टेंडर के खेल में उलझे पीडब्लूडी के प्रमुख अभियंता
Sanjay Sharma | May 06, 2025, 23:11 IST
PWD chief engineers
मध्य प्रदेश में ईओडब्लू ने लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्लूडी और पीआईयू के प्रभारी प्रमुख अभियंता केपीएस राणा और शालिगराम बघेल की जांच शुरू कर दी है। दोनों पर कंपनियों को ठेका दिलाने में आर्थिक गड़बड़ी के आरोप हैं।
BHOPAL. टेंडर में मनमाने बदलाव, घटिया निर्माण और विवादित कार्यशैली के आरोप लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के लिए नए नहीं हैं। विभाग में ऊंचे ओहदों पर काबिज ज्यादातर अधिकारी किसी न किसी विवाद और आरोपों से घिरे रहे हैं। इन अधिकारियों के खिलाफ पसंदीदा कंपनियों को ठेका दिलाकर मुनाफा कमाने की शिकायतें भी मध्यप्रदेश सरकार तक पहुंचती रही हैं। इसी फेहरिस्त में विभाग के प्रभारी प्रमुख अभियंता केपीएस राणा और पीआईयू के प्रमुख अभियंता का प्रभार संभाल रहे शालिगराम बघेल पर ईओडब्लू ने जांच शुरू कर दी है।
ईओडब्लू यानी आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो को दोनों प्रभारी प्रमुख अभियंता अधिकारियों के भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थीं। एनएचएआई में प्रभारी मुख्य अभियंता रहते हुए केपीएस राणा ने बीना टोल प्लाजा के निर्माण कार्य में देरी की वजह से निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की थी। राणा के निर्देश पर तब कंपनी राजेन्द्र सिंह किलेदार कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को एक साल के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था। इस कार्रवाई के केवल 13 दिन बाद ही राणा के इशारे पर किलेदार कंस्ट्रक्शन को साढ़े 7 किलोमीटर लंबे आष्टा बायपास सड़क निर्माण का ठेका दे दिया गया।
ये खबरें भी पढ़ें... रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के लेटर बम से सत्ता और संगठन में बढ़ा तनाव
ये खबरें भी पढ़ें... इंदौर में पूर्व स्पीकर सुमित्रा महाजन से बोले महापौर- पत्र की क्या जरूरत थी मीडिया में आ गया, ऐसे ही बुला लेते
38.39 करोड़ की लागत के इस टेंडर में न केवल नियमों बल्कि तत्कालीन ईएनसी की आपत्ति को भी दरकिनार किया गया था। नियम विरुद्ध ब्लैक लिस्टेड कंपनी को 38.39 करोड़ की बायपास सड़क निर्माण का काम देने पर ईएनसी नरेन्द्र कुमार ने अपनी आपत्ति के साथ पत्र भी जारी किया था। इसमें 13 दिसम्बर 2022 को ब्लैक लिस्टेड करने के ठीक बाद उसी कंपनी की फाइनेंशियल बिड खोलने पर सवाल खड़े किए गए थे। हांलाकि ईएनसी की टिप्पणी के बाद जब तक यह मामला सामने आया तब चुनाव की आचार संहिता लग चुकी थी। इस वजह से गुपचुप तरीके से ब्लैक लिस्टेड कंपनी का टेंडर स्वीकृत कर दिया गया।
ये खबरें भी पढ़ें... सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, एमपी वक्फ बोर्ड का बनेगा नया भवन
ये खबरें भी पढ़ें... विवेक तन्खा बोले- देश को एक मजबूत विपक्ष की जरूरत, कांग्रेस को अपनी कमियां दूर करनी होंगी
पीडब्लूडी में वापसी और प्रभारी प्रमुख अभियंता के पद पर बैठने के बाद राणा और पीआईयू में उनके समकक्ष दायित्व संभाल रहे शालिगराम बघेल पर टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी के आरोप लगे हैं। बघेल द्वारा कंपनियों को ठेका दिलाने में नियम विरुद्ध उनका सहयोग करने की शिकायतें ईओडब्लू तक पहुंची हैं। एक समान दायित्व के दो तकनीकी अधिकारियों के विरुद्ध टेंडर में खेल करने की शिकायतों के बाद ईओडब्लू ने अब जांच शुरू कर दी है। इसके लिए दोनों अधिकारियों के दायित्वों के अंतर्गत हुए निर्माण कार्यों के ठेकों के दस्तावेज और जानकारी खंगालने में जांच एजेंसी जुट गई है।
ईओडब्लू यानी आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो को दोनों प्रभारी प्रमुख अभियंता अधिकारियों के भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थीं। एनएचएआई में प्रभारी मुख्य अभियंता रहते हुए केपीएस राणा ने बीना टोल प्लाजा के निर्माण कार्य में देरी की वजह से निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की थी। राणा के निर्देश पर तब कंपनी राजेन्द्र सिंह किलेदार कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को एक साल के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था। इस कार्रवाई के केवल 13 दिन बाद ही राणा के इशारे पर किलेदार कंस्ट्रक्शन को साढ़े 7 किलोमीटर लंबे आष्टा बायपास सड़क निर्माण का ठेका दे दिया गया।
ये खबरें भी पढ़ें... रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के लेटर बम से सत्ता और संगठन में बढ़ा तनाव
ये खबरें भी पढ़ें... इंदौर में पूर्व स्पीकर सुमित्रा महाजन से बोले महापौर- पत्र की क्या जरूरत थी मीडिया में आ गया, ऐसे ही बुला लेते
ब्लैकलिस्ट कंपनी को दे दिया ठेका
ये खबरें भी पढ़ें... सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, एमपी वक्फ बोर्ड का बनेगा नया भवन
ये खबरें भी पढ़ें... विवेक तन्खा बोले- देश को एक मजबूत विपक्ष की जरूरत, कांग्रेस को अपनी कमियां दूर करनी होंगी
ठेकों के खेल के दस्तावेजों की जांच
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari