एमपी विधानसभा का 5 दिवसीय मानसून सत्र: कृषि से लेकर गृह और ऊर्जा विभाग तक रहेंगे सदन के केंद्र में
Ramanand Tiwari | Jun 19, 2026, 20:50 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 से 24 जुलाई 2026 तक चलेगा सत्र में कृषि, गृह, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों पर सवाल किए जाएंगे। सरकार को विभागवार जवाब देना होगा।
ऐसे समझें पूरा मामला...
- मानसून सत्र 20 से 24 जुलाई 2026 तक चलेगा।
- कृषि, गृह, ऊर्जा और शिक्षा विभाग चर्चा में रहेंगे।
- विभागवार प्रश्न और मंत्रियों की जवाबदेही तय।
- जनहित और विकास योजनाओं पर मुख्य फोकस रहेगा।
- विपक्ष और सत्ता दोनों पक्षों में तीखी बहस संभव।
इस बार के सत्र में पंचायत, कृषि, गृह, वित्त, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, जनजातीय कार्य, नगरीय विकास समेत कई महत्वपूर्ण विभागों पर विधायकों को सरकार से जवाब मांगने का अवसर मिलेगा। विधानसभा सचिवालय ने प्रत्येक दिन के लिए विभागों और जवाब देने वाले मंत्रियों की सूची जारी कर दी है।
एक नजर में जुलाई सत्र 2026...
- सत्र प्रारंभ: 20 जुलाई 2026
- सत्र समाप्ति: 24 जुलाई 2026
- कुल कार्य दिवस: 5
- स्थान: मध्यप्रदेश विधानसभा, भोपाल
- उद्देश्य: विभागवार प्रश्नों पर मंत्रियों से जवाब और जनहित के मुद्दों पर चर्चा
सत्र में क्या रहेगा खास?
सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों, प्रशासनिक निर्णयों और विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल-जवाब होंगे। इससे विभागों की जवाबदेही तय होने के साथ-साथ योजनाओं की जमीनी स्थिति भी सामने आएगी।
20 जुलाई: पंचायत, कृषि और उच्च शिक्षा पर फोकस
ग्रामीण विकास, खेती-किसानी और रोजगार से जुड़े मुद्दे पहले दिन चर्चा के केंद्र में रहने की संभावना है।
21 जुलाई: गृह विभाग , जेल और वित्त विभाग से जवाब
गृह और वित्त विभाग से जुड़े विषयों पर सदन में सबसे अधिक चर्चा होने की संभावना मानी जा रही है।
22 जुलाई: राजस्व, परिवहन और स्कूल शिक्षा पर नजर
शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन से जुड़े जनहित के मुद्दे इस दिन प्रमुख रह सकते हैं।
23 जुलाई: नगरीय विकास, लोक निर्माण और ऊर्जा विभाग की बारी
शहरी विकास, सड़क निर्माण और बिजली व्यवस्था जैसे विषयों पर सरकार को जवाब देना होगा।
24 जुलाई: महिला बाल विकास, खाद्य और जनजातीय कार्य पर चर्चा
यह दिन सामाजिक कल्याण और जनहित योजनाओं की समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधानसभा सत्र में किन मुद्दों पर रहेगी नजर?
- किसानों और ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति।
- कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था।
- बिजली, पानी और सड़क से जुड़े सवाल।
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति।
- रोजगार और उद्योगों में निवेश।
- महिला, आदिवासी और कमजोर वर्गों के कल्याण कार्यक्रम।
- शहरी विकास और बुनियादी सुविधाएं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह सत्र?
पांच दिनों तक चलने वाला यह सत्र प्रदेश की राजनीति, प्रशासन और विकास से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब तलाशने का अवसर प्रदान करेगा।
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