सिवनी में मेस का ठेका दिलाने के नाम पर ठगे पांच करोड़, पैसा शेयर मार्केट में कर दिया बर्बाद

सिवनी के एक व्यक्ति ने सरकारी मेडिकल कॉलेज के नाम पर दुकानों की नीलामी और मेस सप्लाई के नाम पर 4.66 करोड़ की धोखाधड़ी की। आरोपी स्पर्श अग्रवाल ने फर्जी डाक्यूमेंट्स से शिकायतकर्ताओं से राशि वसूली।

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Anjali Dwivedi
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News In Short

  • मेस सप्लाई के नाम पर दो व्यक्तियों से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
  • आरोपी ने सरकारी मेडिकल कॉलेज के नाम पर दुकानों की नीलामी का झूठा भरोसा दिया है।
  • शिकायतकर्ताओं से 4.66 करोड़ की राशि ली और फर्जी डाक्यूमेंट्स का इस्तेमाल किया है।
  • आरोपी ने धनराशि अपने निजी खातों में ट्रांसफर की और शेयर ट्रेडिंग में खर्च कर दी।
  • EOW ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज किया।

News In Detail

SEONI. सिवनी जिले में सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने सिवनी निवासी स्पर्श अग्रवाल उर्फ अंकुर अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

आरोपी पर आरोप है कि उसने कॉलेज में दुकानों की नीलामी और विद्यार्थियों की मेस सप्लाई दिलाने का झूठा भरोसा देकर दो व्यक्तियों से 4 करोड़ 66 लाख 68 हजार रुपए की धोखाधड़ी की।

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कैसे हुआ धोखाधड़ी का मामला?

इस मामले की शुरुआत 25 सितंबर 2025 को हुई, जब शिकायतकर्ताओं सुयश अग्रवाल और राम कुमार सुहाने ने EOW से संपर्क किया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पर्श अग्रवाल ने Government Medical College Seoni के नाम और प्रतिष्ठा का दुरुपयोग करते हुए दुकानों की नीलामी और मेस सप्लाई दिलाने का झूठा भरोसा दिया।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने दोनों शिकायतकर्ताओं से पहले से परिचित है। साथ ही उन्हें विश्वास दिलाया कि वह कॉलेज से ऑथॉरिज्ड है। उसने यह भी कहा कि कॉलेज में दुकानों की नीलामी प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

इसके बाद उसने शिकायतकर्ता सुयश अग्रवाल से दुकानों की नीलामी में हिस्सेदारी के नाम पर 4 करोड़ 21 लाख 65 हजार और राम कुमार सुहाने से मेस सप्लाई के नाम पर 45 लाख 3 हजार प्राप्त किए।

फर्जी डॉक्यूमेंट्स और धोखाधड़ी

जांच के दौरान यह साबित हुआ कि आरोपी ने जो लेटर और डाक्यूमेंट्स दिए थे, वे सभी कूटरचित थे। वह GMC Seoni के नाम से एक निजी बैंक खाता चला रहा था और उसमें जमा की गई राशि को अपने व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर कर लिया। आरोपी ने इन पैसों का उपयोग शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म Zerodha App के माध्यम से किया।

क्या कहते हैं कॉलेज अधिकारी?

Government Medical College, Seoni के डीन ने स्पष्ट किया कि कॉलेज में किसी प्रकार की दुकान नीलामी या खाद्य सप्लाई की कोई आधिकारिक प्रक्रिया नहीं थी। यह सब पूरी तरह से झूठा और फर्जी था।

आगे की कार्रवाई

EOW ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया है। प्रकरण की जांच जारी है और वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

FAQ

स्पर्श अग्रवाल के खिलाफ क्या आरोप हैं?
स्पर्श अग्रवाल पर Government Medical College, Seoni के नाम पर धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप है।
धोखाधड़ी का मुख्य तरीका क्या था?
आरोपी ने झूठा भरोसा दिलाया कि वह कॉलेज प्रशासन से अधिकृत है और दुकानों की नीलामी प्रक्रिया को संचालित करेगा।
जांच में क्या पाया गया?
जांच में यह पाया गया कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और राशि को अपनी निजी फर्म के खाते में स्थानांतरित कर लिया।


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