स्पेशल ट्रेन के नाम पर रेलवे का खेल, बिना सुविधा दिए वसूल रहा 25% ज्यादा किराया
Aman Vaishnav | Jun 01, 2026, 08:36 IST
railway trains charging extra- fare bhopal division
भारतीय रेलवे स्पेशल ट्रेनों के नाम पर यात्रियों से 20 से 25 प्रतिशत तक ज्यादा किराया वसूल रहा है। बिना किसी एक्स्ट्रा सुविधा और ज्यादा समय लेने के बावजूद यात्रियों की जेब काटी जा रही है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- रेलवे स्पेशल ट्रेनों के नाम पर यात्रियों से 20 से 25% तक ज्यादा किराया वसूल रहा है।
- सामान्य ट्रेन के नंबर के आगे सिर्फ 0 जोड़कर यात्रियों से लाखों रुपए अतिरिक्त लिए जा रहे हैं।
- अप्रैल से जुलाई के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेनों से रेलवे दो हजार 284 करोड़ रुपए की एक्स्ट्रा कमाई करेगा।
- भोपाल रेल मंडल से सालाना 150 करोड़ रुपए से ज्यादा की अतिरिक्त वसूली हो रही है।
- ज्यादा पैसे देने के बाद भी यात्रियों को कोई नई सुविधा नहीं मिल रही है।
रेलवे की स्पेशल ट्रेनों का पूरा खेल?
इन ट्रेनों में आपको कोई अलग या वीआईपी सुविधा नहीं दी जाती है। सब कुछ सामान्य ट्रेनों जैसा ही होता है। बस रेलवे चालाकी से ट्रेन नंबर के आगे एक 0 जोड़ देता है और किराया 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
यानी सुविधा के नाम पर कुछ नहीं लेकिन आपकी जेब से हर ट्रिप में लाखों रुपए ज्यादा ऐठे जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार आंकड़े देखें तो एक स्पेशल ट्रेन से रेलवे औसतन लगभग दो लाख रुपए की अतिरिक्त कमाई कर रहा है।
वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल रेल मंडल की बात करें तो यहां से हर दिन करीब 40 स्पेशल ट्रेनें गुजरती हैं। गर्मियों के सीजन में ये लगभग पूरी फुल चल रही हैं।
तीन महीने में 2,284 करोड़ की वसूली
देखा जाए तो अगर एक ट्रिप से रेलवे को औसतन एक लाख 25 हजार रुपए की भी एक्स्ट्रा कमाई होती है, तो महज इन तीन महीनों में रेलवे यात्रियों से करीब दो हजार 284 करोड़ रुपए अतिरिक्त वसूल कर लेगा।
सिर्फ भोपाल डिवीजन की ही बात कर लें, तो यहां से गुजरने वाली स्पेशल ट्रेनों के जरिए जनता की जेब से सालाना 150 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम निकाली जा रही है।
कैसे कट रही है आपकी जेब
उदाहरण 1: भोपाल से पुणे का सफर (एलएचबी कोच)
दोनों ही ट्रेनों में आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच लगे हैं। दोनों में सेकेंड एसी (2nd AC) के 2-2 कोच हैं। दोनों में सीटें भी बिल्कुल एक जैसी हैं। लेकिन किराए का अंतर आपको चौंका देगा।
| ट्रेन का प्रकार | ट्रेन का नाम और नंबर | सेकेंड एसी किराया | सफर का समय |
| सामान्य ट्रेन | 12782 मैसूर स्वर्णजयंती एक्सप्रेस | ₹1810 | 15 घंटे 05 मिनट |
| स्पेशल ट्रेन | 07364 ऋषिकेश हुबली स्पेशल | ₹2185 | 15 घंटे 15 मिनट |
| अंतर | सिर्फ 0 का फर्क | ₹375 ज्यादा (20.7% अधिक) | 10 मिनट अधिक समय |
उल्टा यह स्पेशल ट्रेन आपको पहुंचाने में 10 मिनट का समय भी ज्यादा ले रही है। यानी आप ज्यादा पैसे देकर धीमी सवारी कर रहे हैं।
उदाहरण 2: लखनऊ रूट का हाल
इन दोनों ट्रेनों के कोच में सीटों की क्षमता भी एक बराबर है (सेकेंड एसी में 48, थर्ड एसी में 64 और स्लीपर में 72 सीटें)। तकनीक एक जैसी होने के बाद भी किराया देखिए।
- सेकेंड एसी (2nd AC): स्पेशल ट्रेन का किराया 1735 रुपए है। जबकि सामान्य का 1380 रुपए। यानी सीधा 355 रुपए अधिक (25.7% का अंतर)।
- थर्ड एसी (3rd AC): स्पेशल ट्रेन में 1225 रुपए लगते हैं। जबकि सामान्य में 990 रुपए। यानी 235 रुपए अधिक (23.7% का अंतर)।
- स्लीपर क्लास (Sleeper Class): स्पेशल ट्रेन में 460 रुपए वसूले जा रहे हैं। जबकि सामान्य में 385 रुपए। यानी 75 रुपए अधिक (19.5% का अंतर)।
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