बाबा रामदेव की पतंजलि को MPIDC से पत्र जारी, बताओ पीथमपुर में कितना निवेश किया
Sanjay Gupta | Aug 12, 2026, 12:57 IST
patanjali pithampur investment mpidc ramdev
बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को एमपीआईडीसी ने एक पत्र भेजा है। यह पत्र कंपनी के उस आवेदन के बाद जारी किया गया है, जिसमें पीथमपुर की जमीन को पतंजलि फूड लिमिटेड के नाम ट्रांसफर करने की मांग की गई थी।
साल 2016 में इंदौर में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने पीथमपुर में 500 करोड़ रुपए निवेश करने का ऐलान किया था। इसके बाद पीथमपुर के सेक्टर-3 बगदून में उन्हें 40 एकड़ जमीन रियायती दर पर दी गई थी। यह जमीन करीब 10 करोड़ रुपए में मिली थी, जो असल कीमत की सिर्फ 25 फीसदी थी।
लेकिन करीब 10 साल बीत जाने के बाद भी वहां कोई प्लांट शुरू नहीं हुआ। इसके बाद कंपनी ने जमीन को अपनी दूसरी कंपनी पतंजलि फूड लिमिटेड के नाम ट्रांसफर करने के लिए आवेदन किया। इस पर एमपीआईडीसी ने कंपनी को पत्र जारी कर नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। इसमें मप्र औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2019 की धारा 19(बी) का पालन करने की बात कही गई है। इस जमीन की मौजूदा कीमत करीब 100 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
मप्र औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) इंदौर ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को पीथमपुर में प्लॉट नंबर 804, 805, 806 और 807 की कुल 1.68 लाख वर्गमीटर यानी करीब 40 एकड़ जमीन दी थी। यह जमीन करीब 10 करोड़ रुपए में 99 साल की लीज पर आवंटित की गई थी। इसके लिए कंपनी को हर साल करीब 12.50 लाख रुपए लीज रेंट देना तय हुआ था।
इस जमीन पर कंपनी ने 500 करोड़ रुपए का निवेश करने का वादा किया था।
करीब 10 साल तक इस जमीन पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। इसके बाद सरकार की ओर से जमीन वापस लेने का प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन यह मामला भोपाल स्तर पर ही अटक गया।
जमीन वापस लेने के बढ़ते दबाव के बीच बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की दूसरी कंपनी पतंजलि फूड लिमिटेड सामने आई। यह वही कंपनी है, जिसने रुचि सोया इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया था।
इसके बाद पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने एमपीआईडीसी भोपाल को पत्र लिखकर मांग की कि पीथमपुर में मिली 40 एकड़ जमीन को ग्रुप की दूसरी कंपनी पतंजलि फूड लिमिटेड के नाम ट्रांसफर कर दिया जाए।
इस आवेदन पर विचार करने के बाद एमपीआईडीसी के एमडी चंद्रमौली शुक्ला ने 14 जुलाई को पत्र जारी किया। इसमें बताया गया कि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और पतंजलि फूड लिमिटेड दोनों एक ही ग्रुप की कंपनियां हैं।
नए प्रस्ताव के मुताबिक, पतंजलि फूड लिमिटेड पीथमपुर में 450 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। कंपनी के इस प्रोजेक्ट से करीब 1600 लोगों को रोजगार मिलने का दावा किया गया है। यहां बिस्किट और सोयाबीन प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की योजना है।
एमपीआईडीसी के एमडी की ओर से जारी पत्र में जमीन ट्रांसफर के लिए शर्त 19(बी) लागू की गई है। इसके तहत कंपनी को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी।
पहली शर्त यह है कि जिस कंपनी को जमीन पहले दी गई थी, उसे अपनी स्वीकृत योजना के मुताबिक निवेश करना होगा। पतंजलि ने पहले 500 करोड़ रुपए निवेश का प्रस्ताव दिया था। नियम के अनुसार कंपनी को इसका 25 फीसदी यानी करीब 125 करोड़ रुपए का स्थायी पूंजी निवेश करना होगा या फिर कम से कम 50 करोड़ रुपए का निवेश होना जरूरी है।
अगर कंपनी यह शर्त पूरी कर देती है तो जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इसके लिए लीज राशि का 10 फीसदी और विकास शुल्क का 15 फीसदी देना होगा। मौजूदा दरों के हिसाब से पतंजलि फूड लिमिटेड को लीज प्रीमियम और अन्य शुल्क मिलाकर करीब 5.50 करोड़ रुपए जमा करने पड़ सकते हैं। इसके अलावा रजिस्ट्री शुल्क भी अलग से लगेगा।
इसी पत्र के आधार पर एमपीआईडीसी इंदौर ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को पत्र जारी कर जानकारी मांगी है। विभाग के अधिकारियों ने पत्र जारी होने की पुष्टि की है। हालांकि, अभी तक कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
एमपीआईडीसी ने अपने पत्र में नियम 19(बी) की पहली शर्त के तहत कंपनी से पूछा है कि पीथमपुर की जमीन पर अब तक कितना स्थायी निवेश किया गया है। कंपनी से जानकारी मिलने के बाद विभाग इसकी जांच करेगा।
अगर जांच में यह पाया जाता है कि कंपनी ने तय शर्त पूरी कर ली है तो नियम 19(बी) की दूसरी शर्त के तहत जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके लिए लीज राशि और अन्य शुल्क की गणना की जाएगी, जो करीब 5.50 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
हालांकि, जमीन ट्रांसफर से पहले सबसे जरूरी शर्त यही है कि कंपनी अपने किए गए निवेश का पूरा ब्योरा दे और नियमों को पूरा साबित करे। इसके बाद ही जमीन ट्रांसफर (Indore News) पर फैसला लिया जाएगा।
इसके अलावा एक और तैयारी चल रही है। मांगलिया में रुचि सोया की बड़ी यूनिट है, जिसे अधिग्रहण के बाद अब पतंजलि फूड लिमिटेड संचालित कर रही है।
अब इस प्लांट को पीथमपुर शिफ्ट करने की योजना पर काम चल रहा है। कंपनी की ओर से जवाब मिलने के बाद एमपीआईडीसी इंदौर आगे की जांच और प्रक्रिया पूरी करेगा। इंदौर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
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लेकिन करीब 10 साल बीत जाने के बाद भी वहां कोई प्लांट शुरू नहीं हुआ। इसके बाद कंपनी ने जमीन को अपनी दूसरी कंपनी पतंजलि फूड लिमिटेड के नाम ट्रांसफर करने के लिए आवेदन किया। इस पर एमपीआईडीसी ने कंपनी को पत्र जारी कर नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। इसमें मप्र औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2019 की धारा 19(बी) का पालन करने की बात कही गई है। इस जमीन की मौजूदा कीमत करीब 100 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
यह जमीन दी गई बाबा को
इस जमीन पर कंपनी ने 500 करोड़ रुपए का निवेश करने का वादा किया था।
जीरो निवेश, दो बार जमीन वापस लेने का प्रस्ताव गया
जमीन वापस लेने के बढ़ते दबाव के बीच बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की दूसरी कंपनी पतंजलि फूड लिमिटेड सामने आई। यह वही कंपनी है, जिसने रुचि सोया इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया था।
इसके बाद पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने एमपीआईडीसी भोपाल को पत्र लिखकर मांग की कि पीथमपुर में मिली 40 एकड़ जमीन को ग्रुप की दूसरी कंपनी पतंजलि फूड लिमिटेड के नाम ट्रांसफर कर दिया जाए।
एमपीआईडीसी से जारी हुआ यह पत्र
नए प्रस्ताव के मुताबिक, पतंजलि फूड लिमिटेड पीथमपुर में 450 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। कंपनी के इस प्रोजेक्ट से करीब 1600 लोगों को रोजगार मिलने का दावा किया गया है। यहां बिस्किट और सोयाबीन प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की योजना है।
लेकिन शर्त 19-बी लागू है
पहली शर्त यह है कि जिस कंपनी को जमीन पहले दी गई थी, उसे अपनी स्वीकृत योजना के मुताबिक निवेश करना होगा। पतंजलि ने पहले 500 करोड़ रुपए निवेश का प्रस्ताव दिया था। नियम के अनुसार कंपनी को इसका 25 फीसदी यानी करीब 125 करोड़ रुपए का स्थायी पूंजी निवेश करना होगा या फिर कम से कम 50 करोड़ रुपए का निवेश होना जरूरी है।
अगर कंपनी यह शर्त पूरी कर देती है तो जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इसके लिए लीज राशि का 10 फीसदी और विकास शुल्क का 15 फीसदी देना होगा। मौजूदा दरों के हिसाब से पतंजलि फूड लिमिटेड को लीज प्रीमियम और अन्य शुल्क मिलाकर करीब 5.50 करोड़ रुपए जमा करने पड़ सकते हैं। इसके अलावा रजिस्ट्री शुल्क भी अलग से लगेगा।
इसी शर्त के तहत मांगी गई जानकारी
एमपीआईडीसी ने अपने पत्र में नियम 19(बी) की पहली शर्त के तहत कंपनी से पूछा है कि पीथमपुर की जमीन पर अब तक कितना स्थायी निवेश किया गया है। कंपनी से जानकारी मिलने के बाद विभाग इसकी जांच करेगा।
अगर जांच में यह पाया जाता है कि कंपनी ने तय शर्त पूरी कर ली है तो नियम 19(बी) की दूसरी शर्त के तहत जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके लिए लीज राशि और अन्य शुल्क की गणना की जाएगी, जो करीब 5.50 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
हालांकि, जमीन ट्रांसफर से पहले सबसे जरूरी शर्त यही है कि कंपनी अपने किए गए निवेश का पूरा ब्योरा दे और नियमों को पूरा साबित करे। इसके बाद ही जमीन ट्रांसफर (Indore News) पर फैसला लिया जाएगा।
रुचि सोया ग्रुप के पुराने प्लांट की शिफ्टिंग
अब इस प्लांट को पीथमपुर शिफ्ट करने की योजना पर काम चल रहा है। कंपनी की ओर से जवाब मिलने के बाद एमपीआईडीसी इंदौर आगे की जांच और प्रक्रिया पूरी करेगा। इंदौर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
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