निर्मला सप्रे की सदस्यता बचेगी या जाएगी, नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया

Raj Singh | Dec 24, 2024, 10:15 IST
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TOMAR MEET NIRMALA
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मध्य प्रदेश के बीना से विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। यह मामला कोर्ट में है, और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस पर जवाब दिया है।

मध्य प्रदेश के बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। यह मामला कोर्ट में है, और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी इस पर टिप्पणी न करना ही उचित समझा। उनका कहना है कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर कोई बयान देना उचित नहीं होगा।

सागर पहुंचे थे तोमर

दरअसल, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सोमवार को सागर में थे, जहां उन्होंने अलग-अलग कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान, बीना से विधायक निर्मला सप्रे ने उनसे मुलाकात की, लेकिन उनकी मुलाकात के दौरान क्या चर्चा हुई, इसका खुलासा नहीं किया।

साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष ने एक निजी मीडिया संस्थान से बातचीत में कहा कि इस बार के विधानसभा सत्र बहुत सफल रहा और इस सत्र में सर्वाधिक सवाल आए, जिसके लिए तोमर ने विधायकों का धन्यवाद भी जताया। तो चलिए इस बातचीत के कुछ अहम बातें बताते हैं.....

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क्या बोले तोमर?

Q. बीना विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता के मामले में फैसला कब तक आ सकता है?

तोमर का जवाब: नियम प्रक्रिया के बीच में है। विधानसभा में भी सुनवाई चल रही है। न्यायालय में भी मामला लगा हुआ है। इसलिए उस पर बहुत टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है।

Q. क्षत्रिय समाज के कार्यक्रम में आप आए, ऐसे आयोजन समाज-राजनीति के लिए कितने जरूरी हैं?

तोमर का जवाब: समाज कोई भी हो, उसके सामाजिक कार्यक्रम के पीछे की नीयत अच्छी होना चाहिए। निश्चित रूप से सामाजिक कार्यक्रमों का लाभ होता है।

Q. डॉ. गौर को भारत रत्न दिलाने विधानसभा से अशासकीय संकल्प पास हुआ था, वह आगे बढ़ सकता है या नया लाना होगा?

तोमर का जवाब: भारत रत्न देने का विषय केंद्र सरकार का है। पूर्व में कोई संकल्प विधानसभा में आया है या नहीं, फिलहाल यह मेरी जानकारी में नहीं है।

Q. जानकारी आई है कि बहुत बड़ी संख्या में विधायकों ने सवाल ही नहीं लगाए?

तोमर का जवाब: ऐसा नहीं है। कारण क्या है कि स्वाभाविक रूप से प्रश्नकाल दो भागों में विभक्त रहता है। एक तारांकित और दूसरा अतारांकित। तारांकित प्रश्न एक दिन में 25 आने की संख्या है। संभवत: इसी की बात हो रही है। विधानसभा में इस सत्र में सर्वाधिक प्रश्न आए हैं।

Q. विधानसभा में खूब व्यवधान हुआ, सत्र व्यवस्थित चले, इसको लेकर क्या प्लान है?

तोमर का जवाब: मैं समझता हूं सत्र पूरा चला है। 5 दिन का सत्र था। पांच दिन के सत्र में जो कार्यवाही होना थी, वह पूरी हुई है। बिल भी पास हुए हैं। अशासकीय संकल्प भी पारित हुए हैं। प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण भी हुआ है। मैं समझता हूं यह सत्र उपलब्धि कारक रहा है। स्वाभाविक रूप से सदन की कार्रवाई ठीक से चली है।

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