एमपी का बड़ा शराब घोटाला : क्या सोम डिस्टिलरी ने लगाया 920 करोड़ का चूना? CBI-ED जांच की मांग

Sanjay Dhiman | Apr 20, 2026, 21:10 IST
Share
mp-som-distillery-920-crore-liquor-permit-scam
Photograph: (the sootr)

मध्य प्रदेश में सोम डिस्टिलरी पर 920 करोड़ रुपए के नकली परमिट घोटाले का आरोप लगा है। मामला लगातार चर्चाओं में है। अब इस मामले में CBI और ED जांच की मांग तेज हो गई है।

मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में आजकल एक ही चर्चा है-920 करोड़ का कथित नकली परमिट घोटाला। यह मामला केवल पैसों का नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था की साख का भी है। देपालपुर की अदालत के एक आदेश ने सोम डिस्टिलरीज के खिलाफ गंभीर आरोपों की परतें खोल दी हैं। शराब के धंधे में टैक्स चोरी कोई नई बात नहीं है। लेकिन यहां आरोप एक-दो करोड़ का नहीं, बल्कि पूरे 920 करोड़ का है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह खेल परमिट के नाम पर खेला गया। हर ट्रक के पीछे हजारों रुपयों की सरकारी ड्यूटी की हेराफेरी की गई। अब सवाल यह है कि आखिर सरकारी खजाने में सेंध लगी कैसे? क्या इसमें आबकारी विभाग के बड़े अफसर भी शामिल थे?





कैसे हुआ 920 करोड़ का यह खेल?

आबकारी विशेषज्ञों ने इस घोटाले की गणित को बहुत बारीकी से समझाया है। उन्होंने एक ट्रक को आधार मानकर पूरी गणना तैयार की है। बताया जा रहा है कि एक परमिट का मतलब एक ट्रक होता है। हर ट्रक में शराब के लगभग 1200 बॉक्स भरे होते हैं। 'ब्लू चिप व्हिस्की' की कीमत के आधार पर टैक्स का हिसाब लगाया गया।

प्रति बॉक्स करीब 893 रुपए की मूल कीमत मानी गई थी। इस पर आयकर, वैट (VAT) और भारी-भरकम ड्यूटी लगनी थी। अगर सरकारी आंकड़ों को देखें, तो प्रति बॉक्स ड्यूटी 3304 रुपए है। इस हिसाब से एक ट्रक पर करीब 40 लाख की ड्यूटी बनती है। ऐसे 2203 परमिटों का इस्तेमाल कथित रूप से गलत तरीके से किया गया। कुल मिलाकर यह राशि 9,20,66,01,360 रुपए यानी करीब 920 करोड़ पहुंचती है।

कथित घोटाला: टैक्स और ड्यूटी की गणना

मद (Item)दर (Rate)प्रति बॉक्स राशि (₹)प्रति परमिट राशि (1200 बॉक्स) (₹)
आयकर (Income Tax)2%₹17.86₹21,432
परिवहन शुल्क (Transport Fee)8%₹71.44₹85,728
वैट (VAT)10%₹89.30₹1,07,160
एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty)—₹3,304.00₹39,64,800
कुल योग (Total)₹3,482.60₹41,79,120
मुख्य बिंदु:

  • एक परमिट की कीमत: सरकारी खजाने के हिसाब से एक परमिट (यानी एक ट्रक) पर कुल ₹41,79,120 का राजस्व बनता है।
  • कुल घोटाला: इसी गणित के आधार पर 2203 परमिटों का कुल आकलन लगभग 920 करोड़ रुपए लगाया गया है।

जांच के घेरे में बड़े साहब और सरकारी सिस्टम

इतने बड़े घोटाले की खबर आते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। लोग पूछ रहे हैं कि इतने सालों तक विभाग क्या कर रहा था? क्या बड़े आबकारी अफसरों को इस खेल की भनक तक नहीं थी? विशेषज्ञों ने अब तत्कालीन आबकारी आयुक्त और प्रमुख सचिव की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

बिना सरकारी मिलीभगत के इतना बड़ा फर्जीवाड़ा संभव नहीं जान पड़ता है। इसीलिए अब इस मामले में कड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने की मांग है। आम जनता का पैसा इस तरह लुटाया जाना लोकतंत्र के लिए घातक है। अब सबकी नजरें सरकार के अगले कदम और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

CBI और ED से जांच की मांग

आबकारी क्षेत्र के जानकारों का एक समूह अब आर-पार की लड़ाई लड़ रहा है। वे जल्द ही दिल्ली जाकर CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सबूत सौंपेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती। इसलिए केंद्रीय एजेंसियों का दखल देना अब बेहद जरूरी हो गया है।

ED इस बात की जांच करेगी कि यह पैसा कहां गया और कैसे खपाया गया। मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी इस केस की जांच की जा सकती है। यदि यह आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह देश का बड़ा घोटाला होगा। इससे कई रसूखदार सफेदपोश नेताओं और अफसरों की नींद उड़ना तय है।

निष्कर्ष: सुशासन की कसौटी पर मध्य प्रदेश सरकार

920 करोड़ का यह घोटाला मध्य प्रदेश की छवि पर एक बड़ा दाग है। प्रशासन को चाहिए कि वह पारदर्शिता के साथ इस मामले की जांच कराए। जब तक बड़े दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, सिस्टम में सुधार नहीं आएगा। प्रदेश की जनता चाहती है कि उनके टैक्स का पैसा विकास में लगे। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां इस मकड़जाल को कब तक सुलझा पाती हैं।

यह खबरें भी पढ़ें...

आबकारी आयुक्त तय करेंगे सोम डिस्टिलरीज का लाइसेंस का फैसला

सोम डिस्टिलरीज को हाईकोर्ट से एक और झटका, अब लाइसेंस पर फैसला करेगा आबकारी विभाग

टेंडर पाने की जिद में तड़पती सोम डिस्टिलरीज, कोर्ट से मिल रहे एक के बाद एक झटके, अब डिविजनल बेंच में टिकी नजर

सोम डिस्टिलरीज पर 575 करोड़ का बकाया, फिर भी धड़ल्ले से लिकर बिजनेस कर रही कंपनी

Tags:
  • प्रवर्तन निदेशालय
  • CBI
  • सोम डिस्टिलरीज
  • मध्य प्रदेश सरकार
  • आबकारी विभाग
  • VAT
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं