आरक्षक भर्ती घोटाला: 12 सॉल्वर गिरफ्तार, 2 को क्लीनचिट, मास्टरमाइंड फरार

Pawan Modiya | May 27, 2026, 19:30 IST
Share
27-1
27-1

मुरैना में आरक्षक भर्ती परीक्षा में 12 अभ्यर्थियों ने सॉल्वर बैठाए। 38 से ज्यादा गिरफ्तार हुए, लेकिन मास्टरमाइंड अमिताभ रावत अब तक फरार है। पुलिस पर दो आरोपियों को बचाने का संदेह भी है।

    समझें क्या है पूरा मामला

    • मुरैना में आरक्षक भर्ती परीक्षा में 12 अभ्यर्थियों ने सॉल्वर से परीक्षा दिलाई।
    • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान नवंबर 2024 में यह घोटाला सामने आया।
    • अब तक 38 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
    • मास्टरमाइंड अमिताभ रावत, निवासी ग्राम टुडीला, अभी फरार है।
    • दो आरोपियों को पुलिस द्वारा बचाए जाने का संदेह भी बढ़ रहा है।

    कैसे खुला पूरा घोटाला

    रतन मिश्रा@ग्वालियर

    19 नवंबर 2024 को मुरैना जिले की पुलिस लाइन में नव आरक्षकों के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (Document Verification) की प्रक्रिया चल रही थी। एसआई (Sub-Inspector) मनोज यादव दस्तावेज जांच रहे थे। तभी अभ्यर्थी दुर्गेश जाटव के कागजात सामने आए। फोटो और असली चेहरे में साफ फर्क दिखा।

    जब बायोमेट्रिक (Biometric) फिंगरप्रिंट मिलाए गए तो वह भी मेल नहीं खाए। शक यकीन में बदल गया। कोतवाली पुलिस ने उसे थाने बुलाया और पूछताछ शुरू हुई। असलियत सामने आई तो सभी दंग रह गए।

    वह अभ्यर्थी दुर्गेश जाटव नहीं, बल्कि हरियाणा का मलखान सिंह जाट था। वह दुर्गेश की जगह परीक्षा दे चुका था। इस एक खुलासे ने पूरे घोटाले की परतें उघाड़ दीं। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि 12 अभ्यर्थियों ने सॉल्वर बैठाकर आरक्षक बनने की कोशिश की थी।

    38 से ज्यादा गिरफ्तार, फिर भी काम अधूरा

    WhatsApp Image 2026-05-27 at 5.03.42 PM
    WhatsApp Image 2026-05-27 at 5.03.42 PM


    WhatsApp Image 2026-05-27 at 5.03.41 PM
    WhatsApp Image 2026-05-27 at 5.03.41 PM


    WhatsApp Image 2026-05-27 at 5.03.41 PM (1)
    WhatsApp Image 2026-05-27 at 5.03.41 PM (1)


    WhatsApp Image 2026-05-27 at 5.03.40 PM
    WhatsApp Image 2026-05-27 at 5.03.40 PM


    WhatsApp Image 2026-05-27 at 5.03.40 PM (2)
    WhatsApp Image 2026-05-27 at 5.03.40 PM (2)


    WhatsApp Image 2026-05-27 at 5.03.40 PM (1)
    WhatsApp Image 2026-05-27 at 5.03.40 PM (1)


    कोतवाली थाना पुलिस ने तेजी दिखाई और जल्द ही इस पूरे घोटाले में शामिल 38 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें अभ्यर्थी, सॉल्वर, मीडिएटर और आधार कार्ड अपडेट करने वाले शामिल हैं। लेकिन अभी भी कई आरोपी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं।

    पहले मामले में अभ्यर्थी दुर्गेश जाटव की जगह मलखान सिंह जाट ने परीक्षा दी थी। मलखान को 19 नवंबर 2024 को ही वेरिफिकेशन के दौरान पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर दुर्गेश जाटव को 22 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया। मीडियेटर संतोष शर्मा और मनीष शर्मा को भी क्रमशः नवंबर और दिसंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया।

    दूसरे अभ्यर्थी बृजेश कुमार की जगह लवकुश गुर्जर ने फिजिकल टेस्ट दिया था। लवकुश को 20 नवंबर 2024 को पकड़ा गया। बृजेश को दिसंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया। आधार अपडेट करने वाले अनूप धाकड़ को जून 2025 में गिरफ्तार किया गया।

    अभ्यर्थी कलियान सिंह गुर्जर की जगह सनी उर्फ रणवीर ने परीक्षा दी। कलियान को नवंबर 2024 में और सॉल्वर सनी को जुलाई 2025 में गिरफ्तार किया गया। मीडियेटर अशोक गुर्जर और रुस्तम गुर्जर भी पकड़े गए।

    अभ्यर्थी हरिओम रावत के मामले में सॉल्वर रंजन गुप्ता को जून 2025 में गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अभी अशोक गुर्जर, आशीष झा, लालू रावत और मास्टरमाइंड अमिताभ रावत की गिरफ्तारी बाकी है।

    अभ्यर्थी राधाचरण की जगह विजय कुमार ने परीक्षा दी थी। राधाचरण को मई 2025 में और विजय कुमार को जून 2025 में पकड़ा गया। तीन मीडियएटर शिवराज सिंह गुर्जर, रामवीर कुशवाह और बलवीर गुर्जर भी गिरफ्तार हुए। अभी रुस्तम गुर्जर फरार है।

    अभ्यर्थी दिनेश सिंह के मामले में सॉल्वर राहुल कुमार और मीडिएटर अरविंद बघेल को जून 2025 में गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अशोक गुर्जर, आशीष झा और योगेंद्र गुर्जर अब भी बाहर हैं।

    अभ्यर्थी विनोद सिंह को जुलाई 2025 में और अभ्यर्थी बदन सिंह के मामले में सॉल्वर गणेश रावत को जून 2025 में गिरफ्तार किया गया। बदन सिंह और मीडियेटर श्याम मीणा अभी फरार हैं।

    अभ्यर्थी अंशुल के मामले में आधार अपडेट करने वाले सौरभ राजपूत को सितंबर 2025 में पकड़ा गया, लेकिन अंशुल खुद, सॉल्वर और मीडियेटर तीनों अभी तक नहीं पकड़े गए। अभ्यर्थी अंकित सिंह के मामले में तो अब तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    दो आरोपियों को बचाने का संदेह

    इस पूरे मामले में पुलिस का एक कदम संदेह के घेरे में है। कोतवाली थाना पुलिस का कहना है कि संजीव कुमार (अपराध क्रमांक 642/24) और अंकित सिंह (अपराध क्रमांक 338/25) जांच में निर्दोष पाए गए हैं। पुलिस का तर्क है कि इन दोनों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला।

    लेकिन सवाल यह है कि जब पूरे घोटाले में 12 अभ्यर्थियों के नाम हैं, तो इन दो को अचानक क्लीनचिट कैसे मिल गई? खासतौर से जब मास्टरमाइंड अभी तक पकड़ा नहीं गया है। यह कदम जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहा है।

    मास्टरमाइंड अमिताभ रावत की तलाश जारी

    इस पूरे घोटाले का सूत्रधार अमिताभ रावत, निवासी ग्राम टुडीला, जौरा है। अगर यह पुलिस की पकड़ में आता तो घोटाले के कई और राज सामने आते। इसकी पत्नी टुडीला गांव की सरपंच है, जो इस मामले को और संवेदनशील बनाता है। पुलिस अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

    जांच अधिकारी, उप निरीक्षक संजय बरैया (वर्तमान में थाना प्रभारी स्टेशन रोड मुरैना) का कहना है, दो आरोपियों के खिलाफ जांच के दौरान साक्ष्य नहीं मिले हैं। मास्टरमाइंड अमिताभ रावत की गिरफ्तारी होना शेष है।

    आधार से चली थी पूरी साजिश

    इस घोटाले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। सॉल्वर को अभ्यर्थी बनाने के लिए उनके आधार कार्ड में फिंगरप्रिंट बदले गए थे। इसके लिए अलग से आधार अपडेटर रखे गए थे। रवि कुशवाहा, गिर्राज कुशवाहा, सुरेंद्र कुशवाहा, अनूप धाकड़ और सौरभ राजपूत जैसे कई आधार अपडेटर इस गिरोह का हिस्सा थे। कुछ गिरफ्तार हो चुके हैं, कुछ अभी बाहर हैं।

    ये खबरें भी पढ़ें...

    ट्विशा मौत मामला : गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत पर हाईकोर्ट में सरकार का विरोध

    MP Polytechnic Counselling: एमपी पॉलिटेक्निक काउंसलिंग शुरू, जानें जरूरी डेट्स

    डिप्रेशन की गिरफ्त में एमपी की युवा पीढ़ी! करियर की अंधी दौड़ और टूटते दिल का दर्द बना कारण

    दुनिया की सबसे गर्म जगहों की लिस्ट में क्यों आ रहे एमपी के शहर? जानें इसके पीछे की असली वजह

    Tags:
    • भर्ती परीक्षा
    • आधार कार्ड
    • पुलिस
    • मुरैना
    • परीक्षा
    • मास्टरमाइंड
    • आरक्षक
    • घोटाला
    • सॉल्वर
    गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
    नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

    By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

    नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
    20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

    By Neel Tiwari

    20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
    छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

    By Arun Tiwari

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
    मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

    By Sandeep Kumar

    मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
    IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

    By VINAY VERMA

    IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
    राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

    By Ashish Bhardwaj

    राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
    पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

    By Arun Tiwari

    पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई