नर्सिंग कॉलेज गड़बड़ियां: नर्सिंग कॉलेज घोटाले को लेकर HC ने गठित की कमेटी
Pratibha Rana | Feb 21, 2024, 08:29 IST
नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा...
नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े में कॉलेजों पर कार्रवाई के लिए हाई कोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस आरके की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। जस्टिस संजय द्विवेदी व जस्टिस एके पालीवाल की विशेष खंडपीठ ने कमेटी को दायित्व भी सौंपे।
BHOPAL. मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों (MP Nursing College) की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसके साथ ही नर्सिंग छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। प्रदेश में बिना जांच के सैकड़ों की संख्या में नर्सिंग कॉलेज खुले हैं (MP Nursing College Scam)। कॉलेज खोलने में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। प्रदेश भर में फर्जी दस्तावेज के दम पर कॉलेजों को मान्यता दी गई है। अब वहीं नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े में कॉलेजों पर कार्रवाई के लिए हाई कोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस आरके की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है।
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जानकारी के मुताबिक नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े (nursing college fraud) में कॉलेजों पर कार्रवाई के लिए एक कमेटी बनाई है। जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस एके पालीवाल की स्पेशल बैंच ने कमेटी को दायित्व भी सौंपे। कमेटी में आईएएस राधेश्याम जुलानिया और इंदिरा गांधी नेशनल ट्रायबल विवि अमरकंटक के कुलपति सदस्य होंगे। कोर्ट का कहना है कि अगर प्रदेश में कोई भी कॉलेज अयोग्य पाए गए हैं तो उनपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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कोर्ट ने 3 से ज्यादा फैकल्टी डुप्लिकेशन होने पर हर फैकल्टी एक-एक लाख रुपए का जुर्माना कॉलेजों पर लगाने के आदेश जारी किए है। वहीं इस मामले पर अगली सुनवाई कल यानी 22 फरवरी को होगी। इसके अलावा सीबीआई को अन्य कॉलेजों की जांच के लिए 3 महीने तक का वक्त दिया गया है।
हाल ही में कुछ दिन पहले मप्र नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े में सीबीआई की सील बंद रिपोर्ट खुली। इस रिपोर्ट में सीबीआई( CBI )ने कुल 308 कॉलेजों की जांच की। 305 कॉलजों में से 65 अयोग्य पाए थे। जबकि 74 नर्सिंग कॉलेजों में कमियां पाई गई।
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सीबीआई( Nursing Fraud Case )ने 308 कॉलेजों की जांच की। इसमें सीबीआई ने 65 को अयोग्य पाया, जबकि 74 नर्सिंग कॉलेज मानकों को पूरा नहीं करते हैं। इनकी अनियमिताओं को सुधारा जा सकता है। 169 नर्सिंग कॉलेज ही पात्र मिले।
कोर्ट ने सीबीआई जांच में पाए गए 169 नर्सिंग कॉलेजों के आगे संचालन और उनके स्टूडेंट्स की परीक्षा के रास्ते खोल दिए हैं। जिन 74 कॉलेजों में कमियां पाई गई हैं, इनका अध्ययन करने के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए थे। उनका अध्ययन ये कमेटी करेगी। ये कमेटी ये देखेगी कि 74 नर्सिंग कॉलेज दी गई डेडलाइन में अपनी कमियों को दूर कर पाती है या नहीं।
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वहीं सीबीआई 65 अयोग्य कॉलेज को मान्यता दिलाने वाले लोगों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। सीबीआई का कहना था कि में जिन- जिन अधिकारियों और निरीक्षण टीमों ने ये फर्ज़ीवाड़ा किया है, उनपर कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने सीबीआई को प्रदेशभर में शेष बचे हुए समस्त नर्सिंग कॉलेजों की जांच करने के आदेश भी दिए थे।
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कॉलेज अयोग्य पाए गए, उन्हें बख्शा न जाए
जानकारी के मुताबिक नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े (nursing college fraud) में कॉलेजों पर कार्रवाई के लिए एक कमेटी बनाई है। जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस एके पालीवाल की स्पेशल बैंच ने कमेटी को दायित्व भी सौंपे। कमेटी में आईएएस राधेश्याम जुलानिया और इंदिरा गांधी नेशनल ट्रायबल विवि अमरकंटक के कुलपति सदस्य होंगे। कोर्ट का कहना है कि अगर प्रदेश में कोई भी कॉलेज अयोग्य पाए गए हैं तो उनपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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फैकल्टी डुप्लीकेसी पर 1 लाख जुर्माना
कोर्ट ने 3 से ज्यादा फैकल्टी डुप्लिकेशन होने पर हर फैकल्टी एक-एक लाख रुपए का जुर्माना कॉलेजों पर लगाने के आदेश जारी किए है। वहीं इस मामले पर अगली सुनवाई कल यानी 22 फरवरी को होगी। इसके अलावा सीबीआई को अन्य कॉलेजों की जांच के लिए 3 महीने तक का वक्त दिया गया है।
हाल ही में कुछ दिन पहले मप्र नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े में सीबीआई की सील बंद रिपोर्ट खुली। इस रिपोर्ट में सीबीआई( CBI )ने कुल 308 कॉलेजों की जांच की। 305 कॉलजों में से 65 अयोग्य पाए थे। जबकि 74 नर्सिंग कॉलेजों में कमियां पाई गई।
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65 नर्सिंग कॉलेज अयोग्य
सीबीआई( Nursing Fraud Case )ने 308 कॉलेजों की जांच की। इसमें सीबीआई ने 65 को अयोग्य पाया, जबकि 74 नर्सिंग कॉलेज मानकों को पूरा नहीं करते हैं। इनकी अनियमिताओं को सुधारा जा सकता है। 169 नर्सिंग कॉलेज ही पात्र मिले।
74 कॉलेजों की कमियां को देखने के लिए कमेटी गठित
कोर्ट ने सीबीआई जांच में पाए गए 169 नर्सिंग कॉलेजों के आगे संचालन और उनके स्टूडेंट्स की परीक्षा के रास्ते खोल दिए हैं। जिन 74 कॉलेजों में कमियां पाई गई हैं, इनका अध्ययन करने के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए थे। उनका अध्ययन ये कमेटी करेगी। ये कमेटी ये देखेगी कि 74 नर्सिंग कॉलेज दी गई डेडलाइन में अपनी कमियों को दूर कर पाती है या नहीं।
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नर्सिंग फर्ज़ीवाड़ा में आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई
वहीं सीबीआई 65 अयोग्य कॉलेज को मान्यता दिलाने वाले लोगों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। सीबीआई का कहना था कि में जिन- जिन अधिकारियों और निरीक्षण टीमों ने ये फर्ज़ीवाड़ा किया है, उनपर कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने सीबीआई को प्रदेशभर में शेष बचे हुए समस्त नर्सिंग कॉलेजों की जांच करने के आदेश भी दिए थे।
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