MP में नई संयुक्त परीक्षा प्रणाली का ड्राफ्ट जारी, अब एक परीक्षा से कई सरकारी नौकरियों में चयन

Pawan Modiya | May 21, 2026, 21:54 IST
Share
21-3
21-3

मध्यप्रदेश सरकार ने नई संयुक्त परीक्षा प्रणाली का ड्राफ्ट जारी किया है। अब कई सरकारी नौकरियों के लिए एक साझा पात्रता परीक्षा होगी। स्कोर कार्ड दो साल तक मान्य रहेगा। भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल से चलेगी। सरकार ने 5 जून तक सुझाव मांगे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

मध्यप्रदेश सरकार ने कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियम 2026 का नया मसौदा जारी किया है। यह नियम मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल यानी एमपीईएसबी (Madhya Pradesh Employees Selection Board) से जुड़ी भर्तियों पर लागू होगा। नए नियम में स्कोर कार्ड की वैधता, ऑनलाइन नियुक्ति पोर्टल और परीक्षा के नए ढांचे पर बड़े बदलाव हैं। यह नियम 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा और 2013 के पुराने नियमों की जगह लेगा। 5 जून 2026 तक कोई भी नागरिक या संस्था अपने सुझाव सरकार को दे सकती है।

नया नियम क्यों आया?

मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने 21 मई 2026 को एक सार्वजनिक सूचना जारी की। इसमें बताया गया कि राज्य शासन "कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियम, 2026" अधिसूचित करने की तैयारी में है। यह नियम उन सभी पदों पर लागू होगा जो मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग यानी एमपीपीएससी (Madhya Pradesh Public Service Commission) की परिधि से बाहर हैं।

मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल इन पदों पर भर्ती की परीक्षाएं आयोजित करता है। नए नियम के तहत सरकारी विभागों और उपक्रमों दोनों पर यह व्यवस्था लागू होगी।

तीन तरह की परीक्षाएं होंगी

655
655


नए नियम में तीन तरह की संयुक्त अर्हता परीक्षाओं का प्रावधान है। पहली संयुक्त तकनीकी अर्हता परीक्षा होगी, जो तकनीकी विषयों से जुड़े पदों के लिए होगी। दूसरी संयुक्त सामान्य अर्हता परीक्षा होगी, जो सामान्य शैक्षिक योग्यता वाले पदों के लिए होगी। तीसरी शिक्षक अर्हता परीक्षा होगी जिसमें प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक तीनों स्तरों के शिक्षकों की अर्हता जांची जाएगी।

स्कोर कार्ड क्या होगा और कब तक चलेगा?

नए नियम में स्कोर कार्ड की व्यवस्था पहली बार इतने स्पष्ट रूप में लाई गई है। संयुक्त तकनीकी और संयुक्त सामान्य अर्हता परीक्षाओं का स्कोर कार्ड परिणाम जारी होने की तारीख से दो कैलेंडर वर्ष बाद की 31 दिसंबर तक वैध रहेगा। उदाहरण के तौर पर यदि स्कोर कार्ड 10 जुलाई 2026 को जारी हुआ तो वह 31 दिसंबर 2028 तक मान्य रहेगा।

यदि कोई उम्मीदवार एक से अधिक वर्षों का स्कोर कार्ड रखता है तो वह सबसे बेहतर स्कोर कार्ड के आधार पर आवेदन कर सकेगा।

शिक्षक अर्हता परीक्षा पर खास नियम

शिक्षक अर्हता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवार गैर-सरकारी नियोजन के लिए आजीवन अर्ह माने जाएंगे। यानी एक बार परीक्षा पास कर ली तो निजी क्षेत्र में पढ़ाने की योग्यता हमेशा के लिए मान्य रहेगी। लेकिन सरकारी नौकरी के लिए स्कोर कार्ड की वैधता वही रहेगी जो संयुक्त सामान्य अर्हता परीक्षा के लिए तय है।

नियुक्ति पोर्टल से मिलेगी नौकरी

नए नियम की सबसे अहम बात यह है कि पूरी नियुक्ति प्रक्रिया एक ऑनलाइन नियुक्ति पोर्टल के जरिए होगी। सभी विभाग अपने रिक्त पदों की जानकारी इसी पोर्टल पर डालेंगे। इसमें पद की आरक्षण वर्गवार संख्या, वेतनमान, योग्यता और संबंधित विषय की जानकारी भी होगी। उम्मीदवार अपने स्कोर कार्ड के आधार पर इस पोर्टल पर सीधे आवेदन करेंगे। पोर्टल पर ही पदवार और विभागवार चयन सूची जारी होगी।

रिक्तियां प्रकाशित होने के बाद उम्मीदवारों को आवेदन के लिए कम से कम 30 दिन का समय दिया जाएगा।

सरकारी नौकरी वाले उम्मीदवारों पर नई शर्त

नए नियम में एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि जो उम्मीदवार पहले से सरकारी सेवा में नियमित पद पर काम कर रहे हैं, वे मण्डल की परीक्षा के आधार पर अधिकतम एक बार ही किसी नए पद पर नियुक्ति पा सकेंगे। दूसरी नियुक्ति के बाद वे मण्डल की किसी भी परीक्षा के लिए अयोग्य हो जाएंगे। यह शर्त उन कर्मचारियों पर भी लागू होगी जो इन नियमों के लागू होने से पहले से सेवा में हैं।

