श्रम और जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों की कमान होगी अब शिक्षा विभाग के हाथ
Sanjay Sharma | May 14, 2026, 23:16 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. MP सरकार आदिवासी विकास और श्रम विभाग के 29 हजार स्कूलों को शिक्षा विभाग में मर्ज करेगी। CM की अध्यक्षता में बैठक में अंतिम निर्णय लिया गया।
समझें पूरा मामला...
- शिक्षा विभाग को मिलेंगे जनजातीय कार्य और श्रम विभाग के 29 हजार स्कूल।
- संचालन की बाधाओं को देखते हुए सरकार के स्तर पर मर्जर की तैयारी तेज।
- मर्जर के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के पास होगी 1.15 लाख स्कूलों की जिम्मेदारी।
- विभागों की व्यवस्थाओं की विसंगति दूर करने के बाद होगा स्कूलों का मर्जर।
- साल 2014- 15 में मर्जर का प्रस्ताव को तत्कालीन मंत्री की आपत्ति पर हुआ था होल्ड।
यानी जल्द ही प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के संचालन का दायित्व स्कूल शिक्षा विभाग को सौंप दिया जाएगा। इस निर्णय पर सीएम डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में मुहर लग सकती है।
विसंगति भरी तिहरी व्यवस्था
वहीं जनजातीय कार्य विभाग आदिवासी अंचलों में करीब 21 हजार से अधिक और श्रम विभाग 4 आवासीय विद्यालय संचालित कर रहा है। मर्जर के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के स्कूलों की संख्या करीब 1.15 लाख हो जाएगी। इस निर्णय से अलग-अलग विभागों की स्कूल संचालन व्यवस्था की असमानता दूर होगी।
इसलिए पड़ी मर्जर की जरूरत
वहीं जनजातीय कार्य विभाग के पास 21 हजार से अधिक और श्रम विभाग के पास भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में चार आवासी स्कूल हैं। अनुसूचित जाति विभाग भी संभाग स्तर पर एक- एक स्कूल चला रहा है। इनमें विभागों की अलग नीतियों, अलग निगरानी और प्रशासनिक सेटअप के कारण शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।
मर्जर से बदलाव के आसार
शिक्षा की खराब गुणवत्ता पर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसको देखते हुए लंबे समय से स्कूली शिक्षा में एकरूपता लाने पर मंथन जारी है। सरकार की पहल के बाद अब स्कूल चलाने वाले विभाग एक साथ इस पर प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। इस बदलाव से सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीदें जताई जा रही हैं।
आएगी नीतिगत समानता
अभी जनजातीय कार्य और श्रम विभाग के स्कूलों पर स्कूल शिक्षा विभाग के लिए बनने वाली ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं होती। श्रम विभाग में शिक्षक समेत अन्य स्टाफ संविदा पर कार्यरत है।
इस वजह से तीनों विभागों में कर्मचारियों से संबंधित नियमों में अलगाव है। मर्जर से इसमें भी समानता आएगी और अनावश्यक दस्तावेजी कार्रवाई से छुटकारा मिलेगा।
मंत्री की आपत्ति से टला था मर्जर
इस प्रस्ताव पर सरकार की मुहर लगने से पहले ही तत्कालीन आदिम जाति कल्याण मंत्री ज्ञान सिंह की आपत्ति ने कार्रवाई टाल दी थी। तब से यह प्रस्ताव होल्ड पर है। हांलाकि अब सरकार की मंशा और तैयारी को देखते हुए इस पर जल्द मुहर लग सकती है।
ये खबरें भी पढ़ें...
सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने वाहनों से घूमेंगे शिक्षक, राज्य शिक्षा केंद्र उठाएगा खर्च
NHM में तीन बार वसूली परीक्षा फीस, रिजल्ट जारी किए बिना ही रद्द कर दी भर्ती
पद संभालते ही विवादों में घिरे पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष, CM ऑफिस ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
बीजेपी में “छोटे पर गाज, बड़े को नोटिस? शक्ति प्रदर्शन पर कार्रवाई ने खड़े किए संगठन के दोहरे मापदंड पर सवाल
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava