एमपी राज्यसभा उपचुनाव: मतदान से पहले ही खत्म होगा मुकाबला? कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी राजकुमार लोहानी की बढ़ी मुश्किल
Atul Dwivedi | Nov 02, 2026, 21:04 IST
MP राज्यसभा उपचुनाव में शपथपत्र की कमी से कांग्रेस समर्थित राजकुमार लोहानी की उम्मीदवारी पर संकट, पुरी की राह आसान?
मध्य प्रदेश में चुनाव हो और सियासी हलचल न मचे, ऐसा कैसे हो सकता है। राज्यसभा की एक सीट पर हो रहे उपचुनाव में भी अब सियासी ड्रामा शुरू हो गया है। बीजेपी उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की जीत लगभग पक्की मानी जा रही थी, लेकिन आखिरी समय में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी ने मैदान में उतरकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
हालांकि, अब एक शपथपत्र की कमी के चलते लोहानी की उम्मीदवारी पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या चुनाव में दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा या फिर वोटिंग से पहले ही पूरा खेल खत्म हो जाएगा?
राजकुमार लोहानी ने सोमवार, 02 नवंबर को विधानसभा पहुंचकर रिटर्निंग ऑफिसर के सामने अपना नामांकन दाखिल किया है। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे उनके प्रस्तावक बने थे।
लेकिन अब लोहानी के नामांकन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस का दावा है कि निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, लोहानी ने नामांकन के साथ जरूरी शपथपत्र यानी फॉर्म 26 जमा नहीं किया है।
इसी को लेकर कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी उम्मीदवार के नामांकन फॉर्म में कोई गलती या कमी रह जाती है, तो रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी है कि वह स्क्रूटनी यानी नामांकन पत्रों की जांच तक उम्मीदवार को गलती सुधारने का मौका दे।
कांग्रेस अपनी इस मांग के समर्थन में रिटर्निंग ऑफिसर की हैंडबुक के अध्याय 6 का हवाला दे रही है। कांग्रेस का कहना है कि पिछले राज्यसभा चुनाव में झारखंड से बीजेपी उम्मीदवार परिमल नथवानी को भी अधूरे नामांकन फॉर्म में सुधार करने का मौका दिया गया था।
अब कांग्रेस चाहती है कि निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी को भी इसी तरह अपनी गलती सुधारने का मौका मिले, ताकि उनकी उम्मीदवारी बनी रहे।
बता दें कि 2 नवंबर को राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि थी। लोहानी ने चुनाव में कांग्रेस विधायकों का समर्थन मांगा था। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें समर्थन का वादा भी किया था। लोहानी के नामांकन में 10 विधायक उनके प्रस्तावक बने, लेकिन 03 तारीख को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी से पहले लोहानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 116 वोट चाहिए। हालांकि 229 विधायक ही वोट करेंगे, क्योंकि कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा वोटिंग में हिस्सा नहीं ले सकते। बीजेपी के पास पूरा संख्या बल है, यानी हरदीप पुरी की जीत लगभग तय है। संख्या बल के लिहाज से बीजेपी मजबूत स्थिति में है। ऐसे में मतदान हुआ भी तो हरदीप सिंह पुरी की जीत की संभावना बेहद प्रबल है। यदि मुकाबले की नौबत आती है, तो निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक 12 नवंबर को शाम 4 बजे तक मतदान होगा।
जून 2026 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन भी रद्द हो गया था। बता दें कि 9 जून 2026 को रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन खारिज कर दिया था। ऑफिसर ने कहा था कि उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे यानी फॉर्म 26 में अपने खिलाफ चल रहे एक आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी थी।
नामांकन रद्द होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी।
कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद राजकुमार लोहानी राज्यसभा चुनाव के मैदान में उतर गए हैं। उनका जन्म साल 1959 में भोपाल में हुआ था। वे पुराने भोपाल में रहते हैं और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करते हैं।
राजकुमार लोहानी का किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ाव नहीं रहा है। उन्होंने हायर सेकेंडरी तक पढ़ाई की है। अब वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बीजेपी के प्रत्याशी हरदीप सिंह पुरी को चुनौती देंगे।
बता दें कि हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) केंद्र सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं। वे जुलाई 2021 से इस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनका जन्म 15 फरवरी 1952 को दिल्ली में हुआ था। उनकी उम्र 74 साल है।
राजनीति में आने से पहले हरदीप सिंह पुरी भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी थे। वे 1974 बैच के अफसर रहे हैं। उन्होंने कई साल विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। साल 2009 से 2013 तक वे संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि भी रहे।
हरदीप सिंह पुरी ने 2014 में बीजेपी जॉइन की थी। इसके बाद उन्हें केंद्र सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां मिलीं। वे आवास और शहरी मामलों के मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा नागरिक उड्डयन मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनकी पत्नी लक्ष्मी पुरी भी भारतीय विदेश सेवा की पूर्व अधिकारी हैं। उनकी दो बेटियां हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने 22 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा उपचुनाव का कार्यक्रम जारी किया था। इसके बाद 26 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई। नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख 2 नवंबर तय की गई है। 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। वहीं, उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से मतदान शुरू होगा। विधायक शाम 4 बजे तक वोट डाल सकेंगे। जरूरत पड़ने पर इसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती यानी Counting of Votes होगी।
