चुनाव में नामांकन के नियम-I
एमपी राज्यसभा उपचुनाव: गलतियों से नहीं सीखी कांग्रेस! फिर फॉर्म 26 ने बढ़ाई मुश्किल
Atul Dwivedi | Nov 02, 2026, 23:22 IST
एमपी राज्यसभा उपचुनाव में कांग्रेस समर्थित राजकुमार लोहानी का नामांकन फॉर्म 26 को लेकर सवालों में।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर होने वाला उपचुनाव दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस समर्थित राजकुमार लोहानी ने नामांकन दाखिल किया है, लेकिन पेंच फॉर्म 26 पर फंस गया है। एक दिलचस्प बात यह भी है कि जिस फॉर्म 26 की वजह से लोहानी मुश्किल में पड़े हैं, मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म भी उस वक्त फॉर्म 26 की वजह से ही रद्द हुआ था।
अब सवाल उठता है कि आखिर ये फॉर्म 26 है क्या? इसे भरना इतना जरूरी क्यों है? और यदि नामांकन दाखिल करते समय उम्मीदवार से कोई गलती हो जाए, तो क्या उसे सुधारने का मौका मिलता है या सीधे नामांकन रद्द कर दिया जाता है?
फॉर्म 26 के बारे में भी आपको विस्तार से बताएंगे, लेकिन उससे पहले समझते हैं कि ऐसी गलतियों को लेकर चुनाव के नियम क्या कहते हैं?
चुनाव आयोग की हैंडबुक और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act, 1951) की धारा 36 में नामांकन पत्रों की जांच को लेकर कुछ जरूरी नियम बताए गए हैं। इनके मुताबिक, रिटर्निंग ऑफिसर को नामांकन की जांच करते समय पूरी सावधानी बरतनी होती है।
![चुनाव में नामांकन के नियम-I]()
राज्यसभा चुनाव या किसी भी चुनाव में फॉर्म 26 भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से तय एक शपथ पत्र होता है। चुनाव लड़ने वाले हर उम्मीदवार के लिए नामांकन पत्र के साथ इसे जमा करना अनिवार्य है। इसमें आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति की जानकारी, आयकर रिटर्न और शैक्षणिक योग्यता जैसी जानकारी उम्मीदवार को देनी होती है। इस फॉर्म में अगर उम्मीदवार कोई जानकारी गलत भरता है या कॉलम को जानबूझकर खाली छोड़ता है, तो उसका फॉर्म रद्द हो सकता है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी राजकुमार लोहानी ने फॉर्म 26 जमा नहीं किया है। कांग्रेस का दावा है कि निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर एक जानकारी दी गई है। इसमें लिखा है कि लोहानी ने नामांकन पत्र के साथ, निर्धारित शपथपत्र यानी फॉर्म 26 जमा नहीं किया है। अब कांग्रेस यह मांग कर रही है कि स्क्रूटनी तक अभ्यर्थी को गलती सुधारने का मौका दिया जाना चाहिए। इसके लिए कांग्रेस चुनाव नियमों का हवाला दे रही है।
![चुनाव में नामांकन के नियम-II]()
जून 2026 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो चुका है। रिटर्निंग ऑफिसर ने 09 जून 2026 को मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इस आधार पर रद्द कर दिया कि उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे (Form 26) में अपने खिलाफ लंबित एक आपराधिक मामले की जानकारी छुपाई थी। यानी तब भी फॉर्म 26 ही कांग्रेस के आड़े आया था, और लोहानी के केस में भी फॉर्म 26 का विवाद है।
जून 2026 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन भी रद्द हो गया था। बता दें कि 9 जून 2026 को रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन खारिज कर दिया था। ऑफिसर ने कहा था कि उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे यानी फॉर्म 26 में अपने खिलाफ चल रहे एक आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी थी।
नामांकन रद्द होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी।
मीनाक्षी नटराजन से जुड़े मामले में अब एक नया अपडेट सामने आया है। जबलपुर हाईकोर्ट में चल रही चुनाव याचिका में भारत निर्वाचन आयोग, मध्य प्रदेश विधानसभा के मुख्य सचिव के रूप में अरविंद शर्मा और मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने खुद को इस मामले से अलग करने की मांग की है।
तीनों को इस याचिका में प्रतिवादी बनाया गया है। इन्होंने कोर्ट में आवेदन (आईए नंबर 20506/2026) लगाकर अपने नाम याचिका से हटाने की मांग की है। इस आवेदन पर हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर 2026 को होगी।
बता दें कि 2 नवंबर को राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि थी। लोहानी ने चुनाव में कांग्रेस विधायकों का समर्थन मांगा था। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें समर्थन का वादा भी किया। लोहानी के नामांकन में 10 विधायक उनके प्रस्तावक बने, लेकिन 3 तारीख को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी से पहले लोहानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कौन हैं निर्दलीय
कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद राजकुमार लोहानी राज्यसभा चुनाव के मैदान में उतर गए हैं। उनका जन्म साल 1959 में भोपाल में हुआ था। वे पुराने भोपाल में रहते हैं और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करते हैं।
राजकुमार लोहानी का किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ाव नहीं रहा है। उन्होंने हायर सेकेंडरी तक पढ़ाई की है। अब वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बीजेपी के प्रत्याशी हरदीप सिंह पुरी को चुनौती देंगे।
भारत निर्वाचन आयोग ने 22 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा उपचुनाव का कार्यक्रम जारी किया था। इसके बाद 26 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई। नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख 2 नवंबर तय की गई है। 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। वहीं, उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से मतदान शुरू होगा। विधायक शाम 4 बजे तक वोट डाल सकेंगे। जरूरत पड़ने पर इसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती यानी Counting of Votes होगी।
अब सबकी नजर 12 नवंबर को होने वाले मतदान पर है। एक तरफ बीजेपी के उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस के समर्थन से निर्दलीय राजकुमार लोहानी चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट का उपचुनाव राजनीतिक रूप से अहम हो गया है।
मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। वे अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। लेकिन 13 अक्टूबर 2026 को एल. मुरुगन ने राज्यसभा सदस्यता और केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद इस सीट पर उपचुनाव कराने का फैसला लिया गया था।
मुरुगन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके अपने इस्तीफे की वजह भी बताई थी। उन्होंने कहा था कि अब वे तमिलनाडु में बीजेपी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करना चाहते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और तमिलनाडु की सेवा करने को अपने लिए सम्मान की बात बताया था। मुरुगन ने कहा था कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जमीनी स्तर पर काम करना चाहते हैं और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देंगे।
राज्यसभा चुनाव में आम जनता सीधे मतदान नहीं करती। विधानसभा के निर्वाचित विधायक राज्यसभा सदस्य को चुनते हैं। विधायक मतपत्र पर उम्मीदवारों के लिए अपनी प्राथमिकता दर्ज करते हैं।
चुनाव आयोग ने Voting Process को लेकर विशेष निर्देश दिए हैं। मतदान के दौरान केवल तय बैंगनी रंग के स्केच पेन का इस्तेमाल होगा। यह पेन रिटर्निंग ऑफिसर की तरफ से दिया जाएगा। विधायक अपनी पसंद से दूसरा पेन इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
फॉर्म 26 के बारे में भी आपको विस्तार से बताएंगे, लेकिन उससे पहले समझते हैं कि ऐसी गलतियों को लेकर चुनाव के नियम क्या कहते हैं?
नियम में क्या है?
