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JABALPUR. एमपी हाईकोर्ट ने सीधी कलेक्टर आईएएस स्वरोचिष सोमवंशी पर 10000 रुपए का व्यक्तिगत जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने यह कार्रवाई पूर्व आदेश का पालन न होने पर की है। कलेक्टर ने समय पर स्पष्ट जवाब पेश नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि जुर्माना जमा होने तक जवाब स्वीकार नहीं होगा।
कोर्ट का सख्त रुख
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि कलेक्टर के उत्तर में महत्वपूर्ण बिंदु गायब था। भूमि अधिग्रहण से जुड़े दूसरे अवॉर्ड आदेश का उल्लेख नहीं था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए हाईकोर्ट ने कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया।
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कलेक्टर की पेशी और माफी भी नहीं बचा सकी
हाईकोर्ट के निर्देश पर कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। जस्टिस मिश्रा ने इस रवैये को अनुचित बताया। उन्होंने माफी स्वीकार की। लेकिन कोर्ट ने कलेक्टर पर जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने सख्त निर्देश दिए कि कलेक्टर जुर्माना समय पर जमा करें। भूमि अधिग्रहण के दूसरे अवॉर्ड आदेश पर विस्तृत जवाब शपथ पत्र के साथ पेश करें।
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3 पॉइंट्स में समझें पूरी स्टोरी👉 मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी पर 10,000 रुपए का व्यक्तिगत जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कलेक्टर द्वारा पूर्व आदेश का पालन न करने पर की गई। 👉 हाईकोर्ट ने पाया कि कलेक्टर के उत्तर में महत्वपूर्ण बिंदु गायब थे। विशेष रूप से भूमि अधिग्रहण से जुड़े अन्य आदेश का उल्लेख नहीं था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कोर्ट ने कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया। 👉 कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। जस्टिस मिश्रा ने इसे अनुचित माना। माफी स्वीकार करने के बावजूद कलेक्टर पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया। |
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याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप
याचिका सीधी निवासी सीता सिंह ने दायर की है। आरोप है कि भूमि अधिग्रहण में मुआवजा 1 करोड़ 10 लाख 52 हजार रुपए तय हुआ था। लेकिन, बाद में नया आदेश जारी कर मुआवजा घटाकर 5 लाख 40 हजार रुपए कर दिया गया। इस विसंगति पर हाईकोर्ट ने कलेक्टर से शपथ-पत्र आधारित उत्तर मांगा था। कलेक्टर ने उत्तर समय पर और सही ढंग से नहीं प्रस्तुत किया।
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