MPPSC परीक्षा नियम 2026 में संयुक्त परीक्षा का पेंच सबसे बड़ा, भर्तियां अटकने का खतरा
Sanjay Gupta | Jun 13, 2026, 12:27 IST
MPPSC परीक्षा नियम 2026
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के प्रस्तावित परीक्षा नियम 2026 में भर्ती परीक्षाओं को पांच समूहों में बांटने का प्रस्ताव है। विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त परीक्षा व्यवस्था से योग्यता आधारित चयन प्रभावित हो सकता है...
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के लिए नए परीक्षा नियम 2026 का मसौदा जारी किया गया है।
- प्रस्ताव में विभिन्न भर्तियों को पांच समूहों में बांटने की बात कही गई है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि अलग-अलग पदों की विशेष योग्यता के कारण संयुक्त परीक्षा मुश्किल हो सकती है।
- किसी एक भर्ती पर न्यायालयीन विवाद होने पर पूरी समूह परीक्षा प्रभावित होने का खतरा है।
- इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों की संख्या तय करने वाले नए प्रावधान पर भी सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, सबसे बड़ी समस्या उम्मीदवारों के साथ ही खुद आयोग के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा है। नए प्रावधान के तहत पांच नए ग्रुप में परीक्षा कराने की बात कही गई है। लेकिन यही ग्रुपिंग आगे भर्तियों के लिए खतरा बन सकती है।
अभी इस तरह होती हैं आयोग की परीक्षाएं
अब क्या प्रस्तावित है
ग्रुप तीन में उच्च शिक्षा समूह वाली, ग्रुप चार में स्वास्थ्य समूह की और ग्रुप पांच में बाकी ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन वाली अन्य परीक्षाएं आएंगी। इसमें ग्रुप वन की परीक्षा तीन स्तर प्री, मेंस और इंटरव्यू स्तर पर होगी और बाकी परीक्षाएं दो स्तर, मेंस व इंटरव्यू स्तर पर होंगी।
अब नए प्रस्ताव से दो बड़ी समस्याएं
1- विशेषज्ञता और योग्यता का सवाल
वहीं अलग-अलग योग्यता को देखते हुए आयोग इसमें संबंधित विषय को लेकर अलग प्रश्नपत्र तैयार करता है। नई व्यवस्था में संयुक्त परीक्षा के चलते अलग-अलग प्रश्नपत्र संभव नहीं होंगे।
2- न्यायालयीन विवाद से पूरी भर्ती अटकने का खतरा
ऐसे में ग्रुपिंग में शामिल किसी भी परीक्षा को लेकर कोई आपत्ति लगी तो फिर पूरी ग्रुप की परीक्षा ही अटक जाएगी और भर्ती रुकेगी। यह सबसे बड़ा खतरा इस ग्रुपिंग प्रावधान में है।
यूपीएससी नहीं, ईएसबी जैसा सिस्टम
वहीं, आयोग, जो प्रदेश की सबसे बड़ी संवैधानिक भर्ती एजेंसी है, उसमें यह सिस्टम लागू करना उम्मीदवारों और खुद आयोग के हित में नहीं होगा। इससे कई जटिलताएं सामने आएंगी।
ढाई से तीन गुना क्यों लिखा, यह भी एक पेंच
जबकि पुराना नियम बहुत साफ है कि पदों के तीन गुना उम्मीदवारों को लिया जाएगा और अंतिम उम्मीदवार की कटऑफ पर जो भी अभ्यर्थी होंगे, उन सभी को शामिल किया जाएगा। इसके बावजूद, इसमें ढाई से तीन गुना वाला पेंच फंसा दिया गया है, जो आगे विवाद का बिंदु बन सकता है।
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