MP में पेंशनर्स के साथ भेदभाव, नहीं हो रहा 27 माह के बकाया वेतन-एरियर्स का भुगतान

Jitendra Shrivastava | Aug 05, 2025, 22:38 IST
Share
mp-pensioners-discrimination
Photograph: (THESOOTR)

मध्यप्रदेश में पेंशनर्स को 27 माह का बकाया वेतन और DA एरियर्स का भुगतान नहीं किया जा रहा, जिससे भेदभाव का मामला खड़ा हो गया है। सरकार द्वारा जारी आदेशों में देरी और अन्याय की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश में पेंशनर्स को उनका बकाया वेतन और एरियर्स नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा 27 माह से लंबित वेतन और 55% DA एरियर्स का भुगतान नहीं किया गया है। इस मुद्दे पर लगातार विरोध और सवाल उठ रहे हैं।

मध्यप्रदेश सरकार के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" के सिद्धांत का पालन क्यों नहीं किया जा रहा? यह सवाल पेंशनर्स और अन्य कर्मचारियों द्वारा पूछा जा रहा है।

राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की सहमति के बावजूद पेंशनर्स के लिए आदेश जारी नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।

भेदभाव और अधिकारों की अनदेखी

मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक एमके सक्सेना ने बताया कि पेंशनर्स और कर्मचारियों के साथ भेदभाव का आरोप लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेष रूप से, उन पेंशनर्स को जो सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्हें उनका बकाया वेतन और एरियर्स मिलना चाहिए था। मगर अभी तक यह नहीं हुआ है। केंद्र सरकार ने 55% DA एरियर्स का भुगतान किया था, लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक इसे लागू नहीं किया। पेंशनर्स इस असमानता और भेदभाव से परेशान हैं।

ये खबर भी पढ़ें...

MP के 3.5 लाख पेंशनर्स की पेंशन पर संकट , इस तारीख तक ये काम नहीं किया तो हो जाएगी बंद!

मध्यप्रदेश में व्याख्याताओं के मुद्दे

मध्यप्रदेश में 94-95 और 74-75 के व्याख्याताओं के बीच वेतन संबंधी भेदभाव भी एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। 94-95 के व्याख्याताओं को 6600 ग्रेड-पे मिलने के बावजूद, 74-75 के व्याख्याताओं को सिर्फ 5400 ग्रेड-पे दिया जा रहा है। यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है? यह सवाल भी सरकार से पूछा जा रहा है।

70+ के मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज

आयुष्मान भारत योजना के तहत 70+ उम्र के मरीजों को 5 लाख तक के मुफ्त इलाज का लाभ नहीं मिल रहा है। यह समस्या उन बुजुर्गों के लिए खास तौर पर चिंता का कारण बनी हुई है, जिन्हें महंगे इलाज और दवाइयों की आवश्यकता होती है। सरकार को इस असमानता को दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

ये खबर भी पढ़ें...

MP के 5 लाख पेंशनर्स के लिए खुशखबरी : 239% की दर से मिलेगा DR, जानें पूरा गणित

वेतन भुगतान में देरी

मध्यप्रदेश सरकार के कर्मचारियों के लिए कई राहतों की घोषणाएं की गई थीं, लेकिन अधिकांश कर्मचारियों और पेंशनर्स को यह राहतें समय पर नहीं मिल रही हैं। 27 माह से पेंशनर्स को उनका बकाया वेतन और DA एरियर्स का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे सरकार के प्रति उनका विश्वास घट रहा है।

ये खबर भी पढ़ें...

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें

मध्यप्रदेश में पेंशनर्स के साथ भेदभाव को लेकर कई गंभीर मुद्दे सामने आ रहे हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख मुद्दों का विस्तार से विश्लेषण निम्नलिखित है:

1. 94-95 और 74-75 के व्याख्याताओं के बीच वेतन भेदभाव

समस्या: 94-95 के व्याख्याताओं को 6600 ग्रेड-पे मिल रहा है, जबकि 74-75 के व्याख्याताओं को केवल 5400 ग्रेड-पे दिया जा रहा है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि 74-75 के व्याख्याताओं को पे-फिक्सेशन से कम वेतन मिल रहा है।

सवाल: क्या यह समान पद के व्याख्याताओं के बीच भेदभाव नहीं है? दोनों को समान ग्रेड-पे 6600 देने की मांग की जा रही है।

स्थिति: पिछले 8 वर्षों से यह मुद्दा मंत्रालय के समक्ष उठाया जा चुका है, लेकिन विभागीय अधिकारी आदेश जारी नहीं कर रहे हैं।

2. व्याख्याताओं के लिए तीसरे समयमान वेतनमान का भुगतान

समस्या: 94-95 के जूनियर व्याख्याताओं को व्याख्याता पद पर 30 वर्ष की सेवा पूरी न होने पर भी तीसरे समयमान वेतनमान 10000-15200 का लाभ नहीं मिल रहा है। जबकि 75 के सीनियर व्याख्याताओं को यह लाभ मिल रहा है।

सवाल: क्या यह समान व्याख्याता केडर में भेदभाव नहीं है?

स्थिति: तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और सचिव) इस मुद्दे पर सहमत हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी आदेश जारी नहीं कर रहे हैं।

3. पेंशनर्स को 27 माह का बकाया वेतन और DA एरियर्स का भुगतान नहीं

समस्या: मध्यप्रदेश के पेंशनर्स को 27 महीने से उनका बकाया वेतन और DA एरियर्स का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

सवाल: क्या यह पेंशनर्स के साथ भेदभाव नहीं है? क्यों सरकार उनके बकाए का भुगतान नहीं कर रही?

स्थिति: केंद्र सरकार ने पेंशनर्स के लिए पूरा 55% DA एरियर्स का भुगतान किया था, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक इसे लागू नहीं किया। पेंशनर्स को अपने अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।

4. बढ़ती महंगाई से राहत की मांग

समस्या: महंगाई दिन-ब-दिन बढ़ रही है, और इसके साथ ही कर्मचारियों और पेंशनर्स की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं।

मांग: कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देने के लिए उनके 50% DA को उनके मूल वेतन में मर्ज किया जाए ताकि वे महंगाई से राहत पा सकें।

स्थिति: राज्य सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

5. आयुष्मान योजना के तहत 70+ के मरीजों को सुविधाओं का अभाव

समस्या: आयुष्मान भारत योजना के तहत 70+ उम्र के बुजुर्गों को 5 लाख तक के मुफ्त इलाज, ऑपरेशन, महंगे टेस्ट, और दवाइयों की सुविधा नहीं मिल रही है।

सवाल: क्यों इस उम्र वर्ग को उनकी आवश्यकता के अनुसार इलाज और दवाइयाँ नहीं मिल रही हैं?

स्थिति: सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों में 70+ के मरीजों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा, जिससे स्वास्थ्य के मुद्दे बढ़ रहे हैं।

6. सीएम स्थानांतरण नीति का पालन न होना

समस्या: मुख्यमंत्री की स्थानांतरण नीति के तहत कई नियम हैं जैसे मानवीय आधार पर स्वेच्छिक तबादले, गंभीर बीमारी के आधार पर तबादले, और पति-पत्नी को एक स्थान पर रखना। हालांकि, इन नियमों का पालन नहीं हो रहा।

सवाल: क्यों इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है? क्या यह शहरी और ग्रामीण स्कूलों में अव्यवस्था का कारण नहीं बन रहा है?

स्थिति: 62 जिलों में अव्यवस्था के कारण छात्रों का शिक्षा स्तर प्रभावित हो रहा है, और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

7. पदोन्नति पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

समस्या: सुप्रीम कोर्ट की रोक के कारण कर्मचारियों की नियमित पदोन्नति नहीं हो पा रही है। उन्हें उच्च पद का प्रभार देकर प्रभारी बना दिया जा रहा है।

सवाल: क्या यह कर्मचारियों के लिए न्यायसंगत है? क्यों पदोन्नति का अधिकार उन्हें नहीं मिल रहा है?

स्थिति: यह स्थिति कर्मचारियों को मानसिक और पेशेवर रूप से प्रभावित कर रही है, और इससे उनका मनोबल गिर रहा है।

8. e-attendance नियम का विरोध

समस्या: शिक्षा विभाग में e-attendance को लागू किया गया है, जिससे शिक्षक और शिक्षिकाओं की उपस्थिति को ट्रैक किया जा रहा है। हालांकि, यह नियम शिक्षकों के खिलाफ एक निगरानी प्रणाली के रूप में कार्य कर रहा है।

सवाल: क्या यह नियम शिक्षकों के काम में अविश्वास और लापरवाही का संकेत नहीं है? क्या यह छात्रों की शिक्षा पर नकारात्मक असर डाल सकता है?

स्थिति: पूरे प्रदेश में इस नियम का विरोध हो रहा है, और शिक्षक वर्ग इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

एमपी पेंशनर्स | मध्य प्रदेश पेंशनर्स | एरियर्स भुगतान | वेतन विसंगति

FAQ

  1. क्या पेंशनर्स के साथ सरकार भेदभाव कर रही है?
    जी हां, पेंशनर्स के साथ भेदभाव किया जा रहा है, क्योंकि उनके बकाया वेतन और DA एरियर्स का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इसके साथ ही, कई अन्य भत्तों और सुविधाओं का भी सही तरीके से भुगतान नहीं हो रहा है, जो सरकार की निष्क्रियता को दर्शाता है।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

Tags:
  • आयुष्मान योजना
  • वेतन विसंगति
  • DA
  • एमपी पेंशनर्स
  • मध्य प्रदेश पेंशनर्स
  • एरियर्स भुगतान
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा