मध्य प्रदेश में बाघों का शिकार: बीएसएफ जवान की पत्नी थी शामिल, म्यांमार तस्कर का कनेक्शन आया सामने
Abhilasha Saksena Chakraborty | May 03, 2025, 17:44 IST
Tiger smuggling in MP
मध्य प्रदेश STF ने बाघों के शिकार में लिप्त पारदी गैंग को पकड़ा। इसमें बीएसएफ जवान की पत्नी के शामिल होने की बात सामने आई है, जिनका म्यांमार तस्कर लाल नी सुंग से सीधा कनेक्शन था।
MP News: बाघों के शिकार के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की एसटीएफ ने दो महीने पहले पारदी गैंग को पकड़कर पूछताछ की, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। गैंग ने स्वीकार किया कि उन्होंने पिछले 10 सालों में 10 बाघों का शिकार किया है और यह सब म्यांमार के कुख्यात तस्कर लाल नी सुंग के इशारे पर हुआ।
ये भी पढ़ें:
MP समेत 5 राज्यों की पुलिस ने बाघ तस्कर गैंग को पकड़ा, सोशल मीडिया से चीन तक जुड़े तार
अंगों की
बाघ के अंगों की तस्करी के लिए महिलाओं और बच्चों का इस्तेमाल किया जाता था। अंगों को सामान्य सामानों में छिपाकर ट्रेन की जनरल बोगियों में भेजा जाता था। अगर पकड़े भी जाएं, तो उन्हें लावारिस बताकर बचने की योजना बनाई जाती थी।
म्यांमार मूल की लिंग सान लून (Ling San Loon), जो एक बीएसएफ जवान की पत्नी है, अंगों को मिजोरम से सीमा पार कराने में प्रमुख भूमिका निभाती थी। उसके संपर्क में जामखानकाप नामक व्यक्ति था, जिसे अब STF ने गिरफ्तार कर लिया है।
ये भी पढ़ें:
देश के साथ मध्य प्रदेश में भी ड्रग्स तस्करी के मामले बढ़े, जानें एमपी का कौन सा स्थान
STF को मिला 940 किलो
एसटीएफ एसपी राजेश भदौरिया के अनुसार, डेरे पर छापेमारी के बाद 940 किलो गांजा (940 kg cannabis) बरामद किया गया। इसके अलावा पेंगोलिन की खाल (pangolin skin) और शिकारी जाल भी मिले।
![Tiger population in MP]()
ओडिशा से आता था गांजा
गैंग ओडिशा के कालाहांडी और अन्य जिलों से गांजा लाता था। वहां के संपर्कों की जांच के लिए 11 सदस्यीय टीम लगाई गई है।
अजीत पारदी का कनेक्शन
महिलाओं ने खुलासा किया कि वे अजीत पारदी के निर्देश पर शिकार करती थीं और कमीशन लेती थीं। इनके पास से पेंगोलिन की खाल भी मिली है। महिलाओं ने यह भी बताया कि बाघ के अलावा दूसरे जानवरों का भी शिकार किया जाता था।
असम तक जाती थी डिलीवरी
वन्य प्राणियों की खाल और अंगों को असम तक पहुंचाना महिलाओं की जिम्मेदारी थी।
बिना गोली और जहर के किया शिकार
गैंग के सदस्यों ने बताया कि बाघों को गोली या जहर से नहीं मारा जाता था क्योंकि इससे बाघ की खाल खराब हो जाती थी। इसके बजाय वे लोहे के पंजे का इस्तेमाल करते थे। बाघ जब थककर गिर जाता था, तब लाठियों से पीट-पीटकर उसकी हत्या की जाती थी। बाद में खाल, नाखून, दांत निकालकर अलग थैलियों में भरते थे।
MP समेत 5 राज्यों की पुलिस ने बाघ तस्कर गैंग को पकड़ा, सोशल मीडिया से चीन तक जुड़े तार
अंगों की तस्करी में महिलाओं की भूमिका
बीएसएफ जवान की पत्नी थी शामिल
ये भी पढ़ें:
देश के साथ मध्य प्रदेश में भी ड्रग्स तस्करी के मामले बढ़े, जानें एमपी का कौन सा स्थान
STF को मिला 940 किलो गांजा
Tiger population in MP
ये बातें आईं सामने
गैंग ओडिशा के कालाहांडी और अन्य जिलों से गांजा लाता था। वहां के संपर्कों की जांच के लिए 11 सदस्यीय टीम लगाई गई है।
अजीत पारदी का कनेक्शन
महिलाओं ने खुलासा किया कि वे अजीत पारदी के निर्देश पर शिकार करती थीं और कमीशन लेती थीं। इनके पास से पेंगोलिन की खाल भी मिली है। महिलाओं ने यह भी बताया कि बाघ के अलावा दूसरे जानवरों का भी शिकार किया जाता था।
असम तक जाती थी डिलीवरी
वन्य प्राणियों की खाल और अंगों को असम तक पहुंचाना महिलाओं की जिम्मेदारी थी।
FAQ
- 1. पारदी गैंग किस तस्कर के लिए बाघों का शिकार करता था?
पारदी गैंग म्यांमार के तस्कर लाल नी सुंग के निर्देश पर बाघों का शिकार करता था, ताकि उनके अंगों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी की जा सके। - 2. बाघों का शिकार किस तरीके से किया जाता था?
गैंग बाघों को लोहे के ट्रैप में फंसाकर, थकने के बाद लाठियों से मारता था ताकि बाघ की खाल खराब ना हो और उसका बाज़ार मूल्य बना रहे। - 3. महिलाओं की क्या भूमिका थी तस्करी में?
महिलाएं वन्यप्राणियों के अंगों को मिजोरम और असम तक पहुंचाने में सक्रिय थीं और बच्चों का सहारा लेकर पुलिस से बचने की रणनीति अपनाती थीं।
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari