/sootr/media/media_files/2026/03/03/mp-naib-tahsildar-slippers-stolen-baglamukhi-temple-fir-sp-letter-2026-03-03-10-04-45.jpg)
मध्यप्रदेश अपनी अजब-गजब खबरों के लिए हमेशा चर्चा में रहता है। ताजा मामला आगर मालवा जिले के विश्व प्रसिद्ध बगलामुखी माता मंदिर से सामने आया है। यहां एक वीआईपी (VIP) की चप्पल क्या चोरी हुई, पूरा प्रशासनिक अमला एक्शन में आ गया।
एक तरफ लोग मंदिर से चप्पल चोरी होने पर इसे नसीब मानकर भूल जाते हैं। वहीं, यहां मामला एक नायब तहसीलदार की चप्पल का था, जिसे उन्होंने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया।
भक्ति के बीच चप्पल पर विवाद
बड़गांव के नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी बीते दिनों मां बगलामुखी के दरबार में दर्शन करने पहुंचे थे। प्रोटोकॉल के तहत उन्होंने अपनी चप्पलें मंदिर के बाहर स्टैंड पर उतारीं और दर्शन के लिए चले गए।
जब वे पूजा-अर्चना कर बाहर लौटे, तो उनके होश उड़ गए। उनकी चप्पलें वहां से गायब थीं। पहली नजर में यह एक सामान्य घटना लग सकती है, लेकिन साहब को यह सुरक्षा में बड़ी चूक लगी।
CCTV खंगाला और पकड़ा गया संदिग्ध
चप्पल चोरी होने के बाद मामला रफा-दफा करने के बजाय, तहसीलदार ने तुरंत मंदिर प्रबंधन से संपर्क किया। इसके बाद मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले गए। घंटों की मशक्कत के बाद फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति साहब की चप्पलें ले जाते हुए साफ नजर आया। पहचान होने के बाद जब संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की गई, तो उसने चप्पल ले जाने की बात स्वीकार भी कर ली।
सिर्फ चप्पल की बात नहीं, व्यवस्था का है सवाल
कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी ने इसे महज एक निजी नुकसान नहीं माना। उनका तर्क है कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की छोटी-छोटी चोरियां श्रद्धालुओं के मनोबल को तोड़ती हैं।
उन्होंने इसे एक गंभीर मुद्दा मानते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार सिंह के नाम एक औपचारिक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धाराओं का हवाला देते हुए आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
/https://c.ndtvimg.com/2026-03/i7el29rg_slipper-theft-viral-news_625x300_02_March_26.jpeg)
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
तहसीलदार साहब का यह पत्र अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंटरनेट की दुनिया में लोग दो गुटों में बंट गए हैं। एक पक्ष का कहना है कि छोटी चोरी पर इतनी बड़ी कार्रवाई समय की बर्बादी है।
वहीं दूसरे पक्ष का मानना है कि यदि एक अधिकारी की चप्पल सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या होगा? लोग इसे मंदिर परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक कड़ा संदेश मान रहे हैं।
ये खबर भी पढ़िए...
एमपी में आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों की होली फीकी, 2-3 महीने का वेतन अटका
होली पर एमपी आने वाले यात्रियों को लगा झटका, बस का किराया बढ़ा 4 गुना
MP News: ये गांव जहां रंगों से नहीं, दिलों से खेली जाती है होली
मध्य प्रदेश में होली पर अब 2 दिन की छुट्टी, सरकार ने जारी किया नया आदेश
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us