दिल्ली होटल हादसे से एमपी को सबक लेने की जरूरत, जंग खा रहे इमारतों के फायर सिस्टम
Aman Vaishnav | Jun 04, 2026, 14:01 IST
mp highrise buildings fire safety issues indore bhopal
दिल्ली के होटल हादसे के बाद एमपी की हजार से ज्यादा हाईराइज इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। भोपाल छोड़कर किसी भी शहर के पास ऊंची इमारतों में आग बुझाने के साधन नहीं हैं।
समझें क्या है पूरा मामला...
- दिल्ली होटल हादसे के बाद एमपी में भी इमारतों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
- भोपाल नगर निगम के अलावा किसी के पास आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म नहीं है।
- मध्य प्रदेश की इन ऊंची इमारतों में लगे फायर सिस्टम जंग खा चुके हैं।
- इंदौर के फायर ब्रिगेड के पास एक भी हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म नहीं है।
- मध्य प्रदेश में आग लगने की घटनाओं में 35 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
राज्य की एक हजार से ज्यादा हाईराइज यानी 7 मंजिला से ऊंची इमारतों की सुरक्षा सवालों के घेरे में आ गई है।
चौंकाने वाली बात यह है कि भोपाल नगर निगम के अलावा राज्य के किसी भी नगरीय निकाय के पास 18 मंजिल की ऊंची इमारतों की आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तक नहीं है।
इन बहुमंजिला इमारतों में जो फायर सिस्टम लगाए गए थे, वे सिर्फ दिखावे के साबित हो रहे हैं। सालों से उनका कोई मेंटेनेंस नहीं हुआ है। न ही कभी कोई मॉकड्रिल की गई है। इसकी वजह से ये सारे सिस्टम अब जंग खा चुके हैं।
mp highrise buildings fire safety issues indore bhopal
इंदौर जैसे शहर में भी कोई इंतजाम नहीं
वहीं यहां के फायर ब्रिगेड के पास एक भी हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म नहीं है। सिर्फ भोपाल नगर निगम ही पूरे राज्य में ऐसा है जिसके पास 171 फीट ऊंचा हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मौजूद है। बाकी शहरों की हालत बेहद चिंताजनक है।
mp highrise buildings fire safety issues indore bhopal
एमपी में पिछले 6 सालों में लगीं बड़ी आग की घटनाएं
| तारीख और साल | शहर और जगह | आग और नुकसान | मौत |
| 18 मार्च 2026 | इंदौर (बृजेश्वरी एनेक्स) | आवासीय भवन में ईवी चार्जिंग के दौरान आग लगी। | 8 मौतें |
| 21 दिसंबर 2024 | देवास (नयापुरा) | एक आवासीय भवन में अचानक आग भड़क गई। | 4 मौतें |
| 1 अगस्त 2022 | जबलपुर (न्यू लाइफ अस्पताल) | अस्पताल में भीषण आग लगी, हाईकोर्ट ने सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए। | 8 मौतें |
| 7 मई 2022 | इंदौर (स्वर्णबाग कॉलोनी) | पार्किंग में खड़ी कार से आग भड़की और फैल गई। | 7 मौतें |
| 18 मई 2020 | ग्वालियर | पेंट की दुकान से आग शुरू हुई और ऊपर बने रिहायशी हिस्से तक पहुंच गई। | 7 मौतें |
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ रही भारी
इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। जब तक प्रशासन और इमारतों के मालिक समय पर फायर सिस्टम की जांच नहीं करेंगे, तब तक ऐसे हादसों का खतरा बना रहेगा।
भोपाल के होटलों और रेस्टोरेंट के हाल
जानकारी के अनुसार जब इनकी जांच की गई तो हैरान कर देने वाली बात सामने आई। जांच में 15 होटल‑रेस्त्रां देखे गए तो वहां सिर्फ 1 से 3 फायर एक्सटिंग्विशर मिले।
नियम के अनुसार हर 30 मीटर पर एक एक्सटिंग्विशर होना चाहिए। कई जगह दूसरा निकास भी नहीं मिला और कई रेस्टोरेंट‑किचन बेसमेंट में चल रहे थे।
सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि फायर एनओसी के नियम होने के बावजूद नगर निगम सीधे कार्रवाई नहीं कर सकता है।
ये खबरें भी पढ़िए...
आग का गोला बनी कांग्रेस विधायक योगेंद्र सिंह बाबा की कार, कूदकर बचाई जान
रतलाम में त्रिवेंद्रम राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में लगी आग, बाल-बाल बचे 68 यात्री
रायपुर स्टील प्लांट में भीषण आग, टर्बाइन लीकेज से हुआ हादसा
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari