हटाए गए सागर-देवास एसपी
शराब कांड से मौतों के बाद सरकार का बड़ा एक्शन, सागर-देवास के एसपी और कलेक्टर हटाए गए
Amresh Kushwaha | Oct 27, 2026, 16:31 IST
शराब कांड में मौतों के बाद MP सरकार का एक्शन
शराब कांड से हुई मौतों के बाद सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सागर और देवास दोनों जिलों के एसपी और कलेक्टर बदल दिए गए हैं। देवास के एसपी पुनीत गहलोत को अब पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। कलेक्टर ऋतुराज अब सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव होंगी। आइए जानते हैं कि दोनों मामलों में अब तक क्या सामने आया है।
सागर और देवास जिले के एसपी बदले
सागर में भी यही कदम उठाया गया है। यहां एसपी अनुराग सुजानिया को हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा गया है। उन्हें भी सहायक पुलिस महानिरीक्षक का पद मिला है। उनकी जगह संजीव कुमार सिन्हा सागर के नए एसपी बने हैं। सिन्हा अब तक ग्वालियर में 14वीं वाहिनी के सेनानी थे। यानी सागर में सुजानिया हटे हैं, जबकि सिन्हा की नई तैनाती हुई है।
सागर और देवास के कलेक्टर भी बदले
आईएएस नेहा मीना बनीं देवास कलेक्टर
आईएएस दिलीप कुमार यादव होंगे सागर कलेक्टर
हटाए गए सागर-देवास के कलेक्टर
कांग्रेस लगातार सरकार पर उठा रही थी सवाल
देवास शराब कांड का मामला
पुलिस ने 9 दिन बाद मुख्य आरोपी विनोद जायसवाल को पकड़ा है। अब तक कुल 10 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें दो वाइन शॉप मैनेजर और दो सेल्समैन भी हैं। पुलिस ने 54 लीटर देशी शराब और एक कार जब्त की है। पूछताछ में नेटवर्क के तार इंदौर से उत्तर प्रदेश तक मिले हैं। विनोद की डायरी में शराब बिक्री का हिसाब दर्ज बताया गया है। पुलिस ने अब तक नहीं बताया कि शराब कहां से आती थी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हर परिवार के लिए 25-25 लाख रुपए मांगे थे। कांग्रेस आज देवास कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगी।
सागर शराब कांड का सच
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपियों को पहले से पता था कि शराब जहरीली है। फिर भी उन्होंने सप्लाई नहीं रोकी थी। उन्होंने प्रशासन को भी जानकारी नहीं दी थी। सागर सेंट्रल जेल से मिले इनपुट के बाद पुलिस नेटवर्क तक पहुंची थी। पुलिस ने चंद्रभान सिंह राजपूत को इस मामले का अहम आरोपी बताया है।
पुलिस के मुताबिक केमिकल दिल्ली से आया था। नकली रैपर ग्वालियर से मंगाए गए थे। शराब बनाने वाली टीम मुरैना से बुलाई गई थी। यह शराब लाइसेंसी दुकान की आड़ में कई गांवों तक भेजी गई था। बीमार पड़ने के बाद भी आरोपियों ने बिक्री जारी रखी।
पटाखा हादसे की पुरानी कड़ी
जांच में लापरवाही मिलने पर चार अफसर निलंबित हुए थे। इनमें एसडीएम (Sub Divisional Magistrate) संजीव सक्सेना और नायब तहसीलदार रवि शर्मा थे। एसडीओपी (Sub Divisional Officer of Police) दीपा मांडवे भी निलंबित हुईं। तब एसपी ने चौकी प्रभारी रमनदीप हुंडल को निलंबित किया था। रिपोर्ट के मुताबिक कम क्षमता के लाइसेंस पर ज्यादा विस्फोटक जमा था। अब शराब कांड ने निगरानी की चूक का सवाल फिर उठा दिया है।
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