7 साल में सौरभ शर्मा की 12 पोस्टिंग, 18 अफसर-कर्मचारियों के साथ किया काम, SC जाएगा विपक्ष
Rohit Sahu | Mar 25, 2025, 09:23 IST
saurabh sharma case mp
पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा के मामले में विधानसभा में जानकारी दी गई है। सौरभ शर्मा ने वीआरएस लेने से पहले 12 अलग-अलग दफ्तरों और चेक पाइंट पर 18 अफसरों और कर्मचारियों के साथ काम किया था।
पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा के मामले (Saurabh Sharma case) में विधानसभा जानकारी दी गई। सौरभ शर्मा ने वीआरएस (वॉलेंट्री रिटायरमेंट) लेने से पहले 12 अलग-अलग दफ्तरों और चेक पाइंट पर 18 अफसरों और कर्मचारियों के साथ काम किया। इसके बाद विपक्ष ने परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की भी तैयारी कर रहा है।
दरअसल यह जानकारी सोमवार को विधानसभा में परिवहन मंत्री ने दी। कांग्रेस विधायक ने सोमवार को फिर ये मुद्दा उठाया था। विधायक महेश परमार ने परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह से जवाब मांगा। उन्होंने काहा कि सौरभ शर्मा की पोस्टिंग कहां-कहां की गई थी? उनकी रिपोर्टिंग किन अधिकारियों के अंतर्गत रही? उनकी नियुक्ति के दौरान प्रदेश में परिवहन आयुक्त कौन-कौन रहे?
विधानसभा (MP vidhansabha) में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान यह भी सवाल उठाया गया कि आखिर इतने सालों तक परिवहन विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार की निगरानी क्यों नहीं हुई? यह स्पष्ट करता है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत के कारण यह भ्रष्टाचार फल-फूल रहा था।
परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने अपने लिखित जवाब में कहा कि पहले परिवहन जांच चौकियों पर स्थायी रूप से तैनात कर्मचारियों द्वारा वाहनों की जांच की जाती थी। लेकिन अब चेकिंग पॉइंट्स का कोई स्थायी स्थान नहीं होता, जिससे गड़बड़ियों पर नजर रखना आसान नहीं होता। उन्होंने आश्वासन दिया कि अवैध वसूली की शिकायतों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें:मध्य प्रदेश विधानसभा में गूंजा संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों का मुद्दा, सरकार ने दिया ये जवाब
यह भी पढ़ें: सौरभ शर्मा के पास नहीं मिली नेताओं के नाम वाली डायरी, मंत्री बोले नहीं कराएंगे CBI जांच
कांग्रेस विधायक दल ने परिवहन चेकपोस्ट पर अवैध वसूली के घोटाले और पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा के भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा की है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि लोकायुक्त के प्रभारी डीजी जयदीप प्रसाद का अचानक तबादला इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार इस मामले को दबाना चाहती है।
बता दें सौरभ शर्मा लोकायुक्त पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के बाद से चर्चा में है। उसके पास से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये कैश बरामद हुआ था।
यह भी पढ़ें: सौरभ शर्मा और उसकी मां पर एफआईआर, झूठा शपथ पत्र देने के मामले में एक्शन
thesootr links
विधानसभा में फिर उठा मुद्दा
12 अलग-अलग दफ्तरों रही पोस्टिंग
परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जवाब दिया कि सौरभ शर्मा ने वीआरएस लेने से पहले 12 अलग-अलग दफ्तरों और चेक पाइंट पर 18 अफसरों और कर्मचारियों के साथ काम किया था। इसमें परिवहन आयुक्त से लेकर प्रधान आरक्षक कैडर तक के कर्मचारी शामिल हैं। सौरभ शर्मा दो बार ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के दफ्तर में पदस्थ रहे। जिनमें से एक बार डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव और दूसरी बार अरविंद सक्सेना के कार्यकाल में हुई।
भ्रष्टाचार पर लगे सवालिया निशान
परिवहन मंत्री ने दिया जवाब
यह भी पढ़ें:मध्य प्रदेश विधानसभा में गूंजा संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों का मुद्दा, सरकार ने दिया ये जवाब
यह भी पढ़ें: सौरभ शर्मा के पास नहीं मिली नेताओं के नाम वाली डायरी, मंत्री बोले नहीं कराएंगे CBI जांच
सुप्रीम कोर्ट जाएगा विपक्ष
बता दें सौरभ शर्मा लोकायुक्त पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के बाद से चर्चा में है। उसके पास से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये कैश बरामद हुआ था।
यह भी पढ़ें: सौरभ शर्मा और उसकी मां पर एफआईआर, झूठा शपथ पत्र देने के मामले में एक्शन
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari