100% महिला आरक्षण वाली नर्सिंग भर्ती पर HC ने सरकार मांगा जवाब- 286 पदों पर विवाद
Neel Tiwari | Dec 30, 2025, 14:13 IST
nursing recruitment 100 percent women reservation
मध्य प्रदेश में सरकारी नर्सिंग कॉलेजों की भर्ती में 100% महिला आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। पांच जनवरी 2026 को अगली सुनवाई होगी।
Jabalpur. नर्सिंग से जुड़ी भर्ती में 100% महिला आरक्षण दिए जाने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच चुका है। कोर्ट ने सरकार सहित ESB को नोटिस जारी किया है। कोर्ट में सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में 100% महिला आरक्षण वाली भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ याचिका दायर हुई है।
कोर्ट ने राज्य सरकार सहित ESB और मेडिकल बोर्ड को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। कोर्ट ने इस भर्ती विज्ञापन पर याचिकाकर्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद सरकार को अपना पक्ष पेश करने का समय दिया है। अगली सुनवाई 5 जनवरी 2026 को होगी।
मध्य प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में 286 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इन पदों में सहायक प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और सिस्टर ट्यूटर शामिल है। अब इस विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
इस भर्ती विज्ञापन में महिलाओं को सभी पदों पर आरक्षण दे दिया गया है। इसमें पुरुष उम्मीदवारों को आवेदन करने से पूरी तरह वंचित रखा गया है, जो संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
जबलपुर के नौशाद अली की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि, इस भर्ती प्रक्रिया में पुरुष उम्मीदवारों को मौका ही नहीं दिया गया। इससे संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता), अनुच्छेद 15 (भेदभाव निषेध) और अनुच्छेद 16 (समान अवसर) का उल्लंघन हो रहा है।
ये खबर भी पढ़ें...पीएचक्यू परीक्षा परिणाम : 10 लाख अभ्यर्थियों का रिजल्ट तैयार करने में ESB की फूली सांस
याचिकाकर्ता के वकील विशाल बघेल ने कोर्ट को बताया है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के समूह-1 व समूह-2 संयुक्त भर्ती परीक्षा 2025 के विज्ञापन में नियमों को अनदेखा किया गया है। इसमें केवल महिला उम्मीदवारों को ही पात्र माना गया है, जो संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है।
ये खबर भी पढ़ें...ED, EOW और लोकायुक्त की इस साल इंदौर के भ्रष्टाचारियों पर सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक
सोमवार 29 दिसंबर को वेकेशनल बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट में यह बताया गया कि यह भर्ती प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के जरिए तय की गई 50% आरक्षण की सीमा का उल्लंघन है। जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने इंद्रा साहनी मामले में स्पष्ट किया था। इस सीमा के अनुसार किसी भी सामाजिक या लैंगिक समूह के पक्ष में 50% से अधिक आरक्षण देना अवैध माना गया है।
ये खबर भी पढ़िए...200 करोड़ की हेराफेरी के सबूत खंगालने एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के इंदौर कैंपस में घंटों ईओडब्ल्यू का डेरा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अमित सेठ और जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में एमपी सरकार, ESB और मेडिकल एजुकेशन बोर्ड को शामिल किया गया है।
पांच जनवरी 2026 को अगली सुनवाई में सरकार और विभाग की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा। अब ESB और मेडिकल बोर्ड के सामने चुनौती होगी कि वह भर्ती विज्ञापन के पीछे के तर्क और कानूनी आधार को कोर्ट में कैसे स्पष्ट करते हैं। जबलपुर हाईकोर्ट
ये खबर भी पढ़िए...इंदौर के रिटायर्ड जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र भदौरिया के दो लॉकर से मिला 3.84 करोड़ का सोना
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 के तहत, हर नागरिक को समानता का अधिकार है। इसके साथ ही, उन्हें रोजगार के समान अवसर भी मिलते हैं। जबकि महिला उम्मीदवारों को आरक्षण देना प्रोत्साहन का एक रूप है। पूरी तरह से पुरुष उम्मीदवारों को बाहर रखना संवैधानिक समीकरण में विवादास्पद माना जाता है। इसी कारण जबलपुर हाईकोर्टने सरकार से जवाब मांगा है। नर्सिंग भर्ती
कोर्ट ने राज्य सरकार सहित ESB और मेडिकल बोर्ड को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। कोर्ट ने इस भर्ती विज्ञापन पर याचिकाकर्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद सरकार को अपना पक्ष पेश करने का समय दिया है। अगली सुनवाई 5 जनवरी 2026 को होगी।
286 पदों में 100% महिला आरक्षण
इस भर्ती विज्ञापन में महिलाओं को सभी पदों पर आरक्षण दे दिया गया है। इसमें पुरुष उम्मीदवारों को आवेदन करने से पूरी तरह वंचित रखा गया है, जो संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
जबलपुर के नौशाद अली की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि, इस भर्ती प्रक्रिया में पुरुष उम्मीदवारों को मौका ही नहीं दिया गया। इससे संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता), अनुच्छेद 15 (भेदभाव निषेध) और अनुच्छेद 16 (समान अवसर) का उल्लंघन हो रहा है।
ये खबर भी पढ़ें...पीएचक्यू परीक्षा परिणाम : 10 लाख अभ्यर्थियों का रिजल्ट तैयार करने में ESB की फूली सांस
पुरुषों से छीन लिया रोजगार का अवसर
ये खबर भी पढ़ें...ED, EOW और लोकायुक्त की इस साल इंदौर के भ्रष्टाचारियों पर सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक
इंद्रा साहनी केस का दिया गया हवाला
ये खबर भी पढ़िए...200 करोड़ की हेराफेरी के सबूत खंगालने एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के इंदौर कैंपस में घंटों ईओडब्ल्यू का डेरा
ESB और मेडिकल बोर्ड डायरेक्टर को नोटिस
पांच जनवरी 2026 को अगली सुनवाई में सरकार और विभाग की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा। अब ESB और मेडिकल बोर्ड के सामने चुनौती होगी कि वह भर्ती विज्ञापन के पीछे के तर्क और कानूनी आधार को कोर्ट में कैसे स्पष्ट करते हैं। जबलपुर हाईकोर्ट
ये खबर भी पढ़िए...इंदौर के रिटायर्ड जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र भदौरिया के दो लॉकर से मिला 3.84 करोड़ का सोना
समान अवसर के अधिकार का हुआ हनन
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava