PSC उम्मीदवार फिर से आंदोलन की राह पर, सोमवार से प्रदर्शन की चेतावनी
Jitendra Shrivastava | Feb 10, 2024, 16:13 IST
PSC उम्मीदवार फिर आंदोलन की राह पर।
लोक सेवा आयोग सोमवार को बैठक कर अंतिम फैसला लेगा।
उधर उम्मीदवारों द्वारा 48 घंटे की दी गई चेतावनी की समयसीमा खत्म हो चुकी है और अब वह फिर आंदोलन की बात कर रहे हैं। इसके लिए पुलिस से मंजूरी ली जा रही है, जिससे वह अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर सकें। परीक्षा
संजय गुप्ता, INDORE. मप्र लोक सेवा आयोग (PSC) राज्य सेवा परीक्षा मेंस 2023 की तारीख आगे बढाने की आई मांग पर लगातार दो दिन विचार करने के बाद भी कोई रास्ता नहीं निकाल सका है। अब सोमवार को वह फिर बैठक कर अंतिम फैसला लेगा। उधर उम्मीदवारों द्वारा 48 घंटे की दी गई चेतावनी की समयसीमा खत्म हो चुकी है और अब वह फिर आंदोलन की बात कर रहे हैं। इसके लिए पुलिस से मंजूरी ली जा रही है, जिससे वह अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर सकें।
इसके पहले उम्मीदवारों ने परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार दोपहर 2 दो बजे प्रदर्शन शुरू किया, रात को सड़क पर ही सोए और यह धरना, नारेबाजी, प्रदर्शन लगातार 34 घंटे तक चला और यह प्रदर्शन मंगलवार देर रात को खत्म हुआ। इस दौरान पुलिस को ज्ञापन दिया गया और आयोग के अधिकारियों से टेलीफोनिक बात कराई गई, ज्ञापन में ही लिखा गया कि 24 से 48 घंटे में आयोग फैसला करें, नहीं तो फिर अनिश्चतकालीन प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद बुधवार को यह ज्ञापन आयोग के पास पहुंचा और गुरुवार व शुक्रवार को लगातार बैठक के बाद भी आयोग को इन परीक्षाओं के लिए आगे कोई विंडो नहीं मिली है।
कमलनाथ ने की एमपी छोड़ने की तैयारी, इसलिए बुलाई डिनर पार्टी
राज्य सेवा परीक्षा मेंस 2023 की तारीख नहीं बढ़ेगी,सोमवार को अंतिम बैठक
PSC की तर्ज पर होगी सब इंस्पेक्टर की परीक्षा, 7 साल से राह तक रहे युवा
उधर 'द सूत्र' को लगातार दोनों तरह के संदेश आ रहे हैं, कुछ उम्मीदवार लगातार परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं तो वहीं यह भी संदेश है कि तारीख नहीं बढ़ाई जाए, ऐसा होने पर हमारा आगे का पूरा शेड्यूल बिगड़ जाएगा। उधर अधिकांश सदस्यों के संदेश इस बात पर है कि यह असमंजस खत्म होना चाहिए, चाहे तारीख बढ़े या नहीं बढ़ें, लेकिन जो भी हो वह स्पष्ट हो जाए, नहीं तो इस उलझन से हम मानसकि रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। अब नए आंदोलन की चेतावनी सामने आने के बाद चुपचाप अपनी तैयारियों में लगे उम्मदीवारों के बीच उलझन हो गई है।
उधर आयोग में लगातार चर्चा चल रही है कि जो भी उम्मीदवारों की मांग है वह रखने के लिए स्वतंत्र है और उनका अधिकार है। लेकिन उनकी आड़ में किसी भी कोचिंग संचालकों या अन्य व्यक्ति जिनका परीक्षा से कोई लेना देना नहीं है, को उम्मीदवारों की आड़ में अपने हित साधने की छूट नहीं दी जा सकती है। यदि आंदोलनों में इस तरह कोचिंग संचालकों की भूमिका सामने आती है तो इस मामले में सख्ती भी की जाना चाहिए। इस मामले में जो सही वास्तविक उम्मीदवार है उन्हें छोड़कर बेवजह अशांति फैलाने वाले लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के मूड में आयोग और पुलिस दोनों ही है।
