सरकारी लोन से स्टार्टअप में पिछड़े इंदौर-भोपाल, छोटे जिले निकल रहे आगे
Aman Vaishnav | Aug 02, 2026, 09:50 IST
सरकारी लोन से स्टार्टअप में पिछड़े इंदौर-भोपाल
मध्य प्रदेश में सरकारी लोन से स्टार्टअप शुरू करने में छोटे जिले आगे निकल गए हैं। इस मामले में सतना सबसे आगे रहा है। वहीं इंदौर-भोपाल सबसे फिसड्डी रहे हैं।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश में सरकारी लोन से स्टार्टअप शुरू करने का ट्रेंड बदल रहा है।
- छोटे जिले इसमें बड़े शहरों से आगे निकल गए हैं।
- मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की 2026-27 समीक्षा में यह बात सामने आई।
- सिंगरौली जिले ने सबसे ज्यादा लोन स्वीकृत करवाए हैं।
- भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहर इस दौड़ में पीछे रह गए।
छोटे जिलों ने मारी बाजी
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत हर साल राज्य में युवाओं को लोन दिए जाते हैं। इसका मकसद रोजगार के नए अवसर बनाना है।
साल 2026-27 की समीक्षा में साफ हुआ कि छोटे जिले लोन स्वीकृति और वितरण में आगे हैं। बड़े शहरों के मुकाबले छोटे जिलों में आवेदन ज्यादा मंजूर हुए हैं।
सिंगरौली टॉप पर, आंकड़े देखें
इसके बाद कटनी जिले का नंबर आता है। यहां 34 स्टार्टअप को लोन मिला है। कुल राशि 4.20 करोड़ रुपए रही। सतना जिले में भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है। यहां 32 लोन स्वीकृत हुए। कुल रकम 3.03 करोड़ रुपए बांटी गई।
भोपाल-इंदौर क्यों पिछड़े
ग्वालियर जिला इस सूची में सबसे पीछे रहा है। यहां सिर्फ 12 स्टार्टअप को लोन मिल सका है। कुल रकम 1.57 करोड़ रुपए रही। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि बड़े शहरों में युवा इस योजना से कम जुड़ पाए।
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योजना का मकसद क्या है
छोटे जिलों में इस योजना का असर ज्यादा दिख रहा है। यहां रोजगार के साधन सीमित होते हैं। इसलिए युवा सरकारी लोन का ज्यादा फायदा उठा रहे हैं।
बड़े शहरों में निजी नौकरियों के भी विकल्प मौजूद रहते हैं। शायद इसी वजह से वहां आवेदन कम आते हैं।
स्टार्टअप क्या होता है?
- ऐसा नया बिजनेस, जो किसी समस्या का नया समाधान लेकर आता है।
- यह टेक्नोलॉजी पर आधारित हो सकता है, लेकिन जरूरी नहीं।
- अगर Startup India में रजिस्ट्रेशन करा लिया जाए, तो सरकार की कई योजनाओं और सुविधाओं का फायदा मिल सकता है।
छोटे जिले आगे क्यों निकल रहे हैं?
- छोटे शहरों में बिजनेस शुरू करने का खर्च कम होता है।
- जिला स्तर पर इनक्यूबेशन सेंटर से मदद मिल रही है।
- सरकार सब्सिडी, ट्रेनिंग और मेंटरशिप दे रही है।
- लोग अपने इलाके की समस्याओं का समाधान करने वाले स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं।
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