MP Doctor Stipend Hike: पीजी और सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों की सैलरी बढ़ी, किस केटेगरी के किस डॉक्टर को मिलेगा कितना स्टाइपेंड, जानें
Kaushiki | Oct 10, 2026, 09:35 IST
मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों और सीनियर रेजिडेंट का बढ़ा स्टाइपेंड
MP Doctor Stipend Hike: मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। सरकार ने जूनियर डॉक्टरों और रेजिडेंट्स का मासिक स्टाइपेंड बढ़ा दिया है। स्टाइपेंड में की गई यह बढ़ोतरी अप्रैल 2026 से लागू होगी। सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 90 हजार 803 से बढ़कर 94 हजार 853 रुपए हो गया है। पीजी और सुपर स्पेशियलिटी के डॉक्टरों को हर महीने ज्यादा पैसे मिलेंगे।
मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई और काम करने वाले डॉक्टरों के लिए एक बहुत अच्छी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने जूनियर डॉक्टरों और रेजिडेंट डॉक्टरों के मंथली स्टाइपेंड में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।
लंबे समय से डॉक्टर अपने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। सरकार के इस फैसले से डॉक्टरों के चेहरे खिल उठे हैं। यह नई बढ़ोतरी अप्रैल 2026 से इफेक्टिव मानी जाएगी और डॉक्टरों को अप्रैल महीने से ही बढ़ी हुई राशि मिलना शुरू हो जाएगी। इस फैसले से सिर्फ जूनियर डॉक्टरों को ही फायदा नहीं होगा। पोस्ट ग्रेजुएशन यानी पीजी कर रहे डॉक्टरों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
साथ ही सुपर स्पेशियलिटी की पढ़ाई कर रहे डॉक्टरों और सीनियर रेजिडेंट्स के वेतन में भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा। अस्पताल में दिन-रात सेवा देने वाले इन युवा डॉक्टरों के लिए यह एक बेहद राहत भरी खबर है। आइए जानें किस केटेगरी के डॉक्टर को अब हर महीने कितना स्टाइपेंड मिलने वाला है।
इस नए फैसले के तहत सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। पहले सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को हर महीने 90 हजार 803 रुपए का स्टाइपेंड दिया जाता था। अब इस राशि को बढ़ा दिया गया है। अब सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को हर महीने 94 हजार 853 रुपए दिए जाएंगे। वहीं अगर जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की बात करें तो उनका स्टाइपेंड भी बढ़ा दिया गया है।
जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को पहले 63 हजार 324 रुपए प्रति माह मिलते थे। अब उन्हें 63 हजार 324 रुपए की जगह पर हर महीने 66 हजार 148 रुपए दिए जाएंगे। इस बढ़ोतरी से जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की फाइनेंसियल पोजीशन पहले से ज्यादा मजबूत होगी।
पोस्ट ग्रेजुएशन यानी पीजी कर रहे छात्र डॉक्टरों का स्टाइपेंड भी हर साल के हिसाब से तय किया गया है। पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टरों को पहले 77 हजार 662 रुपए प्रति माह मिला करते थे। अब उन्हें हर महीने 81 हजार 126 रुपए का स्टाइपेंड मिलेगा।
पीजी द्वितीय वर्ष के छात्रों को पहले 80 हजार 50 रुपए दिए जाते थे। अब इस राशि को बढ़ाकर 83 हजार 620 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। इसी तरह पीजी तृतीय वर्ष के छात्रों को पहले 82 हजार 441 रुपए मिलते थे। अब तीसरे साल के पीजी डॉक्टरों को हर महीने 86 हजार 118 रुपए मिलेंगे।
सुपर स्पेशियलिटी कोर्स करने वाले डॉक्टरों को भी इस नए संशोधन से बड़ा वित्तीय फायदा होने वाला है। सुपर स्पेशियलिटी के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड भी बढ़ाया गया है।
अब इन तीनों सालों के डॉक्टरों को हर महीने 86 हजार 118 रुपए दिए जाएंगे। कुल मिलाकर देखा जाए तो पीजी और सुपर स्पेशियलिटी के डॉक्टरों को हर महीने पहले से काफी ज्यादा पैसे मिलने वाले हैं।
एक अनुमान के मुताबिक पीजी और सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों को हर महीने तीन हजार 464 रुपए से लेकर तीन हजार 677 रुपए तक अतिरिक्त मिलेंगे। यह बढ़ोतरी हर महीने डॉक्टरों के बैंक खाते में जुड़कर आएगी।
यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि यह बढ़ी हुई राशि डॉक्टरों को अप्रैल 2026 के महीने से ही दी जाएगी। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत सभी योग्य डॉक्टरों को इसका लाभ मिलेगा।