इसके पहले 34 घंटे तक प्रदर्शन कर चुके उम्मीदवार
इसके पहले उम्मीदवारों ने परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार दोपहर 2 दो बजे प्रदर्शन शुरू किया, रात को सड़क पर ही सोए और यह धरना, नारेबाजी, प्रदर्शन लगातार 34 घंटे तक चला और यह प्रदर्शन मंगलवार देर रात को खत्म हुआ। इस दौरान पुलिस को ज्ञापन दिया गया और आयोग के अधिकारियों से टेलीफोनिक बात कराई गई, ज्ञापन में ही लिखा गया कि 24 से 48 घंटे में आयोग फैसला करें, नहीं तो फिर अनिश्चतकालीन प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद बुधवार को यह ज्ञापन आयोग के पास पहुंचा और गुरुवार व शुक्रवार को लगातार बैठक के बाद भी आयोग को इन परीक्षाओं के लिए आगे कोई विंडो नहीं मिली है।
कमलनाथ ने की एमपी छोड़ने की तैयारी, इसलिए बुलाई डिनर पार्टी
राज्य सेवा परीक्षा मेंस 2023 की तारीख नहीं बढ़ेगी,सोमवार को अंतिम बैठक
PSC की तर्ज पर होगी सब इंस्पेक्टर की परीक्षा, 7 साल से राह तक रहे युवा
नए आंदोलन की चेतावनी से तैयारी करने वाले उम्मीदवार असमंजस में
उधर 'द सूत्र' को लगातार दोनों तरह के संदेश आ रहे हैं, कुछ उम्मीदवार लगातार परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं तो वहीं यह भी संदेश है कि तारीख नहीं बढ़ाई जाए, ऐसा होने पर हमारा आगे का पूरा शेड्यूल बिगड़ जाएगा। उधर अधिकांश सदस्यों के संदेश इस बात पर है कि यह असमंजस खत्म होना चाहिए, चाहे तारीख बढ़े या नहीं बढ़ें, लेकिन जो भी हो वह स्पष्ट हो जाए, नहीं तो इस उलझन से हम मानसकि रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। अब नए आंदोलन की चेतावनी सामने आने के बाद चुपचाप अपनी तैयारियों में लगे उम्मदीवारों के बीच उलझन हो गई है।
उम्मीदवार ही मांग रखें, कोचिंग संचालकों पर सख्ती के मूड में आयोग
उधर आयोग में लगातार चर्चा चल रही है कि जो भी उम्मीदवारों की मांग है वह रखने के लिए स्वतंत्र है और उनका अधिकार है। लेकिन उनकी आड़ में किसी भी कोचिंग संचालकों या अन्य व्यक्ति जिनका परीक्षा से कोई लेना देना नहीं है, को उम्मीदवारों की आड़ में अपने हित साधने की छूट नहीं दी जा सकती है। यदि आंदोलनों में इस तरह कोचिंग संचालकों की भूमिका सामने आती है तो इस मामले में सख्ती भी की जाना चाहिए। इस मामले में जो सही वास्तविक उम्मीदवार है उन्हें छोड़कर बेवजह अशांति फैलाने वाले लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के मूड में आयोग और पुलिस दोनों ही है।
प्रमुख मांगें अब इस तरह की है...
- राज्य सेवा परीक्षा मेंस 2023 की तारीख आगे बढ़ाई जाए
- 13 फीसदी प्रोवीजनल रिजल्ट को घोषित किया जाए
- राज्य सेवा परीक्षा 2024 में 500 पद किए जाएं
- कुछ उम्मीदवार उत्तरपुस्तिकाएं दिखाने की भी मांग कर रहे हैं
- वहीं कुछ उम्मीदवार अपने अंक जानना चाहते हैं, अभी आयोग ने 2019 व 2020 में केवल चयनित उम्मीदवारों की ही सूची व अंक जारी किए हैं।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman