मेडिकल रिपोर्ट में यौन शोषण की पुष्टि का दावा, शंकराचार्य केस में नया मोड़, पुलिस ने नहीं दिया अधिकृत बयान

प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे यौन शोषण के आरोपों के बीच नाबालिगों की मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि हुई है। हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।

author-image
Neel Tiwari
New Update
Medical report claims confirmation of sexual abuse new twist in Shankaracharya case

Photograph: (the sootr)

News in Short

  • दो नाबालिगों की मेडिकल रिपोर्ट में यौन शोषण की पुष्टि का दावा
  • शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने किया दावा
  • झूंसी थाना पुलिस ने नहीं दिया अधिकृत बयान
  • अग्रिम जमानत याचिका क्रमांक 2198/2026, कोर्ट नंबर 27 में सूचीबद्ध
  • 27 फरवरी को जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच में जमानत पर सुनवाई 

News in Detail

प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों पर दर्ज पॉक्सो प्रकरण में अब एक नया और गंभीर दावा सामने आया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे आरोपों के बीच शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया है कि नाबालिगों की मेडिकल रिपोर्ट में यौन शोषण की पुष्टि हुई है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

मेडिकल रिपोर्ट को लेकर बड़ा दावा

मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से जानकारी सामने आई है कि पीड़ित दोनों नाबालिग बच्चों का बुधवार को मेडिकल परीक्षण कराया गया था और उनकी रिपोर्ट में यौन शोषण की पुष्टि हुई है। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने भी सार्वजनिक रूप से यह दावा किया है कि मेडिकल रिपोर्ट में बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि दर्ज है। बताया जा रहा है कि यह रिपोर्ट अब पुलिस के पास है और जांच में अहम साक्ष्य के रूप में देखी जा रही है। हालांकि इस रिपोर्ट की आधिकारिक पुष्टि अभी तक पुलिस विभाग की ओर से नहीं की गई है।

पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं

इस मामले की अधिकृत जानकारी के लिए द सूत्र ने झूंसी थाना प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश की गई। थाना प्रभारी महेश मिश्र से सीधे बात नहीं हो सकी। उनके ही मोबाइल नंबर पर बात करते हुए उनके स्टाफ ने बताया कि वह इसी प्रकरण को लेकर अदालत में व्यस्त हैं।

स्टाफ की ओर से यह भी कहा गया कि मामला नाबालिगों से जुड़ा है, इसलिए जांच के स्तर पर किसी भी प्रकार की जानकारी साझा नहीं की जा सकती। फिलहाल पुलिस की ओर से मेडिकल रिपोर्ट या जांच की स्थिति को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

27 फरवरी को हाईकोर्ट में सुनवाई

गिरफ्तारी की आशंका के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका क्रमांक 2198/2026 कोर्ट नंबर 27 में सीरियल नंबर 142 पर सूचीबद्ध है। इस याचिका पर शुक्रवार 27 फरवरी को जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच में सुनवाई प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि सुनवाई के दौरान पुलिस अदालत में मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकती है।

अग्रिम जमानत निरस्त होने पर हो सकती है गिरफ्तारी

यदि हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत नहीं मिलती है तो पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई और गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट के दावों के बीच यह सुनवाई इस पूरे मामले की दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है। आपको बता दें कि इसके पहले पॉक्सो कोर्ट के आदेश में यह सामने आ चुका है कि कोर्ट के निर्देश के बाद आयुक्त प्रयागराज ने जो जांच की थी। उसमें नाबालिगाें के बयान और फोन लोकेशन रिकॉर्ड के आधार पर मामला संज्ञेय पाया गया था।

क्या था पूरा मामला?

प्रयागराज में पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में अपराध क्रमांक 58/2025 दर्ज किया गया था, जिसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ दो नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

यह  खबरें भी पढ़ें...

पॉक्सो केस में घिरे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल

यौन शोषण का आरोप: अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, मैं भाग नहीं रहा

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने की मुस्लिम विधायक की तारीफ, जानें क्या है वजह

अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का गंभीर आरोप, FIR दर्ज करने के निर्देश

यौन शोषण अग्रिम जमानत याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रयागराज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
Advertisment