एमपी पुलिस भर्ती के रिजल्ट के रुकने की इनसाइड स्टोरी, कितने दिन और लगेंगे
Sanjay Gupta | Mar 03, 2025, 20:30 IST
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ईएसबी द्वारा आयोजित 7 हजार 400 पदों के लिए एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का परिणाम अब तक घोषित नहीं किया गया है, जिससे करीब 55 हजार उम्मीदवारों का इंतजार बढ़ गया है। ये सभी उम्मीदवार रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) भोपाल की 7 हजार 400 पदों के लिए हुई एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के रिजल्ट का इंतजार बढ़ता जा रहा है। करीब 55 हजार उम्मीदवार इस रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। यह रिजल्ट अभी नहीं बल्कि जनवरी अंत में ही बनकर तैयार हो चुका है लेकिन जारी नहीं हो रहा है। इसकी कहानी 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के साथ जुड़ी हुई है। लेकिन इस बात को भी एक माह हो चुका है। आखिर ईएसबी, जीएडी (सामान्य प्रशासन विभाग) और विधि विभाग इन तीनों के बीच क्या पूरी कहानी चल रही है। इसका खुलासा द सूत्र कर रहा है।
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इस मामले में ईएसबी ने फिलहाल जारी नियम 87-13 फीसदी फॉर्मूले से ही रिजल्ट बनाकर रखा हुआ है। लेकिन इस रिजल्ट को जारी करने से पहले जीएडी से बात की गई तो इसमें फिलहाल होल्ड करने की बात कह दी गई। इसके बाद जीएडी ने इस मामले में विधि विभाग से ओबीसी आरक्षण को लेकर चल रही सभी स्थितियों पर गौर कर, सलाह देने के लिए कहा।
चर्चा में तीनों विभाग ईएसबी, जीएडी और विधि विभाग के बीच दोनों बातों पर चर्चा हुई, कुछ ने सलाह दी कि 27 फीसदी आरक्षण देते हुए रिजल्ट जारी होना चाहिए, वहीं कुछ ने यह सलाह दी कि 14 फीसदी से अधिक आरक्षण देने पर अभी भी रोक है और इस पर कोई स्थिति क्लियर नहीं है। ऐसे में वर्तमान 87-13 फीसदी पर ही रिजल्ट जारी किया जाना चाहिए।
इसमें कुछ दिन तक डिस्कस चला और तय हुआ कि इस मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव से चर्चा की जाए और फिर आगे बढ़ा जाए। लेकिन सीएम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में व्यस्त रहे ऐसे में यह नहीं हो सका।
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वहीं समिट के बाद फिर एक बार जीएडी, विधि विभाग और ईसबी के बीच चर्चा हुई। इसमें यह बात उठी कि यह कांस्टेबल का रिजल्ट माइल स्टोन फैसला होने वाला है, क्योंकि इसमें जो रिजल्ट फॉर्मूला जारी करेंगे, इसी फार्मूले से ही फिर पीएससी हो या ईएसबी के अन्य रिजल्ट वो जारी होंगे। यानी वह नीतिगत मामला बन जाएगा, जैसे कि 87-13 बन गया था। ऐसे में जो भी फैसला लेना है, इसके लिए एक बार फिर हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के सभी आदेश, निर्देशों का अध्ययन किया जाए। इसके बाद तय हुआ कि अधिवक्ताओं का एक पैनल बनाया जाए, जो इन सभी का अध्ययन करेगा। मामला जीएडी ने फिर विधि विभाग को दे दिया। इसी के साथ ईएसबी को भी आदेश दिए गए कि वह भी अपने यहां के अधिवक्ताओं से उनकी परीक्षा के संबंध में आए विविध कोर्ट फैसले का अध्ययन का जिम्मा दें और फिर एक समरी रिपोर्ट बनाए। इसके बाद विधि विभाग के पैनल के वकीलों की समरी और ईएसबी के वकीलों की समरी का अध्ययन किया जाएगा और इसके आधार पर फिर आगे बढ़ा जाएगा।
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उधर, भले ही यह बात उठी है कि 87-13 फीसदी फॉर्मूला अब नहीं रहा है और ईएसबी ने रिजल्ट होल्ड किए हुए हैं। लेकिन पीएससी के रिजल्ट जारी हो रहे हैं। आयोग ने हाईकोर्ट के 29 जनवरी के फैसले के बाद भी सेट परीक्षा के रिजल्ट 87-13 फीसदी के आधार पर ही दिए हैं। अब जल्द ही राज्य सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट भी इसी फॉर्मूले से जारी करने की तैयारी है। इसी पर ही राज्य सेवा परीक्षा 2024 मेंस का भी रिजल्ट आएगा। आयोग की ओर से कोई विधिक सलाह नहीं ली गई है। सितंबर 2022 में जीएडी ने जो 87-13 फीसदी का फॉर्मूला दिया था उसी पर आयोग रिजल्ट जारी कर रहा है।
अभी तक क्या हुआ और फिर क्यों रुका रिजल्ट ?
- ईएसबी ने इसकी लिखित परीक्षा अगस्त 2023 में कराई और इसका रिजल्ट मार्च 2024 में दिया। इसके बाद लोकसभा चुनाव के चलते और फिर बारिश सीजन के कारण फिजिकल लेट हुई और यह अक्टूबर-नवबंर 2024 में हुई।
- फिजिकल के बाद इसके नंबर ईएसबी को जनवरी के पहले सप्ताह में भेजे गए। इसके बाद रिजल्ट 26 जनवरी को जारी करने के लिए तैयारी हुई। फिर चेयरमैन के कुछ दिन अवकाश में जाने से इसे रोक लिया गया और फरवरी पहले सप्ताह में इसे जारी किया जाना था।
- इसके बाद आई 29 जनवरी, यह वह दिन जब जबलपुर हाईकोर्ट ने यूथ फॉर इक्वलिटी की याचिका को डिसमिस किया, जिसके आधार पर 87-13 फीसदी के फॉर्मूले से भर्ती रिजल्ट जारी किए जाने की बात उठी थी।
- फिर प्रदेश में जोर पकड़ा गया कि 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण देते हुए भर्ती रिजल्ट जारी किए जाएं।
- इसी दौरान विविध सुनवाई में भी यह मांग उठी और उधर मामला हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चला, जो जारी है। कुछ याचिकाएं वापस ली गई तो कुछ ट्रांसफर होकर हाईकोर्ट से सुप्रीम के लिए पहुंची हुई हैं।
पूरे फरवरी माह में रिजल्ट रुकने की यह रही पूरी कहानी
चर्चा में तीनों विभाग ईएसबी, जीएडी और विधि विभाग के बीच दोनों बातों पर चर्चा हुई, कुछ ने सलाह दी कि 27 फीसदी आरक्षण देते हुए रिजल्ट जारी होना चाहिए, वहीं कुछ ने यह सलाह दी कि 14 फीसदी से अधिक आरक्षण देने पर अभी भी रोक है और इस पर कोई स्थिति क्लियर नहीं है। ऐसे में वर्तमान 87-13 फीसदी पर ही रिजल्ट जारी किया जाना चाहिए।
इसमें कुछ दिन तक डिस्कस चला और तय हुआ कि इस मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव से चर्चा की जाए और फिर आगे बढ़ा जाए। लेकिन सीएम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में व्यस्त रहे ऐसे में यह नहीं हो सका।
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बीते सप्ताह बैठक में इस रिजल्ट को लेकर यह हुआ
अब क्या होने वाला है ?
इस मामले में अब ईएसबी के वकीलों की रिपोर्ट और विधि विभाग के वकीलों की पैनल की रिपोर्ट इसी सप्ताह आने की बात कही गई है। यह रिपोर्ट आने के साथ ही संभवतः इसे लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव और सीएस अनुराग जैन के साथ चर्चा होगी और फिर एक औपचारिक निर्देश ईएसबी को दिए जाएंगे। इस आधार पर रिजल्ट जारी किया जाए। उम्मीद की जा रही है कि यह फैसला इस सप्ताह यानी 3 से 7 मार्च के बीच हो जाएगा। इसके बाद रिजल्ट जारी किया जाएगा।
उधर, पीएससी 87-13 से जारी कर रहा है रिजल्ट
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