डॉक्टरों के संगठनों ने सरकार के इस समय पर लिए गए निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में स्टाइपेंड का बढ़ना बेहद जरूरी था। अस्पतालों में लगातार ड्यूटी देने वाले डॉक्टरों के लिए यह एक तरह का इंसेंटिव है। सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में जूनियर और सीनियर डॉक्टर स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होते हैं।
वे मरीजों की देखभाल में चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं। ऐसे में स्टाइपेंड बढ़ने से डॉक्टरों का मनोबल काफी ऊंचा होगा। वे अधिक उत्साह और समर्पण के साथ मरीजों का इलाज कर सकेंगे। आने वाले दिनों में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में और अधिक सुधार देखने को मिल सकता है।
FAQs:
लंबे समय से डॉक्टर अपने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। सरकार के इस फैसले से डॉक्टरों के चेहरे खिल उठे हैं। यह नई बढ़ोतरी अप्रैल 2026 से इफेक्टिव मानी जाएगी और डॉक्टरों को अप्रैल महीने से ही बढ़ी हुई राशि मिलना शुरू हो जाएगी। इस फैसले से सिर्फ जूनियर डॉक्टरों को ही फायदा नहीं होगा। पोस्ट ग्रेजुएशन यानी पीजी कर रहे डॉक्टरों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
साथ ही सुपर स्पेशियलिटी की पढ़ाई कर रहे डॉक्टरों और सीनियर रेजिडेंट्स के वेतन में भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा। अस्पताल में दिन-रात सेवा देने वाले इन युवा डॉक्टरों के लिए यह एक बेहद राहत भरी खबर है। आइए जानें किस केटेगरी के डॉक्टर को अब हर महीने कितना स्टाइपेंड मिलने वाला है।
सीनियर रेजिडेंट को कितना मिलेगा
जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को पहले 63 हजार 324 रुपए प्रति माह मिलते थे। अब उन्हें 63 हजार 324 रुपए की जगह पर हर महीने 66 हजार 148 रुपए दिए जाएंगे। इस बढ़ोतरी से जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की फाइनेंसियल पोजीशन पहले से ज्यादा मजबूत होगी।
पीजी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बड़ा इजाफा
पीजी द्वितीय वर्ष के छात्रों को पहले 80 हजार 50 रुपए दिए जाते थे। अब इस राशि को बढ़ाकर 83 हजार 620 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। इसी तरह पीजी तृतीय वर्ष के छात्रों को पहले 82 हजार 441 रुपए मिलते थे। अब तीसरे साल के पीजी डॉक्टरों को हर महीने 86 हजार 118 रुपए मिलेंगे।
सुपर स्पेशियलिटी के डॉक्टरों को फायदा
अब इन तीनों सालों के डॉक्टरों को हर महीने 86 हजार 118 रुपए दिए जाएंगे। कुल मिलाकर देखा जाए तो पीजी और सुपर स्पेशियलिटी के डॉक्टरों को हर महीने पहले से काफी ज्यादा पैसे मिलने वाले हैं।
एक अनुमान के मुताबिक पीजी और सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों को हर महीने तीन हजार 464 रुपए से लेकर तीन हजार 677 रुपए तक अतिरिक्त मिलेंगे। यह बढ़ोतरी हर महीने डॉक्टरों के बैंक खाते में जुड़कर आएगी।
अप्रैल 2026 से लागू होगी नई रेट्स
डॉक्टरों के संगठनों ने सरकार के इस समय पर लिए गए निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में स्टाइपेंड का बढ़ना बेहद जरूरी था। अस्पतालों में लगातार ड्यूटी देने वाले डॉक्टरों के लिए यह एक तरह का इंसेंटिव है। सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में जूनियर और सीनियर डॉक्टर स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होते हैं।
वे मरीजों की देखभाल में चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं। ऐसे में स्टाइपेंड बढ़ने से डॉक्टरों का मनोबल काफी ऊंचा होगा। वे अधिक उत्साह और समर्पण के साथ मरीजों का इलाज कर सकेंगे। आने वाले दिनों में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में और अधिक सुधार देखने को मिल सकता है।
FAQs:
- मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों का स्टाइपेंड कब बढ़ेगा?
मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों का स्टाइपेंड अप्रैल 2026 से बढ़ेगा। - सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का नया मंथली स्टाइपेंड कितना होगा?
सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का नया मंथली स्टाइपेंड 94,853 रुपए होगा। - जूनियर डॉक्टरों और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के स्टाइपेंड में कितनी वृद्धि हुई है?
जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड 66 हजार 148 रुपए और पीजी प्रथम वर्ष के छात्रों का स्टाइपेंड 81 हजार 126 रुपए होगा, जबकि दूसरे और तीसरे वर्ष के पीजी छात्रों का स्टाइपेंड क्रमशः 83 हजार 620 रुपए और 86 हजार 118 रुपए होगा।
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