मध्यप्रदेश में मकान बनाने के नियम बदलने की तैयारी! 2152 वर्गफीट तक के लिए ऑनलाइन फीस भरते ही मिलेगी मंजूरी
Aman Vaishnav | Nov 02, 2026, 11:05 IST
मध्यप्रदेश में मकान बनाने के नए नियम 2026: 2152 वर्गफीट तक घर बनाने की अनुमति होगी आसान
अपना घर बनाना हर परिवार का सपना होता है, लेकिन प्लॉट खरीदने के बाद नक्शा पास कराने और निर्माण की अनुमति लेने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाना बड़ी परेशानी बन जाता है। अब मध्यप्रदेश सरकार इस प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी कर रही है। नए नियम लागू हुए तो 2152 वर्गफीट तक के मकान के लिए नगर निगम या नगरपालिका के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
मकान मालिक को सिर्फ ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी और स्वघोषणा पत्र देना होगा। इसके बाद निर्माण की अनुमति अपने आप मिल सकेगी। इतना ही नहीं घर में छोटे-मोटे बदलाव और मरम्मत के 18 काम भी बिना मंजूरी कराए जा सकेंगे।
दरअसल, नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मध्यप्रदेश एकीकृत भूमि विकास एवं भवन प्रोत्साहन नियम-2026 का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसे एशियाई विकास बैंक (ADB) के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न संस्थाओं को सुझाव के लिए भेजा गया है। इसमें छोटे मकानों से लेकर बड़ी बहुमंजिला इमारतों तक के निर्माण के नियम तय किए गए हैं। हालांकि अभी ये प्रस्तावित नियम हैं। इन्हें लागू किया जाना बाकी है।
2152 वर्गफीट (200 वर्गमीटर) तक: मकान बनाने के लिए स्वघोषणा पत्र और ऑनलाइन शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद निर्माण की स्वतः अनुमति मिल सकेगी।
3229 वर्गफीट (300 वर्गमीटर) तक: 10 साल का अनुभव रखने वाले अधिकृत आर्किटेक्ट भी मकान का नक्शा मंजूर कर सकेंगे।
5381 वर्गफीट (500 वर्गमीटर) तक: स्वीकृत लेआउट वाले प्लॉट पर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) से अलग मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। नगरीय निकाय से ही अनुमति मिल जाएगी।
नए ड्राफ्ट में पहले से बने मकानों में 18 तरह के काम बिना अनुमति कराने की छूट देने का प्रस्ताव है। इनमें बाउंड्रीवॉल बनाना, शेड लगाना, दरवाजे-खिड़की बदलना, टाइल्स लगाना, कमरे में पार्टिशन के लिए दीवार बनाना, पुताई और प्लास्टर जैसे काम शामिल हैं। हालांकि इसके लिए तय शर्तों का पालन करना होगा।
नए नियमों में बहुमंजिला इमारतों की ऊंचाई सड़क की चौड़ाई और प्लॉट के आकार के आधार पर तय होगी। इससे छोटे शहरों में भी ऊंची इमारतों के निर्माण का रास्ता खुलेगा।
15 मंजिल से अधिक या 45 मीटर से ऊंचे भवन हाईराइज की श्रेणी में आएंगे। 45 मीटर से ज्यादा ऊंची इमारतों के निर्माण पर फैसला साइट क्लियरेंस कमेटी करेगी। इसकी अध्यक्षता कलेक्टर करेंगे। जबकि नगर निगम क्षेत्रों में निगमायुक्त कमेटी के अध्यक्ष होंगे।
12.5 मीटर से अधिक ऊंचे भवनों में लिफ्ट लगाना अनिवार्य होगा। लिफ्ट का नगरीय निकाय में पंजीयन, इंश्योरेंस और हर छह महीने में सुरक्षा ऑडिट भी जरूरी होगा।
नए ड्राफ्ट में Floor Area Ratio (FAR) यानी प्लॉट पर कितने क्षेत्रफल में निर्माण किया जा सकता है। इससे जुड़े प्रावधान भी रखे गए हैं। तय शर्तों के अनुसार पार्किंग, बेसमेंट और बालकनी को FAR की गणना से बाहर रखा जाएगा। पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन बिल्डिंग बनाने पर 3 से 5 प्रतिशत अतिरिक्त FAR मिलेगा।
इसके अलावा बेस FAR से 50 प्रतिशत तक ज्यादा प्रीमियम FAR खरीदने की सुविधा होगी। इसके लिए कलेक्टर गाइडलाइन की 20 प्रतिशत दर से भुगतान करना होगा।
140 वर्गमीटर से बड़े प्लॉट पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था अनिवार्य होगी। यानी बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने का इंतजाम करना होगा। मकान में रहने वाले कमरे का न्यूनतम क्षेत्रफल 9.5 वर्गमीटर और ऊंचाई कम से कम 2.6 मीटर रखनी होगी।
आवासीय कॉलोनी: कॉलोनियों में सड़कों की चौड़ाई 7.5 से 24 मीटर होगी। औद्योगिक क्षेत्रों में यह 12 से 24 मीटर तय की गई है।
मैरिज गार्डन: पांच लाख तक आबादी वाले शहरों में मैरिज गार्डन के लिए कम से कम 4 हजार वर्गमीटर जमीन चाहिए होगी। पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में न्यूनतम 10 हजार वर्गमीटर का प्लॉट जरूरी होगा।
फार्म हाउस: फार्म हाउस बनाने के लिए कम से कम 0.40 हेक्टेयर कृषि भूमि जरूरी होगी। एग्री-टूरिज्म के लिए न्यूनतम एक हेक्टेयर जमीन चाहिए।
प्लॉट जोड़ने और बांटने की सुविधा: आसपास के दो प्लॉटों को मिलाया जा सकेगा। वहीं प्लॉट का विभाजन तभी मान्य होगा, जब प्रत्येक नए प्लॉट का क्षेत्रफल कम से कम 500 वर्गमीटर हो।
नए नियमों (मध्यप्रदेश में मकान बनाने के नियम) का सबसे बड़ा फायदा छोटे प्लॉट पर अपना घर बनाने वाले लोगों को मिल सकता है। साथ ही Online Approval की व्यवस्था से अनुमति की प्रक्रिया आसान होगी। नक्शा मंजूर कराने के विकल्प बढ़ेंगे और घर की सामान्य मरम्मत के लिए बार-बार अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
हालांकि नया घर बनाने की योजना बना रहे लोगों को यह ध्यान रखना होगा कि फिलहाल सरकार ने नियमों का ड्राफ्ट तैयार किया है। सुझावों की प्रक्रिया के बाद अंतिम नियम लागू होने पर ही इन सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
भवन प्रोत्साहन नियम-2026 का ड्राफ्ट तैयार
छोटे प्लॉट वालों को क्या फायदा मिलेगा?
3229 वर्गफीट (300 वर्गमीटर) तक: 10 साल का अनुभव रखने वाले अधिकृत आर्किटेक्ट भी मकान का नक्शा मंजूर कर सकेंगे।
5381 वर्गफीट (500 वर्गमीटर) तक: स्वीकृत लेआउट वाले प्लॉट पर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) से अलग मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। नगरीय निकाय से ही अनुमति मिल जाएगी।
घर में ये काम कराने के लिए नहीं लेनी होगी मंजूरी
अब सड़क जितनी चौड़ी, उतनी ऊंची बन सकेगी इमारत
| इमारत की ऊंचाई | सड़क की चौड़ाई | प्लॉट का आकार |
| 12.5 से 18 मीटर | न्यूनतम 12 मीटर | कम से कम 1000 वर्गमीटर |
| 18 से 30 मीटर | 18 से 24 मीटर | 1500 से 2000 वर्गमीटर |
| 30 से 45 मीटर | 30 मीटर | 2 हजार 500 वर्गमीटर |
| 45 से 60 मीटर | 30 मीटर | 3 हजार वर्गमीटर |
| 60 से 90 मीटर | 45 मीटर | 3 हजार 500 से 4 हजार वर्गमीटर |
| 90 मीटर से अधिक | 60 मीटर | न्यूनतम 4 हजार 500 वर्गमीटर |
15 मंजिल से ज्यादा ऊंची इमारतों के लिए अलग व्यवस्था
12.5 मीटर से अधिक ऊंचे भवनों में लिफ्ट लगाना अनिवार्य होगा। लिफ्ट का नगरीय निकाय में पंजीयन, इंश्योरेंस और हर छह महीने में सुरक्षा ऑडिट भी जरूरी होगा।
ज्यादा निर्माण की सुविधा, ग्रीन बिल्डिंग को अतिरिक्त फायदा
इसके अलावा बेस FAR से 50 प्रतिशत तक ज्यादा प्रीमियम FAR खरीदने की सुविधा होगी। इसके लिए कलेक्टर गाइडलाइन की 20 प्रतिशत दर से भुगतान करना होगा।
घर बनाते समय इन बातों का भी रखना होगा ध्यान
कॉलोनी, मैरिज गार्डन और फार्म हाउस के नियम भी बदलेंगे
मैरिज गार्डन: पांच लाख तक आबादी वाले शहरों में मैरिज गार्डन के लिए कम से कम 4 हजार वर्गमीटर जमीन चाहिए होगी। पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में न्यूनतम 10 हजार वर्गमीटर का प्लॉट जरूरी होगा।
फार्म हाउस: फार्म हाउस बनाने के लिए कम से कम 0.40 हेक्टेयर कृषि भूमि जरूरी होगी। एग्री-टूरिज्म के लिए न्यूनतम एक हेक्टेयर जमीन चाहिए।
प्लॉट जोड़ने और बांटने की सुविधा: आसपास के दो प्लॉटों को मिलाया जा सकेगा। वहीं प्लॉट का विभाजन तभी मान्य होगा, जब प्रत्येक नए प्लॉट का क्षेत्रफल कम से कम 500 वर्गमीटर हो।
घर खरीदने या बनाने वालों के लिए क्या है खास?
हालांकि नया घर बनाने की योजना बना रहे लोगों को यह ध्यान रखना होगा कि फिलहाल सरकार ने नियमों का ड्राफ्ट तैयार किया है। सुझावों की प्रक्रिया के बाद अंतिम नियम लागू होने पर ही इन सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
छत्तीसगढ़ में UCC का ड्राफ्ट: लिव-इन में रहना नहीं होगा आसान, 30 नवंबर को रिपोर्ट सौंपेगी समिति
By Harrison Masih
ट्रेन में वेटिंग, बसों में लूट! दिवाली पर फ्लाइट से भी महंगा होगा सफर, 7 हजार रुपए तक पहुंचा किराया
By Aman Vaishnav
राजस्थान में मौसम का बदला मिजाज, दिन में धूप तो रात में हल्की ठंड; 3-4 दिन साफ रहेगा आसमान
By Jyoti Mahender Bhardwaj
आज दिल्ली दौरे पर सीएम विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ सदन में करेंगे रात्रि विश्राम, जानिए पूरा शेड्यूल
By Harrison Masih
ट्विशा शर्मा केस: मौत के अगले दिन ब्यूटी पार्लर से घर तक सास ने जुटाए CCTV, सीबीआई ने किया खुलासा
By Aman Vaishnav
लाड़ली बहना योजना ने बदली महिलाओं की जिंदगी, 61% बहनें घर के साथ संभाल रहीं कारोबार, इस सर्वे में हुआ खुलासा...
By Aman Vaishnav
देवास में शराब माफिया की दबंगई! अवैध शराब रोकने पहुंचे TI को ट्रक से कुचला, मौत
By Aman Vaishnav