राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी खर्च का हिसाब न देने वाले 28 उम्मीदवार को बताया अयोग्य
Aman Vaishnav | May 04, 2026, 16:13 IST
mp state election commission disqualifies candidates
मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने 2022 निकाय चुनावों में खर्च का ब्यौरा न देने और कैश नियमों के उल्लंघन पर 28 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया है। इसमें वर्तमान पार्षदों की सदस्यता भी खत्म होगी। मध्य प्रदेश
News In Short
- चुनाव आयोग ने 28 उम्मीदवारों को चुनाव नियमों के उल्लंघन के चलते अयोग्य घोषित कर दिया है।
- जो उम्मीदवार अभी पार्षद के पद पर हैं, अयोग्य घोषित होने के बाद उनकी सदस्यता खत्म हो जाएगी।
- इन प्रत्याशियों ने 2022 के चुनाव के बाद अपने खर्च का हिसाब और ऑडिट रिपोर्ट जमा नहीं की थी।
- पांच हजार रुपए से ज्यादा का नकद भुगतान करने वाले उम्मीदवारों को भी एक साल के लिए बैन किया गया है।
- अयोग्य घोषित प्रत्याशी अब 2027 में होने वाले नगर निगम और नगर पालिका चुनावों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
News In Detail
जानकारी के अनुसार साल 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में जिन उम्मीदवारों ने अपने चुनावी खर्च का हिसाब नहीं दिया था, उन पर आयोग ने सख्ती दिखाई है।
आयोग ने जिलेके अलग-अलग निकायों के 28 उम्मीदवारों को 2027 में होने वाले चुनावों के लिए अयोग्य करार दे दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इनमें से कुछ उम्मीदवार अभी पार्षद के पद पर हैं, जिनकी सदस्यता अब अपने आप ही खत्म हो जाएगी।
दो साल के लिए बताया अयोग्य
इसके अलावा ऐसे उम्मीदवार जिन्होंने नकद भुगतान के नियमों का उल्लंघन किया, उन्हें अगले एक साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इनमें वे प्रत्याशी शामिल हैं, जिन्होंने चुनाव खर्च का हिसाब तो दिया, लेकिन पांच हजार रुपए से ज्यादा का भुगतान नकद में किया था।
कद भुगतान पर भी पाबंदी
134f1f46-546
इन उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया
- नगरपालिका परिषद विदिशा: तीन उम्मीदवार (रोहित मोहन सिंह घेंघट, धीरज सोनी, राहुल रत्नाकर)
- नगरपालिका गंजबासौदा: छह उम्मीदवार (अमित पाल, रामराज, सीमा बहिन जी, कोमल प्रसाद अहिरवार, चंद्र प्रकाश, संजीव कुमार उर्फ संजीव शर्मा)
- नगर परिषद लटेरी: चार उम्मीदवार (नारन सहरिया, सरोज बाई सहरिया, नीतू नरेश सक्सेना, गीता देवी अहिरवार)
- नप कुरवाई: 15 उम्मीदवार (रोशन जहां मजाज मोहम्मद, कमला बाई बनवारी बागड़ी, नीतू अहिरवार, सरोज राकेश सप्रे, इदरीश खां, फेमीदा बी इदरीश खां, मंजू आदि)
ये खबर क्यों जरूरी है?
खर्च का हिसाब न देना या नकद सीमा का उल्लंघन करना चुनावी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है, जिसे रोकने के लिए ऐसी कार्रवाई अनिवार्य है।
इससे भविष्य के उम्मीदवारों में डर बना रहेगा और वे नियमों का पालन करेंगे।इससे अंततः जनता को साफ-सुथरी राजनीति और ईमानदार प्रतिनिधि मिल सकेंगे।
ये खबरें भी पढ़िए...
एमपी सरकार की शौर्य संकल्प योजना से सेना-पुलिस की मिलेगी फ्री ट्रेनिंग, जानें किसे मिलेगा लाभ
पंचायत-निकाय चुनाव टालने पर 11 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी
एमपी में स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के डेटा में गड़बड़ी
मध्य प्रदेश में डॉक्टरों की बॉन्ड पोस्टिंग में गड़बड़ी, PG डॉक्टर गांव छोड़ मेडिकल कॉलेज पहुंचे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari