PWD प्रोजेक्ट की डिजिटल तरीके से होगी निगरानी, ट्रैक होगा पूरा रिकॉर्ड

मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग ने 12 फरवरी को तीन नई योजनाओं की शुरुआत की। इन योजनाओं का उद्देश्य निर्माण कार्यों को पारदर्शी और तकनीकी बनाना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि तकनीक से निर्माण कार्यों में सुधार होगा।

author-image
Aman Vaishnav
New Update
mp pwd launches new schemes digital monitoring

गुरुवार, 12 फरवरी को रवींद्र भवन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई थी। इसमें लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने निर्माण कार्यों को और अधिक पारदर्शी और तकनीकी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीएमएस 2.0 (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल का शुभारंभ किया था। अब से पीडब्ल्यूडी के सभी प्रोजेक्ट्स की निगरानी डिजिटल रूप से की जाएगी। साथ ही फाइलों का आवागमन ऑनलाइन होगा। इससे देरी में कमी आएगी।

प्रोजेक्ट की डिजिटल निगरानी होगी

अब हर प्रोजेक्ट की डिजिटल निगरानी होगी। सड़क नेटवर्क के लिए एक वैज्ञानिक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है और बजट आवंटन में होने वाली डुप्लीकेशन को खत्म करने के लिए एक नया सिस्टम बनाया गया है। 

इसके अलावा ग्रीन बिल्डिंग पर भी मंजूरी भी मिल गई है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि तकनीक का होना बहुत जरूरी है। सीएम ने यह भी कहा कि निर्माण सिर्फ इमारतें खड़ी करना नहीं, बल्कि भविष्य की मजबूत नींव रखना है। इंजीनियरों को भी बदलती तकनीकों के हिसाब से खुद को अपडेट करने की अहमियत भी बताई है।

फाइलों में होने वाली देरी कम होगी

इस कार्यक्रम में पीएमएस 2.0 (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम) लॉन्च किया गया। इस बारे में विभागीय मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि इससे अधिकारियों की जिम्मेदारी, लंबित स्वीकृतियां और काम की समय-सीमा अब सिस्टम में दर्ज हो जाएंगी। इसका फायदा यह होगा कि फाइलों में होने वाली देरी कम होगी।

इसके साथ ही पीएम गति शक्ति पोर्टल पर आधारित रोड नेटवर्क मास्टर प्लान का भी शुभारंभ किया गया है। इस मौके पर प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. विक्रांत सिंह तोमर ने कैपेसिटी बिल्डिंग थ्रू इंस्पायर्ड लिविंग पर एक दिलचस्प व्याख्यान भी दिया।

मंत्री राकेश सिंह बोले- पीएम से सीखो

मंत्री राकेश सिंह ने इंजीनियरों को मंच से चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि रिटायरमेंट पास है, तो अब और क्या सीखना? उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीखना चाहिए, जो आज भी सीखते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे मासिक औचक निरीक्षण को अब राजस्थान और ओडिशा भी फॉलो कर रहे हैं।

मंत्री राकेश सिंह ने जताई नाराजगी

अब हम लोक कल्याण सरोवर का कभी भी बिना किसी सूचना के निरीक्षण कर सकते हैं। इंजीनियरों को चेतावनी दी गई है कि सरोवर सभी मापदंडों पर खरा उतरना चाहिए। इस कार्यशाला में लगभग 1485 इंजीनियरों ने पंजीकरण कराया था। लगभग 300 से ज्यादा इंजीनियर आधे सत्र में ही गायब हो गए। इस पर मंत्री राकेश सिंह ने अपनी नाराजगी जताई।

जरूरत से कम सब इंजीनियर

लोक निर्माण विभाग में अब 293 नए सब इंजीनियर के पदों पर भर्ती की मंजूरी मिल चुकी है। भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। इसके अलावा 225 इंजीनियरों के अप्रैल में इंटरव्यू होने हैं। इसके बाद उन्हें भी पोस्टिंग मिल जाएगी। 

अभी विभाग में 1076 सब इंजीनियर काम कर रहे हैं। इनमें से 250 के पास एसडीओ का चार्ज है। असल में 774 सब इंजीनियर ही काम में लगे हुए हैं जबकि विभाग को कुल 1680 सब इंजीनियरों की जरूरत है।

कार्यक्रम में ये चर्चा भी हुई..

  • एक साल के प्रशिक्षण कैलेंडर में सड़क, पुल, भवन, पर्यावरण और नई तकनीकों पर हर तीन महीने में एक खास थीम तय की गई है।
  • प्रशिक्षण कैलेंडर 2026-27 और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मैनुअल जारी कर दिए गए हैं।
  • ट्री-शिफ्टिंग करने पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
  • 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत वाले भवनों को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के हिसाब से बनाया जाएगा।
  • सीएम ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (पीएमएस) 2.0 पोर्टल लॉन्च किया।
  • रोड नेटवर्क मास्टर प्लान और बजट मॉड्यूल की भी विमोचन किया गया है। 
  • मध्य प्रदेश भवन विकास निगम ने चार बड़े एमओयू (समझौता ज्ञापन) किए गए हैं। इनमें से पहला एमओयू योजना और वास्तुकला विद्यालय भोपाल (एसपीए) के साथ किया गया है।
  • एमपीआरडीसी और बीडीसीए ने सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) नई दिल्ली, इंडियन एकेडमी ऑफ हाईवे इंजीनियर्स (आईएएचई) नई दिल्ली, इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (ईएससीआई) हैदराबाद और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) मुंबई के साथ समझौते (एमओयू) किए हैं।
एमपीआरडीसी मध्य प्रदेश भवन विकास निगम सीएम मोहन यादव लोक निर्माण विभाग औचक निरीक्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्री राकेश सिंह पीडब्ल्यूडी
Advertisment