- नामांकन खारिज करने के ठोस आधार: रिटर्निंग ऑफिसर केवल तभी किसी नामांकन को खारिज कर सकता है जब उम्मीदवार कानूनी रूप से अयोग्य हो, धारा 33 या 34 की आवश्यकताओं को पूरा न किया गया हो, या उम्मीदवार/प्रस्तावक के हस्ताक्षर असली न हों।
- मामूली गलतियों को नजरअंदाज करने का आदेश:नियम कहता है कि किसी भी नामांकन पत्र को ऐसी छोटी या तकनीकी गलती के आधार पर खारिज नहीं किया जाना चाहिए जो गंभीर प्रकृति की न हो।
- अधिकारियों को सुधार का मौका देने की सलाह:अगर नामांकन पत्र या मतदाता लिस्ट के विवरण में कोई मामूली क्लेरिकल गलती (जैसे चुनाव का साल, निर्वाचन क्षेत्र का सटीक नाम, या मतदाता सूची संख्या लिखने में गलती) है, तो अधिकारी को उम्मीदवार को इसे तुरंत सुधारने का मौका देना चाहिए।
- सुरक्षा राशि (Security Deposit) की सख्त जांच:चुनाव अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उम्मीदवार की तरफ से जमा की गई सुरक्षा निधि वास्तविक रूप से सरकारी खाते में जमा हो चुकी हो।
- शपथ पत्र (Affidavit) अनिवार्य:अगर उम्मीदवार की तरफ से निर्धारित शपथ पत्र जमा नहीं किया गया है, तो नामांकन पत्र को खारिज कर दिया जाएगा।
फॉर्म 26 क्या है ?
राजकुमार लोहानी का केस
चुनाव में नामांकन के नियम-II
मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म हुआ था रद्द
जून 2026 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन भी रद्द हो गया था। बता दें कि 9 जून 2026 को रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन खारिज कर दिया था। ऑफिसर ने कहा था कि उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे यानी फॉर्म 26 में अपने खिलाफ चल रहे एक आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी थी।
नामांकन रद्द होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी।
मीनाक्षी नटराजन के मामले में अपडेट
तीनों को इस याचिका में प्रतिवादी बनाया गया है। इन्होंने कोर्ट में आवेदन (आईए नंबर 20506/2026) लगाकर अपने नाम याचिका से हटाने की मांग की है। इस आवेदन पर हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर 2026 को होगी।
लोहानी ने मांगा था समर्थन
कौन हैं निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी ?
राजकुमार लोहानी का किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ाव नहीं रहा है। उन्होंने हायर सेकेंडरी तक पढ़ाई की है। अब वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बीजेपी के प्रत्याशी हरदीप सिंह पुरी को चुनौती देंगे।
12 नवंबर को होगा मतदान
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से मतदान शुरू होगा। विधायक शाम 4 बजे तक वोट डाल सकेंगे। जरूरत पड़ने पर इसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती यानी Counting of Votes होगी।
राज्यसभा उपचुनाव का पूरा शेड्यूल
| चुनाव प्रक्रिया | तारीख |
|---|---|
| अधिसूचना जारी | 26 अक्टूबर 2026 |
| नामांकन की आखिरी तारीख | 2 नवंबर 2026 |
| नामांकन पत्रों की जांच | 3 नवंबर 2026 |
| नाम वापस लेने की अंतिम तारीख | 5 नवंबर 2026 |
| मतदान | 12 नवंबर 2026 |
| मतदान का समय | सुबह 9 से शाम 4 बजे |
| मतगणना (जरूरत पड़ने पर) | 12 नवंबर, शाम 5 बजे |
| चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की तारीख | 16 नवंबर 2026 |
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
मुरुगन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके अपने इस्तीफे की वजह भी बताई थी। उन्होंने कहा था कि अब वे तमिलनाडु में बीजेपी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करना चाहते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और तमिलनाडु की सेवा करने को अपने लिए सम्मान की बात बताया था। मुरुगन ने कहा था कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जमीनी स्तर पर काम करना चाहते हैं और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देंगे।
राज्यसभा चुनाव में कैसे होगी वोटिंग?
चुनाव आयोग ने Voting Process को लेकर विशेष निर्देश दिए हैं। मतदान के दौरान केवल तय बैंगनी रंग के स्केच पेन का इस्तेमाल होगा। यह पेन रिटर्निंग ऑफिसर की तरफ से दिया जाएगा। विधायक अपनी पसंद से दूसरा पेन इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
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