एमपी में अफसरों का टोटा : IAS की कमी में मध्य प्रदेश का देश में दूसरा नंबर, IPS में चौथा स्थान
Sanjay Dhiman | Mar 26, 2026, 18:07 IST
Photograph: (the sootr)
BHOPAL. मध्य प्रदेश में IAS और IPS अधिकारियों की भारी कमी, खासकर प्रशासनिक सेवा में। एमपी देश में IAS अफसरों की कमी के मामले में दूसरे, और IPS अफसरों की कमी में चौथे नंबर पर है।
News in Short
- मध्य प्रदेश में IAS अफसरों की कमी, देश में दूसरे नंबर पर है राज्य।
- प्रदेश में 459 स्वीकृत IAS पदों में से 68 पद खाली पड़े हैं।
- IPS पदों में 15% कमी, 48 पद खाली हैं, प्रदेश में चौथे नंबर पर।
- उत्तर प्रदेश में IAS अफसरों की सबसे ज्यादा कमी, 81 पद खाली हैं।
- प्रशासन और पुलिस महकमे में अधिकारियों की कमी से कार्यों में देरी हो रही है।
News in Detail
मध्य प्रदेश अब अफसरों की कमी के मामले में देश में टॉप पर आ गया है। अगर हम आईएएस (IAS) अफसरों की बात करें, तो एमपी पूरे देश में दूसरे नंबर पर है। वहीं, पुलिस विभाग के बड़े अधिकारी यानी आईपीएस (IPS) की कमी में हम चौथे नंबर पर हैं। यह स्थिति राज्य के प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। चलिए विस्तार से समझते हैं कि आखिर माजरा क्या है और आंकड़े क्या कहते हैं।
IAS अफसरों की कमी: यूपी के बाद एमपी
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देश के टॉप-5 राज्य जहां आईएएस (IAS) अफसरों का टोटा
- उत्तर प्रदेश: यहां 81 पद खाली हैं, जो देश में सबसे ज्यादा है।
- मध्य प्रदेश: हमारे प्रदेश में 68 पद खाली हैं, हम दूसरे पायदान पर हैं।
- राजस्थान: यहां 64 पद खाली हैं, जो तीसरे नंबर पर आता है।
- बिहार: यहां 56 पद खाली हैं, प्रशासनिक चुनौतियां यहां भी कम नहीं हैं।
- AGMUT कैडर: यहां 51 पद खाली हैं, जो पांचवें नंबर पर है।
IPS अफसरों की कमी: बंगाल और ओडिशा के बाद एमपी
आईपीएस (IPS) कैडर में रिक्तियों की ताजा स्थिति?
| राज्य का नाम | स्वीकृत पद | कार्यरत पद | रिक्त पद |
| पश्चिम बंगाल | 378 | 319 | 59 |
| ओडिशा | 248 | 132 | 53 |
| मध्य प्रदेश | 319 | 271 | 48 |
| आंध्र प्रदेश | 174 | 140 | 34 |
क्यों बढ़ी अफसरों की कमी?
क्या किया जा रहा है?
यह भी समझिए : क्या होता है AGMUT कैडर
आसान शब्दों में कहें तो यह किसी एक राज्य का कैडर न होकर कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का एक समूह है। इसमें अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम जैसे राज्यों के साथ-साथ दिल्ली, चंडीगढ़, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, लक्षद्वीप और अब जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख भी शामिल हैं।
इस कैडर के अधिकारियों का तबादला इन सभी क्षेत्रों में कहीं भी किया जा सकता है। चूंकि इसमें दिल्ली और जम्मू-कश्मीर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र आते हैं, इसलिए इसे बहुत ही पावरफुल और 'ग्लैमरस' कैडर माना जाता है। इसका नियंत्रण सीधे
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