परीक्षा में धोखाधड़ी पर कड़ी कार्रवाई

नकल, प्रतिरूपण, झूठे दस्तावेज, परीक्षा कक्ष में अनुचित साधनों का उपयोग और परीक्षा संचालकों को धमकाने जैसे मामलों में उम्मीदवारी किसी भी स्तर पर रद्द की जा सकती है। परीक्षा के बाद आंकड़ों के सांख्यिकीय यानी स्टेटिस्टिकल विश्लेषण के आधार पर भी यदि किसी उम्मीदवार की गतिविधि असामान्य पाई जाए तो उसकी उम्मीदवारी रद्द हो सकती है।

कब और कैसे दें सुझाव?

जो भी नागरिक, संस्था या हितधारक इन नए नियमों पर अपनी राय देना चाहते हैं वे 5 जून 2026 तक ई-मेल sogad1@mp.gov.in पर या विभाग की वेबसाइट gad.mp.gov.in पर उपलब्ध लिंक के जरिए लिखित सुझाव भेज सकते हैं। तय समयसीमा के बाद मिले सुझावों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।

यह खबर क्यों जरूरी है

मध्यप्रदेश में हर साल लाखों युवा कनिष्ठ सेवाओं में सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करते हैं। यह नया नियम उनकी परीक्षा प्रक्रिया, भर्ती के तरीके और नियुक्ति प्रणाली को बुनियादी रूप से बदलने वाला है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 16 के तहत सरकारी नौकरी में समान अवसर का अधिकार हर नागरिक को है। स्कोर कार्ड आधारित पारदर्शी व्यवस्था इस अधिकार को और मजबूत करती है। ऑनलाइन नियुक्ति पोर्टल से भर्ती में भ्रष्टाचार और मनमानी की गुंजाइश कम होगी। शिक्षक अर्हता परीक्षा की आजीवन वैधता लाखों युवाओं के लिए राहत की खबर है। यह खबर विशेष रूप से उन लाखों उम्मीदवारों के लिए जरूरी है जो पटवारी, सहायक ग्रेड, शिक्षक और तकनीकी पदों की तैयारी कर रहे हैं।

जरूरी FAQ

कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियम 2026 में स्कोर कार्ड क्या होता है और यह कितने समय तक मान्य रहेगा?

स्कोर कार्ड वह दस्तावेज है जो मण्डल द्वारा संयुक्त अर्हता परीक्षा में निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को जारी किया जाता है। इसमें उम्मीदवार का प्रतिशतता (percentile) अंक दर्ज होता है। संयुक्त तकनीकी और संयुक्त सामान्य अर्हता परीक्षा का स्कोर कार्ड परिणाम जारी होने की तारीख से दो कैलेंडर वर्ष बाद की 31 दिसंबर तक वैध रहेगा। शिक्षक अर्हता परीक्षा का स्कोर कार्ड सरकारी नौकरी के लिए उतने ही समय तक वैध रहेगा, लेकिन गैर-सरकारी शिक्षण के लिए आजीवन मान्य होगा।

नियुक्ति पोर्टल क्या है और इससे नौकरी कैसे मिलेगी?

जवाब: नियुक्ति पोर्टल एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जिस पर मध्यप्रदेश के सभी सरकारी विभाग अपने रिक्त पदों की जानकारी प्रकाशित करेंगे। उम्मीदवार अपने वैध स्कोर कार्ड के आधार पर इस पोर्टल पर सीधे आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के लिए कम से कम 30 दिन का समय मिलेगा। मेरिट के आधार पर आरक्षण वर्गवार चयन सूची इसी पोर्टल पर जारी होगी। यानी अलग-अलग विभागों में बार-बार फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी।

क्या पहले से सरकारी नौकरी में हैं तो भी MPESB परीक्षा दे सकते हैं?

हां, लेकिन नए नियम में एक सीमा तय की गई है। यदि कोई उम्मीदवार पहले से किसी नियमित सरकारी पद पर काम कर रहा है तो वह मण्डल की परीक्षा के आधार पर अधिकतम एक बार ही किसी नए पद पर नियुक्ति पा सकेगा। दूसरी नियुक्ति के बाद वह मण्डल की किसी भी परीक्षा या चयन के लिए अयोग्य हो जाएगा। यह शर्त उन पर भी लागू होगी जो नए नियम लागू होने से पहले से सेवा में हैं।

ये खबरें भी पढ़ें...

UGC NET June 2026: यूजीसी नेट जून परीक्षा के लिए बढ़ी आवेदन की तारीख, देखें नया शेड्यूल

MPPSC भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव, नया ड्राफ्ट जारी, जानिए क्या-क्या बदलने वाला है

MPPSC ने राज्य सेवा परीक्षा 2026 प्री की आंसर की दी, रिजल्ट अगले सप्ताह, पद बढ़ेंगे या नहीं

MPPSC Officer Vacancy: साइंटिफिक ऑफिसर पदों के लिए वैकेंसी जारी, 20 मई तक करें आवेदन

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • सामान्य प्रशासन विभाग
  • मध्यप्रदेश सरकार
  • परीक्षा
  • ड्राफ्ट
  • सुझाव
  • मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज