन को पहले ही चुनौती दी जा चुकी है।
12 मार्च 2026 को डिवीजन बेंच ने इस संशोधन को वैध ठहराया था। अब जो आदेश दिया गया है वह उसी संशोधन का नतीजा है, इसलिए इसे अलग से चुनौती नहीं दी जा सकती।
राज्य सरकार ने 14 नवंबर 2025 को एक आदेश जारी किया था। इसमें 15 साल पुरानी व्यावसायिक वाहनों (खासकर बसों) को सड़कों से हटाने का आदेश दिया गया था। फिलहाल प्रदेश में 899 ऐसी बसें चल रही हैं जो इस आयु सीमा से बाहर हो चुकी हैं।
15 साल से पुरानी बसों में ब्रेक, बॉडी, इंजन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इनकी वजह से हादसों का खतरा बढ़ता है। इन बसों के संचालन पर रोक लगने से हादसों का खतरा कम होगा।
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15 साल पुरानी बसों पर पाबंदी
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार 09 अप्रैल को राज्य सरकार के 14 नवंबर 2025 के आदेश को पूरी तरह सही ठहराया है। इस आदेश के तहत 15 साल से पुरानी कमर्शियल बसों पर रोक लगा दी गई थी।
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यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहले
कोर्ट ने यह भी कहा कि जब नियमों में बदलाव पहले ही वैध ठहराया जा चुका है, तो उस पर आधारित प्रशासनिक आदेश को अवैध नहीं कहा जा सकता।
यात्रियों की सुरक्षा और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए सरकार को स्टेज कैरिज परमिट से जुड़े नीतियां बनाने का अधिकार है। कोर्ट ने इस मामले में फैसला 27 फरवरी को सुरक्षित किया था और गुरुवार को उसे सुनाया।
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बस ऑपरेटरों का क्या तर्क?
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नए परमिट पर लागू हो नियम
समय पर इनका नवीनीकरण भी कराया गया है। इसके अलावा फिटनेस सर्टिफिकेट और टैक्स भी नियमित तौर पर जमा किए गए हैं। उनका तर्क था कि 15 साल की सीमा नए परमिट पर लागू होनी चाहिए, पुराने परमिट पर नहीं।
संशोधन को चुनौती नहीं दी जा सकती
12 मार्च 2026 को डिवीजन बेंच ने इस संशोधन को वैध ठहराया था। अब जो आदेश दिया गया है वह उसी संशोधन का नतीजा है, इसलिए इसे अलग से चुनौती नहीं दी जा सकती।
राज्य सरकार ने 14 नवंबर 2025 को एक आदेश जारी किया था। इसमें 15 साल पुरानी व्यावसायिक वाहनों (खासकर बसों) को सड़कों से हटाने का आदेश दिया गया था। फिलहाल प्रदेश में 899 ऐसी बसें चल रही हैं जो इस आयु सीमा से बाहर हो चुकी हैं।
क्या था सरकार का आदेश
- 15 साल से ज्यादा पुरानी सभी कमर्शियल बसों पर रोक, परमिट स्वतः रद्द किए जाएंगे, चाहे फिटनेस पास हो।
- ऑपरेटरों को पुरानी बसें हटाने और नई बसें लाने के लिए समय दिया गया।
- पुरानी बसों के परमिट की जगह नई या कम उम्र की बसों की जरूरत।
- बसें भारत स्टेज बीएस-6 मानकों के साथ होनी चाहिए।
हादसों का खतरा होगा कम
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