मृत शिक्षक का तबादला, शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

Sanjay Dhiman | Jun 20, 2025, 23:57 IST
Share
khargoun dpc office
Photograph: (the sootr)

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का नया कारनामा सामने आया है। प्रदेश के खरगौन जिले के अधिकारियों ने एक मृत शिक्षक का तबादला कर दिया। अब अघिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खडे हो रहे है। जबकि शिक्षक की मृत्यु हुए चार महीने से अधिक समय हो चुका है।

मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग में हाल ही में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जिसे लेकर राज्यभर में हलचल मच गई है। खरगोन जिले के भगवानपुरा ब्लॉक में प्राथमिक स्कूल की एक शिक्षिक का ट्रांसफर किया गया, जो चार महीने पहले ही दुनिया को छोड़ चुका है। इस घटना ने न केवल शिक्षा विभाग को शर्मसार किया है, बल्कि राज्य के सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृत शिक्षक का ट्रांसफर - सवालों के घेरे में शिक्षा विभाग

शिक्षिक पूनम सिंह रावत का निधन 11 फरवरी 2025 को हुआ था, लेकिन उनके नाम पर झिरन्या ब्लॉक में ट्रांसफर आदेश जारी किया गया। इसे लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। जब यह मामला मीडिया में उजागर हुआ, तो हर किसी के दिमाग में यही सवाल आया: क्या अब स्कूलों में मृत शिक्षक बच्चों को पढ़ाएंगे?इस मामले की शुरुआत तब हुई जब खरगोन जिले के शिक्षा विभाग ने तबादला नीति के तहत कई शिक्षकों और कर्मचारियों का ट्रांसफर किया। लेकिन इस बार यह मामला गंभीर हो गया, क्योंकि मृत शिक्षिक का नाम भी तबादला सूची में शामिल था। इस संदर्भ में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया, जिससे और भी अधिक विवाद उत्पन्न हुआ।

यह खबरें भी पढ़ें...

पटवारी ट्रांसफर में राजस्व विभाग ने ही तोड़ दी गाइडलाइन

अर्थ बिल्डर ने की करोड़ों की धोखाधड़ी, कई परिवारों का भविष्य दांव पर

एक पखवाड़ा पहले प्रारंभ हुए तबादलें

मध्य प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले एमपी ट्रांसफर नीति में कई सुधार किए थे, जिससे कर्मचारियों और शिक्षकों का स्थानांतरण सुगम हो सके। लेकिन यह मामला तबादला नीति के पालन में गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। शिक्षा विभाग में ऐसे मामलों को लेकर कई बार आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं, और यह घटना इन समस्याओं को और भी बढ़ा रही है।

यह खबरें भी पढ़ें...

राहुल गांधी का बयान, भाजपा और RSS नहीं चाहते गरीब बच्चे अंग्रेजी सीखें

फरदीन ने मुस्लिम लड़की की मदद से हिंदू लड़की को फंसाया, दुष्कर्म कर धर्म बदलने का बनाया दबाव

अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

अब जब यह मामला सामने आया है, तो शिक्षा विभाग और अधिकारियों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लग चुका है। क्या भविष्य में इस तरह के अधिक चौंकाने वाले मामलों का सामना करना पड़ेगा? क्या विभाग इसे सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा? इन सवालों का जवाब जनता और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों को चाहिए।

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃

🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

Tags:
  • शिक्षा विभाग
  • मध्य प्रदेश
  • खरगोन
  • एमपी ट्रांसफर नीति
  • निधन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा