कर लो तैयारी...निकलने वाली हैं नौकरियां 46 हजार
Aparajita Priyadarshini | Jun 12, 2024, 17:35 IST
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लोकसभा चुनाव के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में सरकार ने 46 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती का ऐलान किया है। हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ये सभी भर्तियां करेंगे।
मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और दुरुस्त करने जा रही है। इसके लिए मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की जाएगी। लोकसभा चुनाव के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में सरकार ने 46 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती का ऐलान किया है।
दरअसल, सरकार ने स्टेट हेल्थ कमेटी के सुझाव पर मौजूदा जरूरत के हिसाब से डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के पद भरने का फैसला किया है।
हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ये सभी भर्तियां करेंगे। अब नोडल एजेंसी कौन होगा, यह नोटिफिकेशन के बाद ही साफ होगा। फिलहाल तो सरकार ने पहले से स्वीकृत 4 हजार 558 पदों को समर्पित यानी डाईंग केडर करने का फैसला किया है।
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एनएमसी का निर्देश: पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले मेडिकल छात्रों पर जुर्माना नहीं
46 हजार 491 नए पदों पर नौकरियां देने की योजना है। खास यह है कि इनमें कुछ नियमित तो कुछ संविदा पद हैं। आउटसोर्स से भी भर्ती की जाएगी।
कुल 46 हजार 491 पदों में से 18 हजार 653 पदों पर भर्ती तीन वित्तीय वर्ष में की जाएगी। यानी एक साथी भर्ती नहीं होगी। सरकार ने 343 करोड़ रुपए से ज्यादा के बजट की स्वीकृति दी है।
बाकी 27 हजार 838 पदों की भर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी एनएचएम के जरिए करने की प्लानिंग है। भर्ती प्रक्रिया की अभी प्रारंभिक जानकारी ही नहीं सामने आई है।
सेंक्शन पदों पर भर्ती कब होगी, इसकी पुख्ता जानकारी नहीं आई है। इसके लिए अलग से नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। पद नाम, वेतन, वरीयता और योग्यता पद के हिसाब से होगी।
क्या है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2007 में भारतीय लोक स्वास्थ्य मानक यानी पैरामीटर बनाए थे। राष्ट्रीय नीति के हिसाब से राज्य के कुल बजट का 8 फीसदी हिस्सा हेल्थ पर खर्च किया जाना होता है, अभी मध्यप्रदेश में हेल्थ पर 4 प्रतिशत खर्च हो रहा है।
फैक्ट फाइल: एमपी में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति
उप स्वास्थ्य केंद्र 10179
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 1235
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 322
सिविल अस्पताल 97
जिला अस्पताल 51
मौजूदा परिदृश्य के हिसाब से स्टेट हेल्थ कमेटी ने 46 हजार 491 पदों पर भर्ती की मंशा जाहिर की है। इसी के बाद अब 27 हजार 838 पदों की पूर्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से संविदा पदों के विरूद्ध की जा सकेगी। वहीं, बाकी 18 हजार 653 में से पहले से स्वीकृत 4 हजार 558 पद समायोजित किए जाएंगे। इसमें सरकार पर 69 करोड़ रुपए सालाना खर्च होने का अनुमान है। नौकरियां 46 हजार | new job vacancy madhya pradesh | Madhya Pradesh Health Department
क्या है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के 1 हजार 214 पद खाली हैं। सरकार इनमें से आधे यानी 607 पद सीधी भर्ती से भरेगी। बाकी पद प्रमोशन से भरे जाएंगे। 46 हजार 491 पैरा मेडिकल के साथ तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पद भरे जाएंगे।
इधर, मोहन सरकार ने गुना की क्रांतिवीर तात्याटोपे यूनिवर्सिटी, खरगोन की सूर्यकांत टंट्या यूनिविर्सिटी और सागर की रानी अवंती बाई लोधी यूनिवर्सिटी के लिए 3-3 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। सरकार ने तीनों यूनिवर्सिटी में 235 पदों की मंजूरी दी है।
दरअसल, सरकार ने स्टेट हेल्थ कमेटी के सुझाव पर मौजूदा जरूरत के हिसाब से डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के पद भरने का फैसला किया है।
आईए, हम आपको बताते हैं भर्ती का गणित...
हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ये सभी भर्तियां करेंगे। अब नोडल एजेंसी कौन होगा, यह नोटिफिकेशन के बाद ही साफ होगा। फिलहाल तो सरकार ने पहले से स्वीकृत 4 हजार 558 पदों को समर्पित यानी डाईंग केडर करने का फैसला किया है।
ये भी पढ़िए...
एनएमसी का निर्देश: पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले मेडिकल छात्रों पर जुर्माना नहीं
46 हजार 491 नए पदों पर नौकरियां देने की योजना है। खास यह है कि इनमें कुछ नियमित तो कुछ संविदा पद हैं। आउटसोर्स से भी भर्ती की जाएगी।
कुल 46 हजार 491 पदों में से 18 हजार 653 पदों पर भर्ती तीन वित्तीय वर्ष में की जाएगी। यानी एक साथी भर्ती नहीं होगी। सरकार ने 343 करोड़ रुपए से ज्यादा के बजट की स्वीकृति दी है।
बाकी 27 हजार 838 पदों की भर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी एनएचएम के जरिए करने की प्लानिंग है। भर्ती प्रक्रिया की अभी प्रारंभिक जानकारी ही नहीं सामने आई है।
सेंक्शन पदों पर भर्ती कब होगी, इसकी पुख्ता जानकारी नहीं आई है। इसके लिए अलग से नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। पद नाम, वेतन, वरीयता और योग्यता पद के हिसाब से होगी।
क्या कहते हैं पैरामीटर्स
क्या है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2007 में भारतीय लोक स्वास्थ्य मानक यानी पैरामीटर बनाए थे। राष्ट्रीय नीति के हिसाब से राज्य के कुल बजट का 8 फीसदी हिस्सा हेल्थ पर खर्च किया जाना होता है, अभी मध्यप्रदेश में हेल्थ पर 4 प्रतिशत खर्च हो रहा है।
फैक्ट फाइल: एमपी में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति
उप स्वास्थ्य केंद्र 10179
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 1235
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 322
सिविल अस्पताल 97
जिला अस्पताल 51
क्या है मौजूदा सिनेरियो
मौजूदा परिदृश्य के हिसाब से स्टेट हेल्थ कमेटी ने 46 हजार 491 पदों पर भर्ती की मंशा जाहिर की है। इसी के बाद अब 27 हजार 838 पदों की पूर्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से संविदा पदों के विरूद्ध की जा सकेगी। वहीं, बाकी 18 हजार 653 में से पहले से स्वीकृत 4 हजार 558 पद समायोजित किए जाएंगे। इसमें सरकार पर 69 करोड़ रुपए सालाना खर्च होने का अनुमान है। नौकरियां 46 हजार | new job vacancy madhya pradesh | Madhya Pradesh Health Department
प्रमोशन का गणित क्या है?
क्या है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के 1 हजार 214 पद खाली हैं। सरकार इनमें से आधे यानी 607 पद सीधी भर्ती से भरेगी। बाकी पद प्रमोशन से भरे जाएंगे। 46 हजार 491 पैरा मेडिकल के साथ तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पद भरे जाएंगे।
तीन यूनिवर्सिटी में भी 235 पदों को मंजूरी
इधर, मोहन सरकार ने गुना की क्रांतिवीर तात्याटोपे यूनिवर्सिटी, खरगोन की सूर्यकांत टंट्या यूनिविर्सिटी और सागर की रानी अवंती बाई लोधी यूनिवर्सिटी के लिए 3-3 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। सरकार ने तीनों यूनिवर्सिटी में 235 पदों की मंजूरी दी है।
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