निगमायुक्त हर्षिका सिंह ने X पर दी सफाई- लाइन अच्छी लगी इसलिए शेयर की
Pratibha Rana | Mar 06, 2024, 15:33 IST
निगमायुक्त हर्षिका सिंह
सामान्य रूप से हर्षिका सिंह X पर अधिक सक्रिय नहीं हैं, वह गिने-चुने ही मैसेज इस पर डालती हैं, जो सामान्य तौर पर विविध कामों को लेकर होते हैं...
संजय गुप्ता @ INDORE
निगमायुक्त हर्षिका सिंह ( Municipal Commissioner Harshika Singh ) के X पर डाली गई पोस्ट और फिर हटाने से हुए विवाद के बाद मंगलवार को सिंह ने इसे लेकर मीडिया को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि बचपन से ही मैं किताब पढ़ती आई हूं और जो लाइन अच्छी लगती है, उसे शेयर करती हूं। इंदौर में समझ नहीं आया कि एकेडमिक और प्रोफेशनल लाइन को मिक्स करने का क्या मतलब है? लेकिन यही बात थी तो फिर हटाया क्यों? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यहां मीडिया ने एकेडमिक और प्रोफेशनल को मिक्स कर दिया था।
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सिंह ने अंग्रेजी में कोड लिखा है कि- It’s stupid to be humble and innocent in present times…यानी आज के समय में दयालु और सीधा होना मूर्खता है।
इस संदेश के बाद बात चलने लगी कि आखिर मैडम ने किस ओर निशाना साधा ? वैसे महापौर, एमआईसी सदस्यों से लेकर विधायक तक से अभी निगमायुक्त सहित निगम के कई अधिकारियों से सामंजस्य सही नहीं बैठ रहा है।
सामान्य रूप से हर्षिका सिंह X पर अधिक सक्रिय नहीं है, वह गिने-चुने ही मैसेज इस पर डालती है जो सामान्य तौर पर विविध कामों को लेकर होते हैं। फरवरी के पूरे महीन में ही उनके 17-18 टिव्ट ही मुश्किल है। ऐसे में अचानक उनके इस तरह के संदेश लिखने से फिर निगम में सब कुछ सही नहीं चलने वाली बातों को हवा मिलने लगा है।
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वहीं उनके इस ट्वीट पर लोगों ने प्रतिक्रियाएं भी देना शुरू कर दिया है। इसमें एक ट्वीट में कहा गया है कि नौकरशाही बड़ी कठिन हो चली है मैम, राजनीति हावी है। वहीं कई लोग उनके इस संदेश से सहमत नजर आए। किसी ने कहा कि यह हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग निर्भर करता है तो किसी ने कहा कि स्थितियों पर यह मामला निर्भर होता है।
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अप्रैल 2023 में सिंह की प्रतिभा पाल की जगह नया निगमायुक्त बनाया गया था। पाल भी उन्हीं की बैच की अधिकारी थी। उनके आने के बाद से ही निगम में महापौर, एमआईसी सदस्यों के साथ मैडम का तालमेल सही नहीं बैठ रहा है। वहीं तब तक सीएम शिवराज सिंह चौहान का कार्यकाल था, तब तक तो फिर भी मैडम के हिसाब से काम चल रहा था लेकिन सरकार बदलने के बाद चीजें बदलने लगी है। महापौर के साथ ही विधायक, एमआईसी सदस्य भी लगातार ब्यूरोक्रैसी को लेकर मुखर होने लगे हैं।
निगमायुक्त हर्षिका सिंह ( Municipal Commissioner Harshika Singh ) के X पर डाली गई पोस्ट और फिर हटाने से हुए विवाद के बाद मंगलवार को सिंह ने इसे लेकर मीडिया को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि बचपन से ही मैं किताब पढ़ती आई हूं और जो लाइन अच्छी लगती है, उसे शेयर करती हूं। इंदौर में समझ नहीं आया कि एकेडमिक और प्रोफेशनल लाइन को मिक्स करने का क्या मतलब है? लेकिन यही बात थी तो फिर हटाया क्यों? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यहां मीडिया ने एकेडमिक और प्रोफेशनल को मिक्स कर दिया था।
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यह लिखा था सिंह ने
सिंह ने अंग्रेजी में कोड लिखा है कि- It’s stupid to be humble and innocent in present times…यानी आज के समय में दयालु और सीधा होना मूर्खता है।
उठी थी बात आखिर यह किस पर निशाना साधा है
इस संदेश के बाद बात चलने लगी कि आखिर मैडम ने किस ओर निशाना साधा ? वैसे महापौर, एमआईसी सदस्यों से लेकर विधायक तक से अभी निगमायुक्त सहित निगम के कई अधिकारियों से सामंजस्य सही नहीं बैठ रहा है।
सामान्य रूप से कम ही सक्रिय होती हैं सिंह X पर
सामान्य रूप से हर्षिका सिंह X पर अधिक सक्रिय नहीं है, वह गिने-चुने ही मैसेज इस पर डालती है जो सामान्य तौर पर विविध कामों को लेकर होते हैं। फरवरी के पूरे महीन में ही उनके 17-18 टिव्ट ही मुश्किल है। ऐसे में अचानक उनके इस तरह के संदेश लिखने से फिर निगम में सब कुछ सही नहीं चलने वाली बातों को हवा मिलने लगा है।
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नौकरशाही पर राजनीति हावी होने लगी है
वहीं उनके इस ट्वीट पर लोगों ने प्रतिक्रियाएं भी देना शुरू कर दिया है। इसमें एक ट्वीट में कहा गया है कि नौकरशाही बड़ी कठिन हो चली है मैम, राजनीति हावी है। वहीं कई लोग उनके इस संदेश से सहमत नजर आए। किसी ने कहा कि यह हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग निर्भर करता है तो किसी ने कहा कि स्थितियों पर यह मामला निर्भर होता है।
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नियुक्ति के बाद से ही निगम में जनप्रतिनिधियों के साथ नहीं जम रही
अप्रैल 2023 में सिंह की प्रतिभा पाल की जगह नया निगमायुक्त बनाया गया था। पाल भी उन्हीं की बैच की अधिकारी थी। उनके आने के बाद से ही निगम में महापौर, एमआईसी सदस्यों के साथ मैडम का तालमेल सही नहीं बैठ रहा है। वहीं तब तक सीएम शिवराज सिंह चौहान का कार्यकाल था, तब तक तो फिर भी मैडम के हिसाब से काम चल रहा था लेकिन सरकार बदलने के बाद चीजें बदलने लगी है। महापौर के साथ ही विधायक, एमआईसी सदस्य भी लगातार ब्यूरोक्रैसी को लेकर मुखर होने लगे हैं।
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