MP प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा की मेरिट रिवाइज में अब लगी रिट अपील
Sanjay Gupta | Jun 28, 2026, 17:55 IST
mpesb primary teacher bharti negligence
मप्र के प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 को लेकर चल रहे विवाद में अब फिर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। सिंगल बेंच ने इस संबंध में 6 मई और 14 मई को मेरिट रिवाइज संबंधी आदेश दिया था। यह 13089 शिक्षकों की भर्ती का मामला है। केस 29 जून के लिए लिस्ट हुआ है।
मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की एक चूक भारी पड़ रही है। मंडल द्वारा अक्टूबर में मध्यप्रदेशप्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 ली थी। यह परीक्षा स्कूल शिक्षा व ट्राइबल विभाग में कुल 13 हजार प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए हुई थी। इसमें पात्र 1.03 लाख उम्मीदवार थे। इसमें विशेष शिक्षक के भी पद थे जिनके लिए आरसीआई से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा डिप्लोमा होना अनिवार्य थे। यह डिम्लोमाधारी के लिए 5 फीसदी बोनस अंक तय थे।
यह विवाद तब हुआ जब ईएसबी ने इन डिप्लोमाधारी से डिप्लोमा की जानकारी मांगी। इसमें केवल हां या ना कहने का विकल्प पोर्टल पर दिया। इसमें संबंधित इस डिप्लोमा का स्कैन कापी नहीं मांगी।
ऐसे में कई उम्मीदवारों ने डिप्लोमा नहीं होने के बाद भी हां भर दिया। जिससे ईएसबी ने उन्हें 5 फीसदी बोनस अंक दे दिए। इसके बाद 27 फरवरी 2026 को मेरिट सूची जारी हुई तो विवाद हो गया।
क्योंकि बिना डिप्लोमा के बोनस पाने वाले केवल पोर्टल पर हां टिक करने के चलते मेरिट में आ गए। जबकि कई पात्र अभ्यर्थियों की मेरिट ऊपर-नीचे हो गई। मामला हाईकोर्ट गया और इस पर 6 मई और 14 मई को रिवाइज मेरिट सूची जारी करने के आदेश हुए।
इस मध्यप्रदेश प्राथमिक शिक्षक भर्तीमें स्पेशल एजुकेशन टीचर के 781 पद शामिल हैं। इसके अलावा सामान्य शिक्षकों के 11 हजार 197 पद हैं। मेरिट सूची विवाद के कारण भर्ती प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में गलत तथ्य पेश करने का आरोप लगाया है।
हाईकोर्ट सिंगल बेंच में बताया गया कि 5000 अभ्यर्थियों ने गलत टिक किया। इन अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत बोनस अंक का लाभ मिल गया बताया गया है। जबकि मेरिट सूची में केवल 781 अभ्यर्थी ही बोनस अंक से चयनित हुए हैं। इस स्थिति के कारण 11197 चयनित सामान्य शिक्षक भी प्रक्रिया में उलझ गए हैं। हालांकि इन चयनित शिक्षकों ने किसी भी प्रकार का RCI बोनस नहीं लिया था।
781 पदों के लिए 14964 अभ्यर्थियों से RCI डिप्लोमा अपलोड कराया जा रहा है। इसके लिए कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने 23 जून को नोटिस जारी किया।
पोर्टल 24 जून से 8 जुलाई तक दस्तावेज अपलोड के लिए खोला गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चयनित सामान्य शिक्षकों (11197 पद) का इससे कोई लेना देना नहीं नहीं है। उनका तर्क है कि सिंगल बेंच में गलत तथ्य देकर मेरिट रिवाइज करना उचित नहीं था।
ईएसबी के भर्ती नियम में स्पष्ट लिखा था कि डिप्लोमा की जानकारी अभ्यर्थी को स्वयं देनी होगी। इसकी सत्यता की पूरी जिम्मेदारी भी अभ्यर्थी पर ही तय की गई थी और गलत पाए जाने पर दावेदारी निरस्त होगी।
हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि स्कैन कॉपी अपलोड करने का विकल्प होता तो दुविधा नहीं बनती।इसी कारण पूरी प्रक्रिया को लेकर वर्तमान में विवाद और पेच फंस गया है।
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में 13 अगस्त 2025 को बिंदु 7.7 के तहत विशेष शिक्षक संबंधी नोटिस जारी किया गया। नोटिस में बताया गया कि विशेष शिक्षकों के लिए 3200 पद चिन्हांकित किए गए हैं।
इसमें कहा गया कि संयुक्त मेरिट सूची के बाद यदि 3200 पद रिक्त रहते हैं तो प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। शेष पदों की पूर्ति के लिए अलग से विज्ञापन जारी कर अगली काउंसलिंग की जाएगी। वर्तमान मेरिट सूची में 11197 सामान्य शिक्षक और 781 विशेष शिक्षक चयनित हुए हैं।
रिट अपील (Writ Appeal) अदालत की एक प्रक्रिया है, जिसमें किसी एक न्यायाधीश (Single Judge) द्वारा दिए गए फैसले को चुनौती दी जाती है। अगर हाईकोर्ट में एक जज ने रिट याचिका पर निर्णय दिया है और किसी पक्ष को वह फैसला सही नहीं लगता, तो वह उसी हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (दो या अधिक जजों की बेंच) में अपील कर सकता है। इसी को रिट अपील कहते हैं।
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कहां से शुरू हुआ विवाद
ऐसे में कई उम्मीदवारों ने डिप्लोमा नहीं होने के बाद भी हां भर दिया। जिससे ईएसबी ने उन्हें 5 फीसदी बोनस अंक दे दिए। इसके बाद 27 फरवरी 2026 को मेरिट सूची जारी हुई तो विवाद हो गया।
क्योंकि बिना डिप्लोमा के बोनस पाने वाले केवल पोर्टल पर हां टिक करने के चलते मेरिट में आ गए। जबकि कई पात्र अभ्यर्थियों की मेरिट ऊपर-नीचे हो गई। मामला हाईकोर्ट गया और इस पर 6 मई और 14 मई को रिवाइज मेरिट सूची जारी करने के आदेश हुए।
विवाद 781 पद के लिए, लेकिन बाकी रूक गए
हाईकोर्ट सिंगल बेंच में बताया गया कि 5000 अभ्यर्थियों ने गलत टिक किया। इन अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत बोनस अंक का लाभ मिल गया बताया गया है। जबकि मेरिट सूची में केवल 781 अभ्यर्थी ही बोनस अंक से चयनित हुए हैं। इस स्थिति के कारण 11197 चयनित सामान्य शिक्षक भी प्रक्रिया में उलझ गए हैं। हालांकि इन चयनित शिक्षकों ने किसी भी प्रकार का RCI बोनस नहीं लिया था।
ईएसबी अब ले रहा है डिप्लोमा
पोर्टल 24 जून से 8 जुलाई तक दस्तावेज अपलोड के लिए खोला गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चयनित सामान्य शिक्षकों (11197 पद) का इससे कोई लेना देना नहीं नहीं है। उनका तर्क है कि सिंगल बेंच में गलत तथ्य देकर मेरिट रिवाइज करना उचित नहीं था।
नियम में अभ्यर्थी को बताया था जिम्मेदार
हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि स्कैन कॉपी अपलोड करने का विकल्प होता तो दुविधा नहीं बनती।इसी कारण पूरी प्रक्रिया को लेकर वर्तमान में विवाद और पेच फंस गया है।
3200 विशेष शिक्षक के पदों पर यह स्थिति
इसमें कहा गया कि संयुक्त मेरिट सूची के बाद यदि 3200 पद रिक्त रहते हैं तो प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। शेष पदों की पूर्ति के लिए अलग से विज्ञापन जारी कर अगली काउंसलिंग की जाएगी। वर्तमान मेरिट सूची में 11197 सामान्य शिक्षक और 781 विशेष शिक्षक चयनित हुए हैं।
क्या होती है रिट अपील
कब दायर होती है:
- जब सिंगल जज का आदेश गलत लगे
- जब कानूनी या तथ्यात्मक त्रुटि हो
- जब राहत पूरी तरह या आंशिक रूप से अस्वीकार हो जाए
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