समझें क्या है पूरा मामला...
- सागर में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 18 हुई है।
- सोमवार को तीन और लोगों की मौत हुई है।
- फिलहाल 112 मरीज अलग अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।
- पुलिस ने 30 नामजद आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की है।
- जांच में शराब में मेथेनॉल नाम का जहरीला केमिकल मिला है।
तीन और मौतें, आंकड़ा 18 पहुंचा
मध्यप्रदेश के सागर में जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। सोमवार, 07 सितंबर की सुबह तीन और लोगों की मौत हो गई है। धुरमार निवासी महेश रावत (55) ने बंडा अस्पताल में दम तोड़ा। छापरी गांव की श्याम बाई अहिरवार (50) ने जिला अस्पताल में जान गंवाई। पापेट गांव के कृष्ण कुमार लोधी की मौत मेडिकल कॉलेज में हुई। इन मौतों के साथ अब तक मरने वालों की संख्या 18 हो गई है। फिलहाल 112 लोग अलग अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।
परिजनों ने बताई आपबीती
महेश के भतीजे श्रवण कुमार रावत ने पूरी घटना बताई। उन्होंने कहा कि चाचा ने कल शाम शराब पी थी। इसके बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। श्याम बाई के बेटे विट्ठल अहिरवार ने भी अपना दर्द बयां किया। उन्होंने बताया कि वे मामा के घर गमी में गए थे। मां घर में अकेली थीं और उन्होंने गांव से शराब मंगवाई थी। देर रात उनकी तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई थी। सुबह उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
कैसे पहुंची जहरीली शराब
बंडा थाने में दर्ज एफआईआर में पूरा घटनाक्रम सामने आया है। फरियादी अनूप सिंह लोधी के मुताबिक गांव में करीब आठ लोग शराब बेचते हैं। 4 सितंबर को वे भतीजे राजेंद्र के साथ जुझार की दुकान गए थे। जुझार ने बताया कि नया सस्ता ब्रांड गाड़ी से भेजा गया है। यह शराब दुकान से 20 रुपए सस्ती मिलने की बात कही गई थी। राजेंद्र ने पूछा था कि कहीं यह नकली जहरीली शराब तो नहीं है। जुझार ने भरोसा दिलाया था कि ब्रांड असली है और फार्मूले से बना है।
राजेंद्र की लापरवाही
राजेंद्र ने जुझार की दुकान से 70 रुपए में एक क्वार्टर शराब खरीदी। घर लौटने के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। उसे पहले बंडा अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर देखकर उसे सागर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान राजेंद्र की भी मौत हो गई। करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी इसी शराब से मौत हुई।
30 नामजद पर एफआईआर दर्ज
पुलिस ने इस मामले में 30 नामजद आरोपियों पर मामला दर्ज किया है। इनमें जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी और गोविंद लोधी शामिल हैं। लाइसेंसी ठेकेदार यशवंत ठाकुर और सिद्धार्थ कुशवाहा भी आरोपी बनाए गए हैं। मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय और कई अन्य नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा कुछ और ठेकेदारों पर भी जांच शुरू हुई है। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
एसपी ने दी अहम जानकारी
एसपी अनुराग सुजानिया ने मामले पर पूरी जानकारी दी। उनके मुताबिक दो थानों में 25 से ज्यादा नामजद लोगों पर एफआईआर हुई है। उनके मुताबिक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। उनसे शराब के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जगह जगह दबिश दे रही हैं। एसपी ने कहा कि हर बिंदु की बारीकी से जांच हो रही है।
गांव से हो रही थी सप्लाई
गांव के कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ततरवारा गांव में लंबे समय से अवैध शराब बन रही है। यहीं से आसपास के गांवों में शराब सप्लाई होती थी। ग्रामीणों के अनुसार इस काम में प्रभावशाली लोग भी जुड़े हैं। इसी वजह से गांव वाले खुलकर नाम लेने से डरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय पुलिस भी कार्रवाई से बचती रही है।
शराब में मिला मेथेनॉल
शुरुआती जांच में शराब के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। जांच में सामने आया कि यह शराब बाहर से बनकर सप्लाई हुई थी। इसमें मेथेनॉल नाम के जहरीले केमिकल की मिलावट मिली है। मेथेनॉल का इस्तेमाल आमतौर पर औद्योगिक कामों में होता है। इसे सॉल्वेंट, ईंधन और कुछ केमिकल बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। पीने वाली शराब में इसकी मिलावट बेहद खतरनाक मानी जाती है।
मेथेनॉल कितना खतरनाक
मेथेनॉल आम पीने वाली शराब यानी एथेनॉल से पूरी तरह अलग होता है। शरीर में जाने पर यह बहुत जहरीला साबित हो सकता है। इससे आंखों की रोशनी धुंधली हो सकती है या पूरी तरह जा सकती है। उल्टी, पेट दर्द और बेहोशी जैसे गंभीर लक्षण भी हो सकते हैं। गंभीर स्थिति में मरीज की जान भी जा सकती है। नकली या अवैध शराब में इसकी मिलावट सबसे ज्यादा खतरनाक होती है। इसकी थोड़ी सी मात्रा भी शरीर में गंभीर नुकसान कर सकती है।
कहां कितने मरीज भर्ती
फिलहाल जिले के अलग अलग अस्पतालों में मरीजों का इलाज चल रहा है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), सागर में 89 मरीज भर्ती हैं। जिला अस्पताल, सागर में 16 मरीजों का इलाज चल रहा है। बंडा सिविल अस्पताल में सात मरीज भर्ती बताए गए हैं। कुल मिलाकर 112 मरीज इस समय अस्पतालों में भर्ती हैं।
लक्षण दिखें तो क्या करें
शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़े, तो देरी बिल्कुल न करें। तुरंत नजदीकी अस्पताल या इमरजेंसी में मरीज को ले जाएं। डॉक्टर को बताएं कि कौन सी शराब, कब और कितनी पी गई थी। बिना डॉक्टर की सलाह के उल्टी कराने की कोशिश न करें।
बेहोशी, सांस लेने में परेशानी या धुंधला दिखना गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसे में मरीज को अकेला बिल्कुल न छोड़ें। मरीज बेहोश हो लेकिन सांस ले रहा हो, तो उसे करवट पर लिटाएं। अगर शराब की बोतल या सैंपल मौजूद हो, तो उसे साथ ले जाएं। लक्षण न दिखें तब भी शक होने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
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