इंदौर में भूमाफिया के केस में सरकारी वकील तैयार ही नहीं , जस्टिस बोले- इतने दिनों बाद केस लग रहा तैयारी से आना था
Sanjay Gupta | Jul 08, 2024, 18:09 IST
MP Indore land mafia case Court hearing
इंदौर में चर्चित भूमाफिया सहित अन्य केस में कई दिनों बाद सुनवाई हुई। इस दौरान मामले में सरकारी वकीलों की ढिलाई को लेकर कोर्ट ने अहम टिप्पणी की।
INDORE. इंदौर में चर्चित भूमाफिया चंपू उर्फ रितेश अजमेरा, उनके भाई नीलेश अजमेरा, पिता पवन अजमेरा, पत्नी योगिता अजमेरा, नीलेश की पत्नी सोनाली अजमेरा, हैप्पी धवन सहित अन्य केस में लंबे दिन बाद सोमवार को सुनवाई लगी। लेकिन इसमें शासकीय अधिवक्ता की ढिलाई के कारण मामला फिर आगे बढ़ गया।
जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की कोर्ट में यह केस सुनवाई के लिए लगा हुआ है। डेढ़ साल से इसकी सुनवाई चल रही है। सुबह ही जस्टिस ने स्पष्ट कर दिया था कि दोपहर साढ़े तीन बजे इस केस को सुनेंगे। लेकिन जब कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र गुप्ता से पूछा कि- बताओ सरकार का इनकी जमानत निरस्त करने के लिए क्या कहना है? इस पर गुप्ता फाइल में कागज ढूंढते रहे।
इस दौरान इसी केस से लिंक अन्य केस में सुनवाई चलती रही और गुप्ता दस्तावेज ही ढूंढते रहे। आखिर में जस्टिस को कहना पड़ा, आपके पास इसकी कॉपी नहीं है क्या? तैयारी से आना चाहिए था, इतने दिन बाद केस लग रहा है। गुप्ता कोई जवाब नहीं दे सके और फिर कोर्ट ने मामले को 10 जुलाई को सुनवाई के लिए आगे कर दिया।
ये खबर भी पढ़ें... NEET UG 2024 : नीट-यूजी में धांधली को लेकर 'सुप्रीम' टिप्पणी , कोर्ट ने कहा- दो छात्रों की गड़बड़ी से पूरी परीक्षा रद्द नहीं कर सकते
कोर्ट में सोमवार को लसूडिया थाने में फोनिक्स कॉलोनी को लेकर साल 2016 में दर्ज हुए क्राइम नंबर 526 को लेकर लगी याचिकाओं पर सुनवाई थी। इसमें अजमेरा परिवार के पांच सदस्य आरोपी है, जिसमें पिता पवन के साथ ही पुत्र चंपू, नीलेश व उनकी पत्नी योगिता व सोनाली आरोपी है। साथ ही इसमें कालिंदी गोल्ड के भी केस लग गए थे जिसमें हैप्पी धवन व अन्य आरोपी है, लेकिन इन्हें बाद में सुना जाएगा, पहले फोनिक्स के केस सुने जा रहे हैं।
ये खबर भी पढ़ें... Property Registry Online : बिना गवाह घर बैठे होगी रजिस्ट्री, भोपाल से हो रही है इसकी शुरुआत
इसी केस के साथ फिनिक्स और पेरेंटल ड्रग्स के लोन का केस भी लिंक कर दिया गया है। पेरेंटल ड्र्गस ने फिनिक्स को एक करोड़ का लोन दिया था जो नहीं चुकाने पर फिनिक्स डिफाल्ट हो गई और इस पर लिक्वीडेटर बैठ गया। बिना लिक्वीडेटर की मंजूर के फिनिक्स में अब रजिस्ट्री नहीं हो सकती है। लिक्वीडेटर ने पहले भी आपत्ति लगाकर रितेश उर्फ चंपू अजमेरा, सोनाली और नीलेश की शिकायत की है कि यह सहयोग नही कर रहे हैं और समन लौटा देते हैं और अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। वहीं चंपू के पक्ष का कहना है कि हमने सभी दस्तावेज लिक्वीडेटर को दे दिए हैं लेकिन वह सहयोग नहीं कर रहे हैं औऱ् रजिस्ट्री नहीं हो रही है। यह केस भी अब इसी के साथ लिंक हो गया है।
दस्तावेज ही खंगालते रहे अधिवक्ता, जस्टिस हुए नाराज
इस दौरान इसी केस से लिंक अन्य केस में सुनवाई चलती रही और गुप्ता दस्तावेज ही ढूंढते रहे। आखिर में जस्टिस को कहना पड़ा, आपके पास इसकी कॉपी नहीं है क्या? तैयारी से आना चाहिए था, इतने दिन बाद केस लग रहा है। गुप्ता कोई जवाब नहीं दे सके और फिर कोर्ट ने मामले को 10 जुलाई को सुनवाई के लिए आगे कर दिया।
ये खबर भी पढ़ें... NEET UG 2024 : नीट-यूजी में धांधली को लेकर 'सुप्रीम' टिप्पणी , कोर्ट ने कहा- दो छात्रों की गड़बड़ी से पूरी परीक्षा रद्द नहीं कर सकते
फोनिक्स डेवकॉन को लेकर लगे थे केस
ये खबर भी पढ़ें... Property Registry Online : बिना गवाह घर बैठे होगी रजिस्ट्री, भोपाल से हो रही है इसकी शुरुआत
कंपनी डिफाल्ट होने का केस भी लिंक हुआ
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman