संतोष वर्मा कैसे बने IAS? सीएम मोहन यादव ने खुद किया खुलासा
Sanjay Gupta | Feb 26, 2026, 12:31 IST
santosh verma ias promotion controversy cm mohan yadav update
प्रमोटी आईएएस संतोष वर्मा फिर विवादों में हैं। ब्राह्मण पर टिप्पणी के बाद उनकी पुरानी फाइल खुल चुकी है। विधानसभा में सवाल उठे हैं कि वह IAS कैसे बने। सीएम मोहन यादव ने उनके प्रमोशन, कोर्ट के आदेश और जांच पर स्थिति साफ की है।
News in short
- संतोष वर्मा के IAS प्रमोशन पर सवाल उठे हैं।
- उन पर पहले से एक महिला से जुड़ा केस दर्ज था।
- 2020 में कोर्ट के आदेश के आधार पर प्रमोशन मिला था।
- बाद में उस आदेश को फर्जी बताया गया।
- पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
News in detail
कटारे ने संतोष वर्मा पर यह मांगी थी जानकारी
साथ ही पूछा गया था कि साल 2020 में वर्मा कैसे प्रमोट हुए और क्या सर्टिफिकेट लगाए गए थे। यह कूटरचित सर्टिफिकेट थे तो इसमें क्या हुआ था।
कटारे ने बताया था कि इस संबंध में फरियादी ने अप्रैल 2021 में सीएस को शिकायत की थी। साथ ही पूछा कि, आईजी इंदौर से जांच कराई गई तो फिर क्या हुआ था। जब सर्टिफिकेट फर्जी है तो फिर सरकार ने वर्मा पर केस क्यों नहीं कराया।
सीएम ने बताया ऐसे संतोष वर्मा हुए आईएएस
इंदौर आईजी ने 16 अक्टूबर 2020 को इस पर जिला लोक अभियोजन अधिकारी से अभिमत (राय) लिया था। इस अभिमत में दोषमुक्ति आदेश सही होने की बात कही गई थी।
साथ ही, इस आदेश के खिलाफ उच्च कोर्ट में अपील करने का आधार नहीं होने की बात कही गई थी। इसके आधार पर उन्हें आईएएस पर पदोन्नत किया गया और आईएएस अवार्ड हुआ था।
वर्मा को जांच के आधार पर गिरफ्तार किया था
प्रारंभिक जांच के आधार पर 10 जुलाई 2021 को उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें 13 जुलाई 2021 को निलंबित भी किया गया था। अगस्त 2021 में आरोप पत्र देकर विभागीय जांच बैठाई गई थी। इस संबंध में आगे कार्रवाई के लिए केंद्र को पत्र भेजा गया है।
यह है पूरा विवाद
इसमें अक्टूबर 2020 में न्यायाधीश रावत की कोर्ट के दो आदेश सामने आए थे। पहले केस में पीड़िता और वर्मा के खिलाफ राजीनामा की बात थी और दूसरे आदेश में वर्मा को दोषमुक्त बताया गया था।
बाद में न्यायाधीश रावत ने एमजी रोड थाने में अज्ञात पर फर्जी कोर्ट आदेश बनाने का केस दर्ज कराया था। वहीं कोर्ट के अक्टूबर 2020 के आदेश के आधार पर वर्मा प्रमोट होकर आईएएस बन गए थे।
ब्राह्मण पर की गई टिप्पणी के बाद संतोष वर्मा फिर विवादों में आ गए थे। अब उनकी पुरानी फाइल भी सामने आ गई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। वहीं, कोर्ट ने वर्मा को उनके हस्ताक्षर का नमूना देने के आदेश दिए हैं।
इसके पीछे शक है कि वर्मा ने ही फर्जी कोर्ट आदेश तैयार किए हो सकते हैं। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि वर्मा और न्यायाधीश रावत के बीच कई बार बातचीत हुई थी। दोनों के बीच अच्छी जान-पहचान थी। पुलिस मामले की पूरी छानबीन कर रही है।
ये खबर भी पढ़िए...
MP News: IAS संतोष वर्मा को थाने में देना होंगे हस्ताक्षर के नमूने, जिला कोर्ट से आदेश
मध्यप्रदेश: आईएएस कंसोटिया के इशारे पर संतोष वर्मा की साजिश, अजाक्स ने झाड़ा पल्ला
आईएएस संतोष वर्मा केस में बिना केस डायरी बुलाए ही दी टाइपिस्ट नीतू को जमानत, जज का ट्रांसफर
आईएएस संतोष वर्मा केस: दो जज निलंबित, एक जज ट्रांसफर, लोक अभियोजक, कोर्ट बाबू भी उलझे, ऐसे हुआ पूरा कांड
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari