संविदा कर्मचारियों की जानकारी दबाए बैठे हैं कई विभाग, GAD के 5 पत्र बेअसर

Amresh Kushwaha | Jul 01, 2026, 11:20 IST
Share
संविदा नीति-2023 पर विभागों की लापरवाही
संविदा नीति-2023 पर विभागों की लापरवाही

प्रदेश के कई विभाग संविदा कर्मचारियों की जानकारी नहीं दे रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग चार महीने में 5 पत्र लिख चुका है। CM ने भी इस मामले की समीक्षा के निर्देश दिए थे। अब फिर से संविदा नीति-2023 पर जानकारी मांगी गई है। जानिए पूरा मामला...

समझें क्या है पूरा मामला...

  • कई विभाग संविदा कर्मचारियों की जानकारी नहीं दे रहे।
  • GAD ने चार महीने में 5 पत्र लिखे हैं।
  • मुख्यमंत्री ने भी इस मामले की समीक्षा के निर्देश दिए थे।
  • अब फिर से सभी विभागों को जानकारी देने को कहा गया है।
  • संविदा नीति-2023 के प्रावधानों पर बिंदुवार जानकारी मांगी गई है।
मध्यप्रदेश में कई सरकारी विभागों के निगम, मंडल और योजनाओं में संविदा कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों और अधिकारियों की सही जानकारी विभाग प्रमुख नहीं दे रहे हैं। यह जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग यानी जीएडी को बार-बार मांगनी पड़ रही है। बावजूद इसके अधिकारी अब तक बेपरवाह बने हुए हैं।

यह मामला संविदा नीति 2023 के क्रियान्वयन से जुड़ा है। सीएम मोहन यादव ने पहले ही इस मामले की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी विभागों की तरफ से गंभीरता नहीं दिखाई गई।

पांच बार लिखे गए पत्र

सामान्य प्रशासन विभाग इस मामले में लगातार पत्र लिख रहा है। बीते चार महीने में विभाग पांच बार पत्र भेज चुका है। पहला पत्र 18 मार्च को भेजा गया था। इसके बाद 13 अप्रैल और 4 मई को भी पत्र लिखे गए। वहीं, 8 जून को भी एक पत्र भेजा गया था। इतने पत्र भेजने के बाद भी कई विभागों ने जानकारी नहीं दी है। इसी वजह से 29 जून को एक बार फिर पत्र लिखा गया है। यह पत्र अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को भेजा गया है। पत्र में साफ कहा गया है कि पुरानी जानकारी अब तक नहीं मिली है।

किन बिंदुओं पर मांगी जानकारी

सामान्य प्रशासन विभाग ने कुल सात बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।

पहला बिंदु सीधी भर्ती के नियमित पदों को संविदा नियुक्तियों के लिए आरक्षित रखने से जुड़ा है।

दूसरा बिंदु सेवा के दौरान किसी संविदा कर्मचारी की मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति के प्रावधान से जुड़ा है। विभागों को बताना होगा कि यह प्रावधान लागू हुआ है या नहीं।

तीसरा बिंदु संविदा पदों की नियमित पदों के साथ समकक्षता तय करने से जुड़ा है।

चौथे बिंदु में संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलने वाली अवकाश की सुविधा शामिल है।

पांचवां बिंदु संविदा कर्मियों के साथ अनुबंध यानी कॉन्ट्रैक्ट पूरा करने की स्थिति से जुड़ा है।

छठे बिंदु में संविदा कर्मियों और उनके परिवार को मिलने वाली उपादान यानी ग्रेच्युटी राशि की व्यवस्था शामिल है।

सातवां बिंदु सेवा शर्तों में नीति के अनुसार जरूरी बदलाव जोड़ने से जुड़ा है।

विभागों को क्या करना होगा

पत्र में विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। हर बिंदु के सामने बताना होगा कि प्रावधान लागू हुआ है या नहीं। यदि कोई प्रावधान लागू नहीं हुआ, तो उसका कारण भी लिखना होगा। यह जानकारी बिंदुवार और प्राथमिकता के आधार पर देनी होगी। इसका मकसद मुख्यमंत्री की घोषणाओं की सही समीक्षा करना है। बिना सही जानकारी के यह समीक्षा पूरी नहीं हो सकती। इसलिए विभागों पर जल्दी जवाब देने का दबाव बढ़ गया है।

आगे क्या हो सकता है असर

यदि विभाग अब भी जानकारी नहीं देते हैं, तो मामला और आगे बढ़ सकता है। इससे संविदा कर्मचारी को मिलने वाली सुविधाओं में देरी हो सकती है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का असली फायदा तभी मिलेगा जब सही डाटा सामने आएगा। सामान्य प्रशासन विभाग की सख्ती से आगे कुछ बड़े फैसले हो सकते हैं। इस पूरे मामले पर आने वाले दिनों में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

ये खबरें भी पढ़िए...

मुनाफे का लालच देकर बैंककर्मी से 27 लाख की ठगी, 4 राज्यों के खातों में भेजी रकम

रैगिंग के मामले में तीसरे नंबर पर मध्यप्रदेश, UIET-RGVP टॉप 10 में शामिल

मंत्री प्रतिमा बागरी को जाति प्रमाण पत्र विवाद में नोटिस जारी, द सूत्र से बोलीं- जानकारी नहीं

MP News: शिप्रा तट पर मंत्रों की जगह गूंजे अपशब्द, महाआरती के दौरान चले लात-घूंसे

Tags:
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • सीएम मोहन यादव
  • सामान्य प्रशासन विभाग
  • GAD
  • संविदा कर्मचारी
  • संविदा नीति 2023
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा