गणतंत्र दिवस पर न्याय व्यवस्था में नई शुरुआत: जस्टिस संजीव सचदेवा ने दिखाई चलित न्यायालय को हरी झंडी

मध्य प्रदेश के जबलपुर में गणतंत्र दिवस पर जस्टिस संजीव सचदेवा ने चलित न्यायालय की शुरुआत की है। यह पहल न्याय को आम जनता तक सुलभ और त्वरित पहुंचाने का अहम कदम है।

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Neel Tiwari
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News in Short

  • 77वें गणतंत्र दिवस पर जस्टिस संजीव सचदेवा ने चलित न्यायालय को हरी झंडी दी है।

  • चलित न्यायालय का उद्देश्य दूरदराज के लोगों तक त्वरित न्याय पहुंचाना है।

  • यह मोबाइल कोर्ट अतिक्रमण, स्वच्छता, यातायात जैसे मामलों का समाधान करेगा।

  • न्यायिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए CCTV और LED टीवी की सुविधा दी गई है।

  • होप टू अचीवमेंट योजना के तहत बच्चों को सम्मानित किया गया है।

News in Detail

Jabalpur. 77वें गणतंत्र दिवस पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय परिसर में आयोजित समारोह ने न्याय व्यवस्था को लेकर एक नई उम्मीद जगाई है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने आम जनता को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से चलित न्यायालय की शुरुआत की। इस पहल से अब न्याय सिर्फ अदालतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सीधे आम लोगों के द्वार तक पहुंचेगा।

ओवल लॉन में गरिमामय गणतंत्र दिवस समारोह

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर के ओवल लॉन में 77वें गणतंत्र दिवस पर समारोह किया गया था। सुबह 9 बजे चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस मौके पर न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

न्याय को जनता के करीब लाने की बड़ी पहल

समारोह के दौरान जस्टिस संजीव सचदेवा ने न्याय व्यवस्था को आम नागरिकों के लिए और अधिक सुगम बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने चलित न्यायालय (मोबाइल कोर्ट) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही विधिक सहायता जागरूकता रथ और ग्राम न्यायालयों के वाहनों को भी रवाना किया गया।

नगर निगम ने तैयार किया आधुनिक चलित न्यायालय

जबलपुर नगर निगम ने विशेष रूप इसे तैयार किया है। यह चलित न्यायालय वाहन आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस है। इसका उद्देश्य उन लोगों तक न्याय पहुंचाना है जो आर्थिक, सामाजिक या भौगोलिक कारणों से न्यायालय तक नहीं पहुंच पाते हैं। यह पहल न्याय को जमीनी स्तर तक ले जाने का प्रयास है।

संविधान की भावना पर आधारित पहल

चलित न्यायालय की अवधारणा संविधान के अनुच्छेद 39(A) के तहत समान न्याय और अनुच्छेद 21 के अंतर्गत त्वरित न्याय के मूल अधिकार से प्रेरित है। यह मोबाइल कोर्ट सार्वजनिक स्थानों पर ही मामलों का त्वरित समाधान कर सकेगा। इससे लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।

तकनीक और पारदर्शिता पर खास जोर

इस चलित न्यायालय में कंप्यूटर, प्रिंटर, वाई-फाई और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पारदर्शी कार्यवाही के लिए 6 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। वहीं जागरूकता और जानकारी के प्रसार के लिए 2 LED टीवी भी लगाए गए हैं, ताकि आम नागरिकों को कानूनी जानकारी मौके पर ही मिल सके।

इन मामलों का होगा त्वरित निपटारा

मोबाइल कोर्ट के जरिए सार्वजनिक जगहों पर मामलों का तुरंत समाधान किया जाएगा। अतिक्रमण, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण, स्वच्छता, राजस्व वसूली और यातायात से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। इससे समय की बचत होगी और प्रशासनिक व्यवस्था भी बेहतर होगी।

होप टू अचीवमेंट पहल में बच्चों का सम्मान

न्यायिक पहल के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों को भी समारोह में प्रमुखता दी गई है। होप टू अचीवमेंट योजना के तहत ग्वारीघाट के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया गया है। जस्टिस संजीव सचदेवा ने बच्चों को आईपैड, स्कूल बैग और अन्य शैक्षणिक सामग्री प्रदान की, जिससे उनका आत्मविश्वास और भविष्य दोनों मजबूत हो सके।

सस्ता, सरल और तेज न्याय है लक्ष्य

चलित न्यायालय का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सस्ता, सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। इससे छोटे विवादों का तत्काल समाधान संभव होगा और लोगों को बार-बार अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

न्याय सबके द्वार की अवधारणा साकार

जबलपुर नगर निगम और उच्च न्यायालय के संयुक्त प्रयास से अब न्याय सबके द्वार की परिकल्पना वास्तविक रूप लेती नजर आ रही है। यह पहल न सिर्फ न्याय प्रणाली को मजबूत करेगी, बल्कि आम जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा भी और गहरा करेगी।

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