भोपाल और उज्जैन संभाग के IAS और SAS अधिकारियों को विधायक ने घेरा, ये उठाया सवाल

Sanjay Gupta | Jul 22, 2026, 12:20 IST
Share
mp ias sas officers assembly questions
mp ias sas officers assembly questions

भोपाल और उज्जैन संभाग में पदस्थ IAS और SAS अधिकारियों पर अब तीखे सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने इन अधिकारियों को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव से विधानसभा में कई सवाल उठाए हैं।

भोपाल और उज्जैन संभाग में तैनात IAS और SAS अधिकारियों को लेकर कांग्रेस विधायक महेश परमार ने विधानसभा (एमपी विधानसभा का मानसून सत्र) में कई तीखे सवाल उठाए। तराना से विधायक परमार ने पूछा कि इन अधिकारियों पर कितने मामले दर्ज हैं और कितनों के खिलाफ अदालतों में कार्रवाई चल रही है।

उन्होंने इन सवालों का जवाब सीएम डॉ. मोहन यादव से मांगा। हालांकि सीएम ने सीधा जवाब देने के बजाय कूटनीतिक तरीके से अधिकारियों का बचाव किया।

c56c20e1-538
c56c20e1-538


परमार ने अधिकारियों पर यह सवाल पूछा

परमार ने पूछा (एमपी विधानसभा कांग्रेस विधायक सवाल) कि भोपाल और उज्जैन संभाग के सभी विभागों में जिला और मंत्रालय स्तर पर कितने IAS और SAS अधिकारी तैनात हैं। उन्होंने इन अधिकारियों के नाम, पद और जिम्मेदारियों की पूरी जानकारी मांगी।

इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि इनमें से कितने अधिकारियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट में अवमानना के मामले दर्ज हैं। किन अधिकारियों को दोषी माना गया और किन मामलों में अदालत ने सख्त टिप्पणी की, इसकी भी पूरी जानकारी और नोटशीट मांगी गई।

परमार ने यह भी सवाल उठाया कि अवमानना के दोषी अधिकारियों पर कोई विभागीय कार्रवाई हुई या नहीं। कार्रवाई नहीं हुई तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन है।

3f4f422a-01c
3f4f422a-01c


कितने IAS/SAS पर भ्रष्टाचार के केस दर्ज

परमार ने यह भी पूछा कि फिलहाल तैनात कितने अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, पुलिस थानों और अदालतों में आईपीसी, भ्रष्टाचार अधिनियम या दूसरे मामलों में केस दर्ज हैं। इनमें कितने अधिकारी दोषी पाए गए और कितने बरी हुए, इसकी भी जानकारी मांगी गई। साथ ही दागी अधिकारियों के नाम, पद और उन पर दर्ज मामलों का पूरा ब्योरा देने को कहा गया।

a3e3a41a-14e
a3e3a41a-14e


सीएम डॉ. मोहन यादव ने ऐसे किया बचाव

सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस मामले में अधिकारियों का कूटनीतिक अंदाज में बचाव किया है। उन्होंने यह कहकर जवाब दिया कि इन सभी सवालों की जानकारी एकत्र की जा रही है।

fcbf6537-37e
fcbf6537-37e


क्यों किया गया ऐसा

इन अधिकारियों की जानकारी जुटाना सरकार के लिए बहुत मुश्किल नहीं था। जीएडी के पास अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली के साथ उनके खिलाफ दर्ज मामलों का रिकॉर्ड भी रहता है। माना जा रहा है कि यदि यह जानकारी विधानसभा में रखी जाती तो कई अधिकारियों पर दर्ज केस और कोर्ट में चल रहे मामलों का खुलासा हो जाता। इससे प्रशासन की छवि पर असर पड़ सकता था।

भोपाल संभाग इस मामले में सबसे अहम है, क्योंकि वल्लभ भवन में कई बड़े अधिकारी महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं। वहीं उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह जिला है। ऐसे में विधायक महेश परमार ने दोनों संभागों के सैकड़ों अधिकारियों को सवालों के घेरे में ला दिया। मुख्यमंत्री ने सीधे जवाब देने के बजाय कूटनीतिक तरीके से अधिकारियों का बचाव किया।

ये खबरें भी पढ़ें…

सिंगरौली कोयला खदान पर विधानसभा में टकराव, हाथी कॉरिडोर को लेकर सरकार-विपक्ष आमने-सामने

UCC के नाम रहा विधानसभा का दूसरा दिन: कानून से ज्यादा प्रक्रिया पर भिड़े सत्ता और विपक्ष

मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC बिल पास, यूसीसी पारित करने वाला चौथा राज्य बना एमपी

नए विधानसभा भवन की फॉल सीलिंग गिरी, उपयोगिता प्रमाण पत्र पर भी सवाल

Tags:
  • सीएम डॉ. मोहन यादव
  • मोहन यादव
  • एमपी विधानसभा कांग्रेस विधायक सवाल
  • एमपी विधानसभा
  • महेश परमार
  • एमपी विधानसभा का मानसून सत्र
  • कांग्रेस विधायक महेश परमार
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज