सिविल जज की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए MP High Court की बड़ी पहल

Neel Tiwari | Jan 28, 2026, 22:10 IST
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mp high court civil judge free training program
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जबलपुर न्यायिक अकादमी ने सिविल जज भर्ती परीक्षा के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। यह पहल SC, ST सहित अन्य वर्गों के युवाओं के जज बनने के सपने को पूरा करेगी।

MP News:न्यायिक सेवा में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) की ओर से एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल की गई है। मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी (MPSJA), जबलपुर द्वारा सिविल जज (जूनियर डिवीजन – प्रवेश स्तर) परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों और अधिवक्ताओं के लिए एक विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम खास तौर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वर्ग के उम्मीदवारों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि उन्हें बेहतर मार्गदर्शन और सही दिशा मिल सके।

चीफ जस्टिस ने किया कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन

इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 27 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में जस्टिस विवेक रूसिया, जो कि हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश हैं, और जस्टिस विवेक अग्रवाल, जो मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी की गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष हैं, विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर न्यायिक शिक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

Madhya Pradesh State Judicial Academy
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ऐसी होगी क्लास... ऑनलाइन अटेंड कर सकेंगे

  • समय: सोमवार से शुक्रवार शाम 4 से 6.30 बजे तक ऑनलाइन क्लास चलेंगी। कहीं से भी अटेंड कर सकेंगे।
  • विषय: भारतीय संविधान, सिविल प्रक्रिया संहिता, नए आपराधिक कानून, सामान्य अंग्रेजी और कंप्यूटर नॉलेज।
  • मेंटर: प्रदेश के न्यायिक अधिकारी, सीनियर एडवोकेट और लॉ एक्सपर्ट क्लासेज लेंगे।
  • यहां कर सकते हैं आवेदन: www.mpsja.mphf.gov.in

सभी जिला और सेशन जजों को भेजा पत्र

राज्य न्यायिक अकादमी ने सभी जिला जजों को पत्र लिखा है। इसमें सिविल जज परीक्षा की तैयारी का जिक्र है। अकादमी वकीलों के लिए ट्रेनिंग का आयोजन करेगी। यह ट्रेनिंग एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए है। केवल पात्र वकील ही इसमें शामिल हो सकते हैं। वकालत का तीन साल का अनुभव होना जरूरी है। ट्रेनिंग लेने के इच्छुक वकील अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करवाएं। यह मौका जूनियर डिवीजन परीक्षा की तैयारी के लिए है। जज बनने का सपना देखने वालों के लिए यह अच्छी पहल है। जिला कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को फायदा होगा।

1078 अभ्यर्थियों की ऑनलाइन भागीदारी

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में हाईकोर्ट के जज, प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा अभ्यर्थी शामिल हुए। खास बात यह रही कि कुल 1,078 पंजीकृत प्रतिभागियों ने वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में भाग लिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।

चीफ जस्टिस का संदेश – सबको समान अवसर देना जरूरी अपने संबोधन में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने इस कार्यक्रम को समान अवसर देने की दिशा में एक मजबूत कदम बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी अभ्यर्थी की सफलता उसकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति पर नहीं, बल्कि उसकी मेहनत और सही मार्गदर्शन पर निर्भर करती है। Chief Justice (एजुकेशन न्यूज) ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का पंजीकरण यह दिखाता है कि युवा वर्ग न्यायिक सेवा में आकर समाज और न्याय व्यवस्था की सेवा करना चाहता है।

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा

इस उद्घाटन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन का उदाहरण देते हुए अभ्यर्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का भविष्य परिस्थितियों से नहीं, बल्कि उसके निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और मजबूत इच्छाशक्ति से तय होता है। उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा कि परीक्षा की तैयारी के दौरान धैर्य रखें और कठिनाइयों को सीखने का अवसर समझें।

न्यायाधीश बनना सिर्फ परीक्षा पास करना नहीं

जस्टिस संजीव सचदेवा ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि न्यायाधीश (mp civil judge exam) बनना केवल लिखित परीक्षा और इंटरव्यू पास करने तक सीमित नहीं है। इसके लिए निष्पक्ष सोच, संवेदनशीलता, ईमानदारी और जिम्मेदारी की भावना भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश का फैसला समाज पर गहरा प्रभाव डालता है, इसलिए न्यायिक सेवा में आने वाले हर व्यक्ति को मानवीय मूल्यों को समझना चाहिए।

अकादमी और नेतृत्व की सराहना

चीफ जस्टिस ने मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की खुलकर सराहना की। उन्होंने अकादमी के नेतृत्व, विशेष रूप से Justice विवेक अग्रवाल, को इस इंक्लूसिव और विजिनरी पहल के लिए बधाई दी। साथ ही उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से अपील की कि वे इस कार्यक्रम के तहत उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक संसाधनों का पूरा लाभ उठाएं।

कार्यक्रम से जुड़ी अहम जानकारियां

सिविल जज परीक्षा का पूरा पाठ्यक्रम शामिल

इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सिविल जज परीक्षा के लिए तय किया गया पूरा पाठ्यक्रम शामिल किया गया है। इसमें भारतीय संविधान, सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC), नए आपराधिक कानून, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, सामान्य अंग्रेज़ी और कंप्यूटर का सामान्य ज्ञान पढ़ाया जाएगा। पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि अभ्यर्थियों की बुनियाद मजबूत हो सके।

दो महीने तक चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम करीब दो महीने तक चलेगा। इस दौरान लगभग 110 शैक्षणिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विषयवार पढ़ाई कराई जाएगी और परीक्षा से जुड़े अहम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी।

ऑनलाइन माध्यम से होंगी सभी क्लासेस

कार्यक्रम की सभी कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएंगी। कक्षाएं सप्ताह के वीकडेज में शाम 4 बजे से 6:30 बजे तक होंगी, ताकि कामकाजी अभ्यर्थी और अधिवक्ता भी आसानी से इसमें शामिल हो सकें।

अनुभवी न्यायिक अधिकारी देंगे मार्गदर्शन

कार्यक्रम में अनुभवी न्यायिक अधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता और कानून के जानकार विशेषज्ञ पढ़ाएंगे। पढ़ाई के साथ-साथ केस लॉ पर चर्चा, व्यावहारिक उदाहरण और सवाल-जवाब के सत्र भी रखे गए हैं, जिससे अभ्यर्थियों को विषय की बेहतर समझ मिल सके।

पूरी जानकारी कहां मिलेगी

मध्य प्रदेश सिविल जज भर्ती परीक्षाका टाइम टेबल, तकनीकी जानकारी और अन्य विवरण जानने के लिए अभ्यर्थी मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी की आधिकारिक वेबसाइट www.mpsja.mpht.gov.in पर विज़िट कर सकते हैं।

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