सौरभ शर्मा की दुबई में बंगले का पता नहीं लगा पा रहीं जांच एजेंसियां
Sandeep Kumar | Mar 03, 2025, 23:13 IST
Saurabh-sharma dubai
सौरभ शर्मा ने जांच एजेंसियों के सामने कई बार यह दावा किया है कि उसके पास दुबई में कोई संपत्ति नहीं है और न ही वह काली कमाई में लिप्त है। हालांकि, यह स्थिति जांच एजेंसियों के लिए असमंजस का कारण बन चुकी है।
मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, उसके करीबी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल आय से अधिक संपत्ति मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। तीन मार्च को इनकी हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने तीनों की न्यायिक हिरासत की अवधि को 17 मार्च तक बढ़ा दिया है, ताकि जांच जारी रह सके।
ये खबर भी पढ़िए... BJP इंदौर संगठन की बैठक में परिवहन विभाग का भ्रष्ट आरक्षक सौरभ शर्मा छाया रहा
सौरभ शर्मा ने जांच एजेंसियों के सामने कई बार यह दावा किया है कि उसके पास दुबई में कोई संपत्ति नहीं है, और न ही वह काली कमाई में लिप्त है। हालांकि, यह स्थिति जांच एजेंसियों के लिए असमंजस का कारण बन चुकी है। सौरभ के दुबई जाने की बात भी सामने आई है, लेकिन इस संपत्ति से जुड़ी जानकारी अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।
ये खबर भी पढ़िए... सौरभ शर्मा ने नहीं कबूला आखिर संपत्ति किसकी, तो अब घोषित होगी सरकारी संपत्ति!
सौरभ के दो करीबी, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद भी जांच एजेंसियां किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी हैं। वे अभी तक यह नहीं पता लगा सके हैं कि कार से बरामद 54 किलो सोना और 10 करोड़ की नकदी कहां से आई। यह कार चेतन सिंह की बताई जा रही है, और चेतन के अनुसार, इसका उपयोग सौरभ द्वारा किया जाता था। इस तथ्य की जांच की जा रही है, लेकिन अब तक इसका स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया है।
ये खबर भी पढ़िए... सौरभ शर्मा मामले में IT को मिले पुख्ता सबूत, सेंट्रल जेल में 6 घंटे तक हुई पूछताछ
लोकायुक्त पुलिस को एक डायरी भी बरामद हुई है, जिसमें कई नाम और लेन-देन की जानकारी दर्ज है। यह डायरी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, लेकिन जांच एजेंसियां अभी तक इन नामों से पूछताछ करने में भी असमर्थ रही हैं। इससे जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि वे इन तथ्यों से आगे नहीं बढ़ पाई हैं।
ये खबर भी पढ़िए... झूठे एफिडेविट को लेकर सौरभ शर्मा पर होगी FIR, साथी शरद से IT ने किए घंटों सवाल-जवाब
यह मामला एजेंसियों की जांच पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। महीनों की जांच के बाद भी वे किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके हैं और मामले में नए तथ्यों की पुष्टि भी नहीं हो पाई है। इससे यह संकेत मिलता है कि जांच एजेंसियों के पास जरूरी जानकारी या साक्ष्य का अभाव हो सकता है, जो इस मामले को सुलझाने में मददगार साबित हो सके।
सौरभ के बंगले की खोज में लगी एजेंसियां
सौरभ शर्मा की काली कमाई की जांच के दौरान एजेंसियां उसके दुबई में स्थित 150 करोड़ रुपए के बंगले का पता नहीं लगा पा रही हैं। महीनों की जांच के बावजूद लोकायुक्त पुलिस, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस संपत्ति को लेकर किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं। सौरभ के खिलाफ दर्ज एफआईआर में यह उल्लेख किया गया है कि उसने दुबई में एमआर ग्रुप से बंगला खरीदा था, लेकिन अभी तक इस आरोप की पुष्टि नहीं हो पाई है।
सौरभ की ओर से लगातार इंकार
ये खबर भी पढ़िए... सौरभ शर्मा ने नहीं कबूला आखिर संपत्ति किसकी, तो अब घोषित होगी सरकारी संपत्ति!
चेतन सिंह और शरद जायसवाल पर सवाल
ये खबर भी पढ़िए... सौरभ शर्मा मामले में IT को मिले पुख्ता सबूत, सेंट्रल जेल में 6 घंटे तक हुई पूछताछ
बरामद डायरी और नामों की लिस्ट
ये खबर भी पढ़िए... झूठे एफिडेविट को लेकर सौरभ शर्मा पर होगी FIR, साथी शरद से IT ने किए घंटों सवाल-जवाब
जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल
अशोकनगर जिला अस्पताल में तीसरी बेटी का जन्म बना काल? SNCU में नवजात की गला घोंटकर कर दी हत्या, मां-दादी पर शक
By Aman Vaishnav
Weather Update: मानसून की विदाई के साथ बदला मौसम: राजस्थान में चढ़ा पारा, MP-CG में भी बढ़ी गर्मी
By Amresh Kushwaha
Weather Update: मानसून की विदाई के साथ बदला मौसम: राजस्थान में चढ़ा पारा, MP-CG में भी बढ़ी गर्मी
By Amresh Kushwaha
Weather Update: मानसून की विदाई के साथ बदला मौसम: राजस्थान में चढ़ा पारा, MP-CG में भी बढ़ी गर्मी
By Amresh Kushwaha
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: कलेक्टर-एसपी से मिले आरिफ मसूद फिर अपनी पार्टी के नेताओं पर उठाए सवाल
By Sandeep Kumar
अमित शाह थे तो भोपाल, लेकिन दिल लगा था दिल्ली में, आखिर क्यों कि दो बार पीएम मोदी से बात, प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कैंसिल
By Ramanand Tiwari
एक कचौड़ी दो समोसा नारे पर बोले शिवराज सिंह चौहान, बेटियों को ऐसा नारा लगाने की नौबत क्यों आई
By Sandeep Kumar