जहरीली शराब से 11 लोगों की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिथाइल मिला

Amresh Kushwaha | Sept 06, 2026, 09:23 IST
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सागर में जहरीली शराब
सागर में जहरीली शराब

मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से कई मौतें हुई हैं। शुरुआत में 11 संदिग्ध मौतें सामने आईं थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिथाइल मिलने से 10 मौतों की पुष्टि हुई। प्रशासन ने दो गांवों की 7 शराब दुकानें सील कर दी हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से कई मौतें हुई हैं।
  • बंडा क्षेत्र के गांवों में शुरू में 11 संदिग्ध मौतें सामने आईं थीं।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतकों के शरीर में मिथाइल मिला है।
  • प्रशासन ने दो गांवों की 7 शराब दुकानें सील की हैं।
  • गुजरात और बिहार में भी हाल में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से मौत हुई है। यह मामला बंडा विधानसभा क्षेत्र का है। यहां एक के बाद एक कई लोगों की तबीयत बिगड़ी। कुछ ही घंटों में कई लोगों की जान चली गई।

पूरा मामला क्या है

शुरुआती जानकारी में इलाके से 11 संदिग्ध मौतों की खबर आई थी। लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। कई लोगों की अस्पताल पहुंचते ही मौत हो गई। प्रशासन ने आशंका जताई कि मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए।

किन गांवों में हुई मौत

मृतक सागर जिले के चार अलग अलग गांवों के रहने वाले थे। इनमें पाटन, गूगरा, चौका और मगरधा गांव शामिल हैं। एसपी और कलेक्टर सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने मामले की जांच तुरंत शुरू कर दी। शुरुआत में मौत की सही वजह साफ नहीं हो पाई थी।

पोस्टमार्टम में क्या मिला

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ हुई। मृतकों के शरीर में मिथाइल पाया गया है। मिथाइल आमतौर पर अवैध और जहरीली शराब में मिलाया जाता है। इसी आधार पर अधिकारियों ने जहरीली शराब से मौत की पुष्टि की। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 10 मौतें जहरीली शराब से जुड़ी पाई गई हैं। पुलिस को आशंका है कि यह शराब गांव में अवैध तरीके से बनी थी।

प्रशासन की कार्रवाई

घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाए। बंडा के दो गांवों की कुल 7 शराब दुकानें सील कर दी गई हैं। इन दुकानों से शराब के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इससे यह पता चल सकेगा कि शराब में क्या मिलावट थी। प्रशासन अब हर एंगल से मामले की जांच कर रहा है।

गांवों में मेडिकल टीम

दोनों प्रभावित गांवों में मेडिकल टीम भेजी गई है। टीम गांव में घूम घूम कर लोगों की सेहत जांच रही है। जिन लोगों में लक्षण दिख रहे हैं, उनका इलाज शुरू किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी मरीज को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। समय पर इलाज से आगे की जान बचाई जा सकती है।

सीएम ने दिए जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने प्रभारी मंत्री और अधिकारियों को तुरंत जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है।

डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक और दूसरे अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली है। उनका कहना है कि जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल सरकार के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, जिन लोगों की जान को खतरा हो सकता है, उन तक समय पर मदद पहुंचाना। दूसरी, इस पूरे मामले से जुड़े अवैध नेटवर्क का पता लगाकर उसकी पूरी सच्चाई सामने लाना।

कलेक्टर का बयान

सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस मामले पर जानकारी दी। उनके मुताबिक बंडा के दो गांवों की शराब दुकानें सील कर दी गई हैं। कलेक्टर ने बताया कि शराब की सैंपलिंग का काम जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि मृतकों के पोस्टमार्टम में मिथाइल मिला है। इससे जहरीली शराब से मौत की आशंका को बल मिलता है। कलेक्टर ने कहा कि दोनों गांवों में मेडिकल टीम भेजी गई है। लक्षण वाले लोगों की जांच लगातार की जा रही है।

गुजरात में भी हुआ हादसा

जहरीली शराब से मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले महीने गुजरात के भावनगर जिले में भी ऐसी घटना हुई थी। वहां जहरीली शराब पीने से 10 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। एक दर्जन से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने चार अवैध शराब विक्रेताओं को हिरासत में लिया था। पीड़ितों ने एक लोकप्रिय आईएमएफएल (Indian Made Foreign Liquor) ब्रांड की शराब पी थी। गुजरात में शराबबंदी लागू है, फिर भी यह हादसा हुआ था।

बिहार में भी हुई मौतें

बिहार में भी हाल ही में ऐसी घटना सामने आई थी। पिछले हफ्ते पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र में यह मामला हुआ। बेढ़ना गांव में जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों के नाम विकास राम, शशि कुमार, पंकज सिंह और निशु कुमार बताए गए। परिजनों के मुताबिक शराब पीते ही सभी की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया था। लेकिन इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई। बिहार में भी शराबबंदी लागू है, इसके बावजूद यह हादसा हुआ।

बड़े सवाल खड़े हुए

इन तीनों घटनाओं से एक बड़ा सवाल खड़ा होता है। शराबबंदी वाले राज्यों में भी अवैध शराब आसानी से क्यों मिल जाती है। जहरीली शराब बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। कई लोगों का कहना है कि सिर्फ दुकानें सील करना काफी नहीं है। अवैध शराब बनाने के पूरे नेटवर्क को खत्म करना जरूरी है। सागर मामले में अब सबकी नजर आगे की जांच पर टिकी है।

मिथाइल कितना खतरनाक

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिथाइल का जिक्र हुआ है, जो बेहद खतरनाक रसायन है। इसे मेथेनॉल भी कहते हैं और यह असली शराब से सस्ता पड़ता है। कई बार अवैध शराब बनाने वाले मुनाफे के लिए इसे मिला देते हैं। यह रसायन शरीर में जाते ही आंखों और नसों पर सीधा असर डालता है। कई बार इससे व्यक्ति की आंखों की रोशनी भी चली जाती है। ज्यादा मात्रा में शरीर में जाने पर मौत तक हो सकती है। यही वजह है कि डॉक्टर इसे बेहद जानलेवा रसायन मानते हैं।

आगे की जांच जारी

प्रशासन इलाके में अवैध शराब पर लगातार नजर रख रहा है। पुलिस टीमें गांवों में जाकर लोगों से पूछताछ कर रही हैं। शराब कहां से आई और किसने बनाई, इसका भी पता लगाया जा रहा है। जांच में शामिल पाए जाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन ने ग्रामीणों से अवैध शराब की सूचना तुरंत देने की अपील की है। इससे आगे ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

सरकार का सख्त एक्शन, तीन अफसर सस्पेंड

राज्य सरकार ने भी इस मामले में तुरंत सख्ती दिखाई है। ग्वालियर की उपायुक्त और संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को तत्काल सागर भेजा गया है। वे अवैध शराब की बिक्री और परिवहन से जुड़े हर पहलू की जांच करेंगी।

इसके साथ ही सागर आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इनमें सहायक आयुक्त आबकारी कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और आबकारी उप निरीक्षक प्रोशनी उरेती शामिल हैं। सरकार की यह कार्रवाई लापरवाही पर सीधी चोट मानी जा रही है।

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