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News in Short
- NEYU ने पीएससी से विभिन्न मांगों को लेकर न्याय यात्रा 2.0 निकालने का आह्वान किया था।
- भंवरकुआं के टीआई राजकुमार यादव ने कहा कि आंदोलनकारियों पर प्रतिबंधात्मक धारा 151 के तहत कार्रवाई की गई है।
- गिरफ्तारी के बाद आंदोलनकारी युवा भंवरकुआं थाने के बाहर जमा हो गए हैं और रिहाई की मांग कर रहे हैं।
- इससे पहले 1 जनवरी 2025 को भी राधे जाट और रणजीत किसानवंशी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
- किसानवंशी ने वीडियो संदेश में गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि वे शांति से ज्ञापन देना चाहते थे।
News in Detail
मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) से विविध मांगों को लेकर न्याय यात्रा 2.0 निकालने का आह्वान छात्र संगठन नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) ने किया था। यात्रा निकलने से पहले ही 15 जनवरी को सुबह आंदोलनकारी राधे जाट व अन्य चार-पांच नेतओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अब आंदोलनकारी युवा शाम को भंवरकुआं थाने के बाहर जमा है और रिहाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने यह धारा लगाई है
भंवरकुआं थाना टीआई राजकुमार यादव ने आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों पर प्रतिबंधात्मक धारा 151 के तहत कार्रवाई की गई है। फिलहाल टीआई ने नाम नहीं बताएं है कि किस-किस को गिरफ्तार किया है। टीआई ने कहा कि अभी कार्रवाई जारी है।
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इधर आंदोलनकारी थाने के बाहर डटे
उधर आंदोलनकारी युवा गिरफ्तारी से नाराज होकर भंवरकुआं थाने के बाहर जमा हो गए हैं। भारी तादाद में यह युवा थाने के बाहर सामने की ओर रोड किनारे बैठे हैं और रिहाई की मांग कर रहे हैं।
अभी किन-किन को गिरफ्तार किया है इनके नाम सामने नहीं आए हैं। इसके पहले भी पुलिस ने एक जनवरी 2025 को जाट और रणजीत किसानवंशी को उनके घर से उठाकर करीब 15 घंटे तक गाड़ी में घुमाया था। फिर गिरफ्तारी दिखाई थी। इसके बाद में हाईकोर्ट से उनकी जमानत हुई थी।
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वीडियो संदेश किया जारी
उधर किसानवंशी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि- राधे जाट व अन्य चार-पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, यह असंवैधानिक है। हम शांति से पीएससी से मांगों को लेकर ज्ञापन देना चाहते थे। लेकिन अब वह भी गुनाह हो गया है। पुलिसिया कार्रवाई गलत है। हम आह्वान करते हैं कि इसके विरोध में सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाइए और हर जिले में मांगों को लेकर कल ज्ञापन दीजिए।
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