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मध्य प्रदेश में इस वक्त सबसे ज्यादा बेरोजगार युवा ओबीसी वर्ग से हैं। इनकी संख्या 10 लाख 50 हजार है। इसके बाद एससी-एसटी वर्ग के लगभग 9 लाख युवा बेरोजगार हैं। वहीं सामान्य वर्ग के 6.51 लाख युवा रोजगार पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं।
11 महीने में बढ़े 35 हजार बेरोजगार
धार सरदारपुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल का सरकार ने जवाब दिया है। इसमें सरकार ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक मध्य प्रदेश में रोजगार पोर्टल एमपी पर 25 लाख 95 हजार बेरोजगार युवा रजिस्टर्ड हैं। जबकी 2021 के अंत तक ये संख्या 30 लाख 23 हजार थी।
इनमें 10वीं पास से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट या उससे ज्यादा पढ़े-लिखे युवा भी शामिल हैं। मंगलवार, 17 फरवरी को जारी किए गए आर्थिक सर्वे के अनुसार 2024 के अंत तक प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या 26 लाख 18 हजार थी। नवंबर 2025 तक ये संख्या बढ़कर 26 लाख 53 हजार हो गई है। यानी 11 महीने में 35 हजार बेरोजगार और बढ़ गए हैं।
क्या थे कांग्रेस विधायक के सवाल?
कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने विधानसभा में सरकार से सवाल किया था। ये सवाल मध्य प्रदेश के शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी पर था। प्रताप ग्रेवाल ने पूछा था कि एमपी रोजगार पोर्टल पर कितने शिक्षित और अशिक्षित युवा नौकरी के लिए रजिस्टर्ड हैं। साथ ही विधायक को एक और बात जाननी थी कि बेरोजगार युवाओं में OBC, SC, ST और सामान्य वर्ग के युवाओं की संख्या कितनी है?
रोजगार दिलाने का प्रयास कर रही सरकार
विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल का जवाब कौशल विकास और रोजगार राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने दिया है। उन्होंने बताया कि एमपी रोजगार पोर्टल पर स्कूल और कॉलेज पढ़े हुए युवाओं का रजिस्ट्रेशन स्वैच्छिक तरीके से किया जाता है।
सरकार पूरे प्रदेश के शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। एमपी रोजगार पोर्टल पर तीन साल तक पंजीकरण का नवीनीकरण करने का नियम है। नवीनीकरण नहीं किया जाता है तो रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाता है।
ग्वालियर में सबसे ज्यादा बेरोजगार
बता दें कि प्रदेश में 25 लाख 95 हजार युवा बेरोजगारों में सबसे ज्यादा बेरोजगार युवा ग्वालियर जिले में हैं। यहां एक लाख 5 हजार 110 युवा रजिस्टर्ड है। वहीं पांढुर्णा जिले में बेरोजगार युवाओं की संख्या सबसे कम सिर्फ 3317 है। 2025 के आंकड़ों के अनुसार, ग्वालियर के बाद दूसरे नंबर पर भोपाल है। राजधानी भोपाल में एक लाख एक हजार 940 युवा रोजगार के लिए रजिस्टर्ड हैं।
50 हजार से ज्यादा रजिस्टर्ड युवाओं वाले जिले
| जिला | रजिस्टर्ड युवाओं की संख्या |
| रीवा | 92 हजार 389 |
| सागर | 92 हजार 239 |
| सतना | 86 हजार 500 |
| जबलपुर | 84 हजार 974 |
| छिंदवाड़ा | 84 हजार 599 |
| मुरैना | 82 हजार 876 |
| बालाघाट | 81 हजार 919 |
| इंदौर | 81 हजार 710 |
| देवास | 75 हजार 146 |
| छतरपुर | 72 हजार 188 |
| बैतूल | 66 हजार 934 |
| भिंड | 65 हजार 523 |
| सिवनी | 61 हजार 507 |
| शिवपुरी | 57 हजार 523 |
| खरगोन | 56 हजार 469 |
| नर्मदापुरम | 51 हजार 167 |
| उज्जैन | 51 हजार 125 |
| राजगढ़ | 50 हजार 968 |
सबसे कम रजिस्टर्ड युवाओं वाले जिले
| जिला | रजिस्टर्ड युवाओं की संख्या |
| पांढुर्णा | 3,317 |
| मऊगंज | 6,647 |
| मैहर | 7,596 |
| बुरहानपुर | 13 हजार 816 |
| निवाड़ी | 15,हजार 578 |
| आगर मालवा | 15 हजार 921 |
| हरदा | 16 हजार 845 |
| श्योपुर | 19 हजार 492 |
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