एमपी विधानसभा का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से, 10 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट होगा पेश

मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 1 से 5 दिसंबर तक चलेगा। सत्र में सरकार दो नए अहम विधेयक पेश करेगी। इसके अलावा 10 हजार करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट भी पेश होगा। विपक्ष के सवालों के साथ सरकार की रणनीति सत्र को अहम बनाएगी।

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Ramanand Tiwari
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BHOPAL. मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार एक दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र छोटा लेकिन अहम है। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार कई बड़े फैसले सदन में रखने वाली है।

तीन बड़े सरकारी काम, सत्र को बनाएंगे महत्वपूर्ण

इस बार सत्र केवल पांच दिन का होगा, लेकिन एजेंडा भारी है। सरकार दो नए अहम विधेयक पेश करेगी, जो नगरीय निकायों और व्यापारिक प्रतिष्ठान को प्रभावित करेंगे। इसके साथ ही सरकार इस सत्र में दूसरा अनुपूरक बजट भी पेश करेगी।

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10 हजार करोड़ का होगा अनुपूरक बजट

सरकार द्वारा पेश किया जाने वाला अनुपूरक बजट करीब 10 हजार करोड़ रुपए का होगा। यह बजट उन विभागों और योजनाओं के लिए है जिनमें अतिरिक्त फंडिंग की आवश्यकता बताई गई है। वित्त विभाग ने इससे जुड़े लगभग सभी प्रस्तावों को अंतिम रूप दे दिया है।

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1 से 5 दिसंबर तक चलेगा सत्र

शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 5 दिसंबर तक चलेगा। सत्ता पक्ष अपनी विधायी एजेंडा को पास कराने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष ने भी सवालों और मुद्दों की लंबी सूची तैयार कर ली है। दोनों दलों की रणनीति इस बार सत्र को हाई-इंटेंसिटी बनाने की है।

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धरना-प्रदर्शन की रोक हटाई

इस सत्र की एक खासियत यह है कि विधायकों के धरना-प्रदर्शन पर लगी रोक हटा दी गई है। पहले यह प्रतिबंध विवाद का कारण बना था, इसलिए सरकार ने माहौल सहज करने की कोशिश की है।

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ढाई हजार जवान तैनात

सत्र के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा इंतजाम कड़े किए गए हैं। लगभग ढाई हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ताकि विधानसभा परिसर और आसपास की सुरक्षा चाक-चौबंद रहे।

राइट टू रिकॉल बिल से जनता को मिलेगी शक्ति

नए विधेयक में राइट टू रिकॉल का प्रावधान होगा। इसका मतलब है, यदि जनता अपने चुने हुए अध्यक्ष के काम से संतुष्ट नहीं है, तो वे उन्हें हटाने के लिए वोट दे सकेंगे। इससे स्थानीय निकायों में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी।

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साप्ताहिक अवकाश पर होगी चर्चा

विधानसभा में एक और अहम विधेयक, दुकान एवं प्रतिष्ठान (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025 पर चर्चा होगी। इस विधेयक के तहत दुकानदारों और कामगारों को साप्ताहिक अवकाश का अधिकार मिलेगा। अब सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों को सप्ताह में एक दिन अवकाश देना होगा। इससे कामगारों के स्वास्थ्य और कार्य जीवन में सुधार की उम्मीद है।

रजिस्ट्रेशन के नियमों में होंगे बदलाव

इसके अलावा, सरकार ने दुकान और प्रतिष्ठान के रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने का फैसला लिया है। अब सभी दुकानदारों को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी दुकान का रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसमें सेल्फ-सर्टिफिकेशन का तरीका अपनाया जाएगा। कागजी दस्तावेजों की जगह डिजिटल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। यह कदम व्यापारियों और छोटे प्रतिष्ठानों को राहत देने के लिए उठाया गया है।

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