अब सबकी नजर 12 नवंबर को होने वाले मतदान पर है। एक तरफ बीजेपी के उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस के समर्थन से निर्दलीय राजकुमार लोहानी चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट का उपचुनाव राजनीतिक रूप से अहम हो गया है।
मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। वे अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। लेकिन 13 अक्टूबर 2026 को एल. मुरुगन ने राज्यसभा सदस्यता और केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद इस सीट पर उपचुनाव कराने का फैसला लिया गया था।
मुरुगन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके अपने इस्तीफे की वजह भी बताई थी। उन्होंने कहा था कि अब वे तमिलनाडु में बीजेपी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करना चाहते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और तमिलनाडु की सेवा करने को अपने लिए सम्मान की बात बताया था। मुरुगन ने कहा था कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जमीनी स्तर पर काम करना चाहते हैं और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देंगे।
राज्यसभा चुनाव में आम जनता सीधे मतदान नहीं करती। विधानसभा के निर्वाचित विधायक राज्यसभा सदस्य को चुनते हैं। विधायक मतपत्र पर उम्मीदवारों के लिए अपनी प्राथमिकता दर्ज करते हैं।
चुनाव आयोग ने Voting Process को लेकर विशेष निर्देश दिए हैं। मतदान के दौरान केवल तय बैंगनी रंग के स्केच पेन का इस्तेमाल होगा। यह पेन रिटर्निंग ऑफिसर की तरफ से दिया जाएगा। विधायक अपनी पसंद से दूसरा पेन इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
शपथ पत्र का विवाद
लेकिन अब लोहानी के नामांकन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस का दावा है कि निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, लोहानी ने नामांकन के साथ जरूरी शपथपत्र यानी फॉर्म 26 जमा नहीं किया है।
इसी को लेकर कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी उम्मीदवार के नामांकन फॉर्म में कोई गलती या कमी रह जाती है, तो रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी है कि वह स्क्रूटनी यानी नामांकन पत्रों की जांच तक उम्मीदवार को गलती सुधारने का मौका दे।
कांग्रेस अपनी इस मांग के समर्थन में रिटर्निंग ऑफिसर की हैंडबुक के अध्याय 6 का हवाला दे रही है। कांग्रेस का कहना है कि पिछले राज्यसभा चुनाव में झारखंड से बीजेपी उम्मीदवार परिमल नथवानी को भी अधूरे नामांकन फॉर्म में सुधार करने का मौका दिया गया था।
अब कांग्रेस चाहती है कि निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी को भी इसी तरह अपनी गलती सुधारने का मौका मिले, ताकि उनकी उम्मीदवारी बनी रहे।
लोहानी ने मांगा था समर्थन
जीत के लिए चाहिए 116 वोट
मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म हुआ था रद्द
नामांकन रद्द होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी।
कौन हैं निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी?
राजकुमार लोहानी का किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ाव नहीं रहा है। उन्होंने हायर सेकेंडरी तक पढ़ाई की है। अब वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बीजेपी के प्रत्याशी हरदीप सिंह पुरी को चुनौती देंगे।
कौन हैं मंत्री हरदीप सिंह पुरी?
राजनीति में आने से पहले हरदीप सिंह पुरी भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी थे। वे 1974 बैच के अफसर रहे हैं। उन्होंने कई साल विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। साल 2009 से 2013 तक वे संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि भी रहे।
हरदीप सिंह पुरी ने 2014 में बीजेपी जॉइन की थी। इसके बाद उन्हें केंद्र सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां मिलीं। वे आवास और शहरी मामलों के मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा नागरिक उड्डयन मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनकी पत्नी लक्ष्मी पुरी भी भारतीय विदेश सेवा की पूर्व अधिकारी हैं। उनकी दो बेटियां हैं।
12 नवंबर को होगा मतदान
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से मतदान शुरू होगा। विधायक शाम 4 बजे तक वोट डाल सकेंगे। जरूरत पड़ने पर इसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती यानी Counting of Votes होगी।
राज्यसभा उपचुनाव का पूरा शेड्यूल
| चुनाव प्रक्रिया | तारीख |
|---|---|
| अधिसूचना जारी | 26 अक्टूबर 2026 |
| नामांकन की आखिरी तारीख | 2 नवंबर 2026 |
| नामांकन पत्रों की जांच | 3 नवंबर 2026 |
| नाम वापस लेने की अंतिम तारीख | 5 नवंबर 2026 |
| मतदान | 12 नवंबर 2026 |
| मतदान का समय | सुबह 9 से शाम 4 बजे |
| मतगणना (जरूरत पड़ने पर) | 12 नवंबर, शाम 5 बजे |
| चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की तारीख | 16 नवंबर 2026 |
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
मुरुगन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके अपने इस्तीफे की वजह भी बताई थी। उन्होंने कहा था कि अब वे तमिलनाडु में बीजेपी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करना चाहते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और तमिलनाडु की सेवा करने को अपने लिए सम्मान की बात बताया था। मुरुगन ने कहा था कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जमीनी स्तर पर काम करना चाहते हैं और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देंगे।
राज्यसभा चुनाव में कैसे होगी वोटिंग?
चुनाव आयोग ने Voting Process को लेकर विशेष निर्देश दिए हैं। मतदान के दौरान केवल तय बैंगनी रंग के स्केच पेन का इस्तेमाल होगा। यह पेन रिटर्निंग ऑफिसर की तरफ से दिया जाएगा। विधायक अपनी पसंद से दूसरा पेन इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
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